Versuchen GOLD - Frei
बौद्ध स्तूपों और यूनानी सभ्यता से हिंदू मंदिरों का क्या है नाता?
Dainik Bhaskar Singrouli
|September 28, 2025
पिछले सप्ताह के लेख में हमने हिंदू धर्म में मंदिरों की उत्पत्ति पर चर्चा की थी। आइए इस लेख में उसी चर्चा को आगे बढ़ाते हैं।
यूनानियों के आने से पहले यानी लगभग 500 ईसा पूर्व तक भारत में एक बड़ा बौद्धिक बदलाव हो चुका था। बौद्ध और जैन जैसे संन्यासी धर्म वैदिक आर्यों के यज्ञ और कर्मकांड को अस्वीकार कर उसकी जगह व्यक्तिगत चिंतन और ध्यान को अधिक महत्व देने लगे थे।
भारत में मूर्तिपूजा की शुरुआत में भी बौद्ध धर्म का बड़ा योगदान रहा। बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अनुयायी उनके दांत, केश और अन्य अवशेष अपने साथ ले गए। उन दिनों अवशेषों को नदी में प्रवाहित करने की प्रथा थी, लेकिन बुद्ध के अवशेषों को मिट्टी के टीलों के नीचे रखकर उनके ऊपर छतरियां बना दी गईं। इन्हें स्तूप कहा गया और लोग उनकी परिक्रमा और उपासना करने लगे। माना जाता है कि आज मंदिरों में देवता की प्रदक्षिणा करने की प्रथा इन्हीं स्तूपों की परिक्रमा से उत्पन्न हुई। समय के साथ मिट्टी के टीले और छतरी की जगह पत्थर की संरचनाएं बनने लगीं, जिन पर विस्तृत नक्काशी की जाती थी। संभवतः यह यूनानी प्रभाव का परिणाम था। सांची का आलंकारिक स्तूप इसका प्रमुख उदाहरण है, जो बाड़े और प्रवेशद्वार से घिरा हुआ है और जिन पर विभिन्न मिथकीय जीवों की नक्काशी मिलती है। आगे चलकर बुद्ध के काल से लगभग 500 वर्ष बाद यूनानी प्रभाव के कारण स्तूपों पर बुद्ध
Diese Geschichte stammt aus der September 28, 2025-Ausgabe von Dainik Bhaskar Singrouli.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Dainik Bhaskar Singrouli
Dainik Bhaskar Singrouli
बच्चो, मैं बताता हूं क्यों आते हैं भूकंप
कौशिका: दादाजी, ये भूकम्प आखिर आता कैसे है?
1 mins
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
करेले के इन हेल्दी लड्डू में स्वाद भी मिलेगा मजेदार
डायबिटीज के मरीजों को आमतौर पर मीठे से परहेज करने की सलाह दी जाती है। लेकिन करेला, खजूर और दूध के पौष्टिक मिश्रण से तैयार यह अनोखा लड्डू न केवल ऐसे मरीजों के लिए स्वास्थ्यवर्धक है, बल्कि स्वाद में बेहद लजीज भी।
1 min
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
मन मुताबिक न हो तो डरें नहीं, जिंदगी आपको वो देगी जिसकी ज्यादा जरूरत है
मैं आज जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि मैंने एक लंबा सफर बहुत तेज रफ्तार से तय किया।
2 mins
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
सीखने की मानसिकता अपनाएं
जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने के लिए बड़े फैसले लेना जरूरी नहीं। छोटे प्रयोग ही सही दिशा दिखाते हैं।
1 mins
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
प्राचीन भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है लैंगिक विविधता
महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में भीष्म ने शिखण्डी से युद्ध करने से इनकार कर दिया था। उनके अनुसार, चूंकि शिखण्डी का जन्म स्त्री के रूप में हुआ था, इसलिए वह स्त्री ही था।
2 mins
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
ईरान का बहरीन में अमेरिकी नौसेना बेस पर ड्रोन हमला
होर्मुज में 1 और जहाज पर हमला, 4 दिन में दूसरी बार
1 min
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
अजेय ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती आज सेमीफाइनल का टिकट दांव पर
महिला टी20 वर्ल्ड कप • शाम 7 बजे से भारत Vs ऑस्ट्रेलिया
1 min
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
लस्सी-छाछ से कोल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में चौगुनी ग्रोथ
भास्कर रिसर्च बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार
1 min
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
एसएफ यू: सिलिकॉन वैली में बना क्रिकेट का एडवांस एआई टूल आईपीएल में रोहित, गिल वहीं कैच हुए जहां इस मॉडल ने बताया
खेल के मानवीय पहलुओं को समझने के लिए अब अश्विन की मदद ले रहा मॉडल
2 mins
June 28, 2026
Dainik Bhaskar Singrouli
जिनसे गुजरकर मंजिल तक पहुंचते, याद रहते हैं वे पड़ाव?
पेड़ों को अपने पुराने वसंत और पतझड़ याद नहीं रहते। हम अपने मौसम जीने से ज्यादा याद रखते हैं। मौसम बाहर से ज्यादा भीतर बीतते हैं।
2 mins
June 28, 2026
Listen
Translate
Change font size
