Versuchen GOLD - Frei
पंचायतों के फरमान पर परंपरा बनाम अधिकार की टकराती बहस
Aaj Samaaj
|January 07, 2026
राजस्थान के जालोर जिले की सुधामाता पट्टी में चौधरी समाज की पंचायत ने जब 15 गांवों की बहू-बेटियों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फरमान जारी किया, जिसे 26 जनवरी 2026 से लागू किया जाना था। लेकिन पंचायत के फैसले के साथ ही पूरे प्रदेश में एक नई बहस छिड़ गई। पंचायत के आदेश को महिला विरोधी माना जा रहा था। इस फैसले में महिलाओं को न केवल घर से बाहर मोबाइल ले जाने से रोका गया
-
देश के अलग-अलग हिस्सों में पंचायतों और खापों की ओर से समाजहित के नाम पर जारी किए जा रहे फरमान एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गए हैं। कोई इन्हें परंपरा, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की रक्षा का प्रयास मान रहा है, तो कोई इन्हें महिलाओं और युवाओं की आजादी पर सीधा हमला बता रहा है। हाल ही में राजस्थान के जालोर और उत्तर प्रदेश के बागपत से सामने आए दो मामले इस टकराव की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं। हालांकि पंचायतों द्वारा सामाजिक निर्देश जारी करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार लिए गए फैसलों का केंद्र बच्चों का भविष्य, शिक्षा और संस्कार बताए जा रहे हैं, जिसने बहस को और गहरा कर दिया है। हाल ही में राजस्थान के जालोर जिले की सुधामाता पट्टी में चौधरी समाज की पंचायत ने जब 15 गांवों की बहू- बेटियों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फरमान जारी किया, जिसे 26 जनवरी 2026 से लागू किया जाना था। लेकिन पंचायत के फैसले के साथ ही पूरे प्रदेश में एक नई बहस छिड़ गई। पंचायत के आदेश को महिला विरोधी माना जा रहा था। इस फैसले में महिलाओं को न केवल घर से बाहर मोबाइल ले जाने से रोका गया, बल्कि सार्वजनिक समारोहों, शादियों और यहां तक कि पड़ोसी के घर जाते समय भी स्मार्ट फोन साथ रखने पर पाबंदी लगा दी गई। महिलाओं को केवल सामान्य की-पैड फोन (बातचीत के लिए) इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। यह फरमान सामने आते ही महिला संगठनों, सामाजिक कार्यकताओं और शहरी वर्ग ने इसे महिलाओं की स्वतंत्रता और आधुनिक जीवनशैली पर सीधा हमला बताया। दूसरी ओर पंचायत से जुड़े लोगों का कहना था कि यह निर्णय महिलाओं को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों और परिवारों को मोबाइल की लत से बचाने के उद्देश्य से लिया गया था। पंचायत के सदस्यों कहना है कि यह निर्णय महिलाओं की शिकायत के आधार पर लिया गया था, जिसमें कहा गया था कि बच्चे स्कूल से आने के बाद अत्यधिक समय मोबाइल पर बिताते हैं, जिससे उन
Diese Geschichte stammt aus der January 07, 2026-Ausgabe von Aaj Samaaj.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Aaj Samaaj
Aaj Samaaj
टैरिफ के दबाव में आत्मनिर्भरता ही बनेगी विकास की नींव
पीएम के प्रधान सचिव और आरबीआई के पूर्व गर्वनर ने बताया कैसे आगे बढ़ेगा देश
2 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
नपा कर्मचारी संघ, फायर विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल से की वार्ता
कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नरेश कुमार शास्त्री ने किया
2 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
पांच करोड़ की चोरी मामले में फंसी आरटीओ की भतीजी की कहानी
बॉयफ्रेंड को गिफ्ट की 25 लाख की कार
2 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
बुंदेलखंड से दिल्ली यमुना यात्रा निकालेंगी जल सहेलियां
जल संरक्षण के काम में लगी बुंदेलखंड की जल सहेलियां अब यमुना यात्रा पर निकलेंगी।
1 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
सरकार, समाज और कोर्ट की प्राथमिकता कुत्ते या सामान्य नागरिकों का हित?
पशुओं के कारण हो रही समस्या गंभीर होने से अदालतों के सामने पहुंच गई हैं।
5 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
बठिंडा को 90 करोड़ रुपए के बुनियादी ढांचे के कार्यों की सौगात
मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज जनता को समर्पित, जनता नगर आरओबी को मिली मंजूरी
2 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
हमें देश का बदला लेना होगा : अजीत डोभाल
बोले- हमने नहीं तोड़े किसी के मंदिर
1 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
अंकिता हत्याकांड की जांच ईमानदारी से हुई तो दिल्ली तक आएगी आंच
राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा की फिर आंदोलन समाप्त हुआ। इस बीच नस्लवाद की घटना ने शांत प्रदेश की छवि पर बड़ा असर डाला। त्रिपुरा के एक युवक एंजेल चकमा की हत्या ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। अंकिता भंडारी हत्याकांड आंदोलन ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में लिया हुआ है। राज्य के बाहर दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल यूं कह सकते हैं
4 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
भारतीय राजनीति के अमूल्य रत्न थे लाल बहादुर शास्त्री
ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले लाल बहादुर शास्त्री नैतिकता की मिसाल थे। जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, तब उन्हें सरकारी आवास के साथ इंपाला शेवरले कार भी मिली थी लेकिन उसका उपयोग वे बेहद कम किया करते थे। किसी राजकीय अतिथि के आने पर ही वह गाड़ी निकाली जाती थी। एक बार शास्त्री जी के बेटे सुनील शास्त्री किसी निजी कार्य के लिए यही सरकारी कार उनसे बगैर पूछे ले गए
3 mins
January 11, 2026
Aaj Samaaj
ओडिशा में 9 सीटर विमान क्रैशःपायलट ने MAYDA कॉल किया, खुले मैदान में फोर्स लैंडिंग कराई; हादसे में 4 यात्री-2 पायलट घायल
ओडिशा के राउरकेला में इंडिया वन एयर के 9 सीटर विमान की तकनीकी खराबी के बाद फोर्स लैंडिंग हुई।
2 mins
January 11, 2026
Listen
Translate
Change font size
