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हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए विदेशी ऐक्ट्रेसेस के संघर्ष

Sarita

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February First 2024

बौलीवुड में सफल अभिनेत्री बनना आसान काम नहीं जबकि वे ऐक्ट्रैस विदेशी हों और हिंदी भाषा का ज्ञान न हो लेकिन इन बातों के बावजूद कई अभिनेत्रियों ने अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है.

- सोमा घोष

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए विदेशी ऐक्ट्रेसेस के संघर्ष

किसी कलाकार को सफल देखने और उस की ग्लैमरस लाइफ को देख कर मन में उस की तरह ही जीने की इच्छा होती है. यही वजह है कि बौलीवुड में लाखों लोग ऐक्ट्रैस बनने का सपना ले कर देशविदेश से बिना सोचेसमझे चले आते हैं. उन के यहां तक पहुंचने के स्ट्रगल के बारे में कोई ध्यान नहीं देता. हर ऐक्ट्रैस के लिए बौलीवुड में जगह बनाना आसान नहीं होता. किसी भी कलाकार को सब से पहले उस के लुक, बातचीत के तरीके, भाषा का ज्ञान आदि ऐसी कई बातें हैं जिन से उसे गुजरना पड़ता है.

आज भले ही कलाकारों के लाखोंकरोड़ों फैन हों, लेकिन जब वे इंडस्ट्री में अपने कदम जमाने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें अपने लुक और हिंदी भाषा की जानकारी न होने के कारण काफी संघर्ष व उपहास का पात्र बनना पड़ा. आइए जानें विदेशी हीरोइनों ने किस तरह से इसे फेस किया और आगे बढ़ीं.

सनी लियोनी

सब से अधिक संघर्ष पोर्नस्टार सनी लियोनी को करना पड़ा. आज सनी लियोनी एक सफल मुकाम पर हैं. उन्हें हिंदी बोलना आता है. उन्होंने हिंदी फिल्मों के तौरतरीकों को सीख लिया है. शुरुआत में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है, "मैं पहली बार केवल 2 हफ्ते के लिए मुंबई आई थी और वापस लौस एंजिलिस चले जाने की बात सोची थी. लेकिन आज मैं कई फिल्में कर चुकी हूं और कई ब्रैंड्स एंडौर्स करती हूं.

"खुद को इंडस्ट्री में जमाना आसान नहीं था. पुराने दिनों को याद करें तो हर दिन सुबह उठ कर प्रोफैशनल की तरह होंठों पर स्माइल लिए प्रोडक्शन हाउस के चक्कर लगाना, हमेशा खुश रहने की ऐक्टिंग करना, जो भी काम मिले उसी को कर लेना, इसी से मुझे स्थापित करने का मौका मिलता गया.

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