Versuchen GOLD - Frei

पतंजलि के विज्ञापनों को लेकर सुको को एतराज

Open Eye News

|

April 2024

पतंजलि आयुर्वेद के विज्ञापनों की तार्किकता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जारी कानूनी लड़ाई ने अनेकानेक कारणों से काफी जिज्ञासा जगाई है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पतंजलि के कर्ता-धर्ताओं बाबा रामदेव और बालकृष्ण को अदालत की अवमानना के लिए निजी तौर पर पेश होकर बार-बार माफी मांगने पर जोर देना अभूतपूर्व है।

- दिनेश सी. शर्मा

पतंजलि के विज्ञापनों को लेकर सुको को एतराज

इस मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है लेकिन अब तक हुई सुनवाई से तमाम संबंधित पक्ष यानी दवा निर्माता, नियामक, सरकार और सबसे ऊपर, उपभोक्ता के लिए कई अहम सबक सीखने को हैं। इस मामले के केंद्र में है दवा एवं जादुई उपचार (एतराज योग्य विज्ञापन) कानून 1954, दवा एवं प्रसाधन कानून 1940 और तत्पश्चात 1945 में बनाए नियम 1954 में बना कानून कुछ दवाओं के विज्ञापन पर रोक लगाता है और कुछ स्थितियों में दवाओं का प्रचार कैसे किया जाए, इसको नियंत्रित करता है। जिन रोगों के इलाज को लेकर विज्ञापन देने पर रोक है उनमें कैंसर, मधुमेह, बच्चा न होना, एड्स, मोटापा, समय पूर्व बुढ़ापा, अंधता इत्यादि हैं। यह कानून विशेष तौर पर उन भ्रामक विज्ञापनों के लिए है जिनमें रोग को ठीक करने हेतु चमत्कारी इलाज या किसी दवा की प्रभावशीलता को लेकर झूठे अथवा बढ़ा-चढ़ाकर किए दावे हों। यह कानून केंद्र सरकार को इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की शक्ति प्रदान करता है। भारत में दवाएं, प्रसाधन, मेडिकल उपकरण और अन्य संबंधित उत्पादों का उत्पादन, वितरण और बिक्री के लिए 1940 का कानून और इसके अंतर्गत बनाए गए नियम, मुख्य प्रावधान हैं। पतंजलि का अपने अनेकानेक जड़ी-बूटी आधारित उत्पादों के बारे में दावा है कि इनसे रोग पूरी तरह 'ठीक' हो जाते हैं, इनमें डायबिटीज, थायरॉयड समस्या और यहां तक कि कैंसर भी शामिल है। कोविड- 19 महामारी के दौरान, इसने कोरोनिल नामक उत्पाद जारी किया और कोविड 'ठीक' करने का दावा किया। इस उत्पाद की लॉन्चिंग में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी उपस्थित थे। जब इसकी प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठे तो मार्किटिंग पैंतरे के तहत दावे को 'उपचार' से 'प्रबंधन' बताना शुरू कर दिया। अनेकानेक रोगों को ठीक करने का दावा करते अपने विज्ञापनों में पतंजलि संस्थान इलाज की आधुनिक मेडिकल व्यवस्था को निशाना बनाने लगा। यह कहकर कि उसके पास ठीक करने वाला कोई इलाज नहीं है। इसने न केवल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को असहज किया बल्कि भारतीय मेडिकल संगठन (आईएमए) को भी। इ

WEITERE GESCHICHTEN VON Open Eye News

Open Eye News

Open Eye News

बुलडोजर कार्रवाई में अहम है 'सुप्रीम' आदेश

भारतीय राजनीति का स्वरूप अब बदल चुका है।

time to read

4 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

औद्योगिक क्षेत्र से श्रमिकों का कृषि की ओर बढ़ता रुझान

शहरों में जाकर काम करने वाले भारत के लोग बड़ी संख्या में अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं।

time to read

4 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

रोजगार और निवेश से संपन्न, समृद्ध, स्वावलंबी बनता मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश को सम्पन्न, समृद्ध, स्वावलंबी और सक्षम राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जोर शोर से जुटे हुए हैं।

time to read

4 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

मुफ्त की रेवड़ियों ने सरकारों की कर दी वापसी

देश के मतदाता लगता है, मुफ्त की रेवड़ियों के लालच में मतदान करने लगे हैं। इसी का परिणाम है कि महाराष्ट्र और झारखंड में सत्ताएं बरकरार रही हैं।

time to read

4 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

आखिर अडानी के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़े हुए हैं अमेरिकी ?

बता दें कि यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस ने अदाणी पर भारत में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपए से ज्यादा) की रिश्वत देने का आरोप लगाया है,जो एक गम्भीर बात है।

time to read

5 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

झारखंड में अमित शाह के ऐलान के मायने

1981 के जनगणना में आदिवासियों की आबादी में मामूली बढ़त देखी गई।

time to read

5 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

चुनाव आयोग को सजग सतर्क रहने की जरूरत

चुनाव प्रचार के दौरान भाषाई स्तर, नेताओं की भंगिमा और राजनीतिक जुमलों के प्रयोग ने मतदाताओं में चिन्ता पैदा की है।

time to read

3 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

फुड सेफ्टी डिसप्ले बोर्ड संबंधी दिशा निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन

खाद्य अधिकारी मानते हैं कि ये एक्ट नहीं है

time to read

3 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

20 लिटर जार में बिकने वाला पानी अमानक

पूरे देश में हट रोज 20 लिटर के जार में पेयजल खुले तौर पर बेचा जा रहा है जिसे आर.ओ. वॉटर के रूप में बेचा जाता है।

time to read

4 mins

November 2024

Open Eye News

Open Eye News

डबल इंजन की सरकार में तेज रफ्तार से चल रही है छत्तीसगढ़ में विकास की रेल-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में अब तेज रफ्तार से विकास की रेल चल रही है।

time to read

3 mins

November 2024

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size