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संस्थान जो शीर्ष से कभी हटा ही नहीं

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August 13, 2025

एम्स अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं, उत्कृष्ट फैकल्टी और भारी संख्या में मरीजों की आवक से मिलने वाले अनुभव की वजह से सबका पसंदीदा बना हुआ है.और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नवीनतम तकनीक को अपनाने के लिहाज से भी वह पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों की पहली पसंद बना

- सोनाली आचार्जी

संस्थान जो शीर्ष से कभी हटा ही नहीं

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की परिकल्पना एक ऐसे उत्कृष्ट संस्थान के रूप में की गई थी जो नए भारत की आशाओं को साकार करता हो और संस्थान उस नजरिए पर खरा उतरा है. 1956 में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में स्थापित इसकी परिकल्पना तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर की अगुआई में इसने आकार लिया. दशकों से दिल्ली स्थित एम्स भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थान के रूप में उभरा है जो अपने अत्याधुनिक अनुसंधान, रोगियों की भारी संख्या और इलाज की विशिष्ट सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है. यहां से अगर एमबीबीएस की डिग्री लेना बहुत प्रतिष्ठा की बात है तो पीजी डिग्री और भी प्रतिष्ठित है. एम्स दिल्ली में पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा के भारत में चिकित्सा प्रशिक्षण में अद्वितीय माना जाता है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, क्लिनिकल अनुभव और अनुसंधान के अवसरों का बेजोड़ अनुभव होती है.

imageयह संस्थान एमडी/एमएस/डीएम/एमसीएच कोर्सेज में दाखिले के लिए देश के प्रतिभाशाली छात्रों को आकर्षित करता है और यह दाखिला बेहद प्रतिस्पर्धी आइएनआइ-सीईटी परीक्षा के माध्यम से मिलता है. परीक्षा में हर वर्ष 50,000 एमबीबीएस और 25,000 डेंटल स्नातक शामिल होते हैं. फिर भी एक प्रतिशत से भी कम छात्रों को सीट मिल पाती है. दक्षिण दिल्ली के अंसारी नगर में विशाल और हरे-भरे परिसर में फैला यह संस्थान विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करता है जो पेशेवर और व्यक्तिगत विकास दोनों को बढ़ावा देती हैं.

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