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छोटी कारें बड़ी मुश्किल
India Today Hindi
|June 25, 2025
सुरक्षा और उत्सर्जन संबंधी नियम हुए सख्त. इसके चलते लागत में हुआ इजाफा. दूसरी ओर एसयूवी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. ऐसे में छोटी कारों की बिक्री को बड़ा सदमा पहुंचना ही था. इस सेगमेंट में जान डालने को कार निर्माता अब करों में छूट की लगा रहे गुहार
कभी मध्य वर्ग की सवारी और सामूहिक आकांक्षा का प्रतीक रहीं छोटी कारें अब भारतीय सड़कों से तेजी से गायब हो रही हैं. 5 लाख रुपए से कम कीमत की एंट्री-लेवल (सस्ती) कारों की बिक्री वित्त वर्ष 2025 में घटकर सिर्फ 25,402 रह गई जबकि वित्त वर्ष 2016 में ऐसी करीब दस लाख गाड़ियां बिकी थीं. कारों की कुल बिक्री में हैचबैक की हिस्सेदारी 2020 में 47 प्रतिशत थी जो 2024 में घटकर 24 प्रतिशत यानी लगभग आधी रह गई है. भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की हैचबैक की बिक्री 2020 में 7,71,478 से घटकर 2024 में 7,30,766 रह गई. 2025 में भी गिरावट जारी रही और कंपनी के मिनी सेगमेंट (ऑल्टो और एस-प्रेसो) की बिक्री में मई के दौरान सालाना आधार पर 31.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. पिछले साल मई में उसकी ऐसी 9,902 कारें बिकीं थीं जो इस वर्ष मई में घटकर 6,776 रह गईं. छोटी कारों की दूसरी सबसे बड़ी निर्माता हुंडई मोटर इंडिया की हैचबैक कारों की बिक्री में भी गिरावट आई है—2020 में 1,92,080 गाड़ियों से घटकर 2024 में यह 124,082 वाहन रह गई.
इससे वाहन निर्माता चिंतित हो गए. मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग और सेल्स) पार्थो बनर्जी ने 2 जून को मीडिया से बातचीत में कहा, “कहीं न कहीं सरकार को यह समझना होगा कि अगर वह ऑटो उद्योग की वृद्धि चाहती है तो उसे देखना होगा कि समस्या कहां है और छोटी कारों की बिक्री कैसे बढ़ाई जाए.” वे कहते हैं, “कुछ प्रोत्साहनों की जरूरत है ताकि जो ग्राहक कार खरीदने में समर्थ नहीं है, उसे प्रोत्साहन मिले जिससे वह दोपहिया से चार पहिया का रुख कर सके.” 2024 में मारुति सुजुकी की कुल कार बिक्री में हैचबैक का हिस्सा 40 प्रतिशत था. कंपनी के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने इंडिया टुडे को बताया कि 2018 तक छोटी कारों की बढ़िया बिक्री हो रही थी. “लेकिन अब कार बाजार का एक बड़ा हिस्सा नहीं बढ़ रहा है. ऑटो सेक्टर की समग्र वृद्धि तभी होती है जब सभी सेगमेंट बढ़ते हैं." उन्हें चिंता है कि अगर इस मसले को हल करने के लिए कुछ नहीं किया गया तो छोटी कारों की बिक्री में गिरावट होती रहेगी और वाहन निर्माताओं को भारी नुक्सान होगा.Diese Geschichte stammt aus der June 25, 2025-Ausgabe von India Today Hindi.
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