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मानसून में बच्चे के स्वास्थ्य का रखें ख्याल
Sadhana Path
|August 2025
बारिश के मौसम में छोटे बच्चों को इन्फेक्शन का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम बड़ों की अपेक्षा बहुत कमज़ोर होता है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी, दस्त आदि जैसी बीमारियां बहुत ही जल्दी लग जाती हैं।
बारिश का मौसम गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन साथ ही हवा में नमी की मात्रा भी बढ़ा देता है। तापमान में एकदम गिरावट आने की वजह से आराम तो मिलता है, लेकिन बढ़ी नमी के कारण जलन, बैक्टीरिया एलर्जी, फंगस इन्फेक्शन और रैशेस जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस उम्र में बच्चों की इम्यूनिटी और शक्ति बहुत कमजोर होती है। नवजात शिशु सबसे अधिक इन बीमारियों को कैच करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए खास तैयारी की जानी चाहिए, ताकि हवा में नमी के कारण उन्हें इन्फेक्शन न हो। निम्न कुछ ऐसे स्टेप्स हैं, जिनसे आप अपने नवजात शिशु को मानसून में होने वाले इन्फेक्शन से बचा सकते हैं।
मानसून से पहले जांचें
आपको अपने घर के दरवाज़ों और खिड़कियों को चेक करना चाहिए कि उनमें से कहीं पानी लीक न कर रहा हो और साथ ही इस मौसम में होने वाली सभी अन्य समस्याओं का भी पहले ही ख्याल रखें। आपको अपनी यह आदत बना लेनी चाहिए कि हर बार इस मौसम के आने से पहले आप अपने घर और घर के कोनों को अच्छे से चेक करें ताकि आपको पता चल सके कि कहीं किसी प्रकार की फंगस तो पैदा नहीं हो रही।
ईको-फ्रेंडली उत्पादों के बारे में सोचें
अपने बच्चों को कीटाणुओं से मुक्त रखने के लिए आप पानी और प्लास्टिक की जगह ईको फ्रेंडली वेट वाइप्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ईको फ्रेंडली वाइप्स 100त्न पेड़ की छाल से बने होते हैं और यह लैब में भी टेस्ट किए जाते हैं, जो बच्चों की त्वचा के लिए मुलायम रहते हैं।
वातावरण को साफ़ रखें
Diese Geschichte stammt aus der August 2025-Ausgabe von Sadhana Path.
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