Versuchen GOLD - Frei

सपनों का मनोविज्ञान

Sadhana Path

|

June 2025

प्रत्येक मनुष्य जब नींद के आगोश में समाता है तो वह सपनों की अद्भुत और रहस्यमयी दुनिया में विचरण करने लगता है। सपनों के इस संसार को और करीब से जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

- - विजय

सपनों का मनोविज्ञान

स्वप्न किसी न किसी दमित इच्छा का परिणाम है, जो अपनी पूर्ति के लिए व्याकुल रहती हैं। फ्रॉयड का सबसे अधिक विचित्र विचार यह भी है कि दमित वासना मूलतः यौन कामना होती है तथा सपनों में इस वासना को प्रत्यक्ष रूप में अथवा प्रतीकों के माध्यम से तृप्त करते हैं।

लेकिन फ्रॉयड का कथन अंतिम सत्य नहीं है। स्वयं उनके शिष्य कार्ल गुस्ताव जुंग ने इस सिद्धांत का खंडन करते हुए कहा है स्वप्न ब्रह्मांड की पराचेतना के उन बिंबों का प्रतिबिंब है, जो व्यक्ति की अनुभूति की पकड़ में आ जाते हैं। रहस्यमय स्वप्न कभी-कभी ऐसे आश्चर्यजनक तथ्य सामने रखते हैं, जिन्हें देख कर मनुष्य की बुद्धि भी चकरा जाती है।

भारतीय धर्म ग्रंथों में भी स्वप्न जगत का विशद उल्लेख हुआ है, यथाः

य एव स्वप्ने महीयमानश्चरव्येव आत्मेति।

तद्यचेतत् सुप्तः समस्तः संप्रसन्नः स्वप्नं न विजानात्येष आत्मेति॥

अर्थात्, स्वप्न में जो अपने गौरव के साथ व्यक्त होता है, वह आत्मा है। प्रगाढ़ निद्रा में आनंदित होता हुआ जो उस स्वप्न से भी बढ़ कर शाश्वत है, उसका कभी अंत नहीं होता।

स्वप्न भविष्य का ज्ञान तो कराते ही हैं, दूर अतीत में भी ले जाते हैं। यही नहीं, विज्ञान की अनेक महत्त्वपूर्ण खोजें भी सपनों के माध्यम से ही हुई हैं।

यूनान एवं पश्चिमी देशों में भी एक समय ऐसा था, जब 'स्वप्न विचारकों' के बिना कोई भी अभियान या आयोजन की कल्पना नहीं की जा सकती थी। जब सिकंदर महान विश्वविजयी यात्रा के अभियान पर निकला, तो कई 'स्वप्न विचारक' उसके साथ थे। प्रसिद्ध दार्शनिक और सिकंदर के गुरु अरस्तु भी सपनों की त्रिकालदर्शिता पर विश्वास करते थे। जब वह मिस्र विजय करने निकला तो उसे कड़े प्रतिशोध का सामना करना पड़ा। फिर एक रात्रि को सिकंदर ने स्वप्न देखा कि मिस्र की राजधानी काहिरा पर उसका अधिकार हो गया है। उसने स्वप्न की यह बात स्वप्न विचारकों को बतलाई, तो उन्होंने कहा कि यह स्वप्न उसकी विजय होने का सूचक है। एक रात्रि को उसने वन देवता को नृत्य करते हुए भी देखा, तो उसका दृढ़ विश्वास हो गया कि उसकी जीत होगी।

WEITERE GESCHICHTEN VON Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

ओशो शब्दों के सम्राट हैं

पहली बात तो ओशो एक विचारक हैं, महान विचारक। जो किसी धर्म से नहीं विचारों से जुड़ा रहा। विचारों से जुड़ने का मतलब है सत्य से जुड़ना। जो सत्य से जुड़ता है सब उसके दुश्मन हो जाते हैं, यही कारण था कि ओशो के इतने दुश्मन पैदा हुए। ओशो के साथ बस एक दिक्कत रही कि 99 प्रतिशत वह लोग उनके खिलाफ रहे जिन्होंने उन्हें न कभी सुना है, न ही कभी पढ़ा है।

time to read

3 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

अद्भुत बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति

मेरी दृष्टि में ओशो अपने समय के सबसे ज्यादा बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति थे जिनमें ज्ञान और विज्ञान को अपने तर्कों के माध्यम से प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता थी। आप उनसे सहमत हो या न हो वो अलग बात है। मेरी नजर में उन जैसा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।

time to read

1 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

काल की शिला पर अमिट हस्ताक्षर हैं ओशो

जब हम किसी भी व्यक्तित्व के बारे में सोचते हैं तो विचारों में सबसे पहले उसकी आकृति उभरती है। ऐसे ही ओशो के बारे में सोचते ही एक चित्र उभरता है, ओशो की घनी दाढ़ी, उन्नत भाल, समुद्र सी गहराई और बाज-सी तीक्ष्ण दृष्टि वाला उनका व्यक्तित्व एक ऐसा आभा मंडल रचता है, कि हम जैसे लोग जिन्होंने उन्हें सिर्फ फोटो में देखा है, उन्हें पढ़ने या सुनने के लिए विवश हो जाते हैं। ओशो की आवाज, वाणी, उनके शब्द, भाषा शैली, अभिव्यक्ति एवं वक्तव्य की बात करूं तो वह अद्वितीय है।

time to read

1 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

वास्तु उपायों से बनाएं नववर्ष को मंगलमय

नया साल अपने साथ खुशियां और सौहार्द लेकर आता है। ऐसे में पूरे वर्ष को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए वास्तु संबंधित कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं। इससे घर की परेशानियां दूर होने के साथ आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलेगा।

time to read

3 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

बुद्ध के गुणों का पावन संदेश

जोव्यक्ति बुद्ध होता है, वह सम्यक संबोधि हासिल कर लेता है, वह अनन्त गुणों से भर जाता है। उसके गुणों का ध्यान करते-करते धर्म उजागर होने लगता है। ऐसे में बुद्ध के गुणों का वर्णन करने वाले एक-एक शब्द को समझना आवश्यक है। जो इस प्रकार है-

time to read

5 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

इस सदी का चमत्कार हैं ओशो

ओशो से मेरा परिचय धर्मयुग के कारण हुआ उसमें उनके लेख, साक्षात्कार छपते थे। और मेरे कॉर्टून जिसमें मेरा डब्बू जी के नाम से एक कॉलम आता था, जिसे ओशो बहुत पसंद करते थे, यहां तक कि वह अपने प्रवचनों के बीच संन्यासियों को हंसाने के लिए उस पत्रिका को हाथ में लेते और कहते 'देखते हैं इस हफ्ते डब्बू जी क्या कहते हैं' और सबको उसमें से कोई लतीफा सुनाते थे। मैंने ओशो को खूब पढ़ा है। मैं उनके प्रवचनों से बहुत प्रभावित रहा हूं।

time to read

2 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

सर्दियों में बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के अचूक उपाय

सर्दियों के दस्तक देते ही सर्द हवाओं का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर बच्चों में सर्दी और खांसी की वजह साबित होता है। ऐसे में अगर बात बच्चों की सेहत की करें तो उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

time to read

3 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

सर्दी-खांसी से बचे रहना चाहते हैं तो जरूर खाएं ये सुपरफूड्स

बदलते मौसम में अक्सर इम्युनिटी कमजोर हो जाती है इसलिए इस दौरान ऐसा आहार लेना चाहिए जो आपको भीतर से मजबूत बनाए। चलिए जानते हैं कि सर्दियों में क्या खाएं कि शरीर को शक्ति और ऊर्जा दोनों मिले।

time to read

4 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

बात जो जरूरी है वो जरा अधूरी है

दूसरे ही पृष्ठ पर सर्वप्रथम मेरा चेहरा देखकर आपका हैरान होना लाजमी है क्योंकि मेरा चेहरा इस विशेषांक के साथ न तो निर्णय करता है, न ही कोई तालमेल बिठाता है। क्योंकि न तो मैं कोई प्रसिद्ध हस्ती हूं न ही बुद्धिजीवियों की श्रेणी में मेरा कहीं कोई स्थान है। तो क्या मैं पत्रिका का संपादक होने के नाते पद और पन्नों का फायदा उठा रहा हूं? नहीं। न तो ऐसी मेरी कोई मंशा है, न ही कोई चाल। सच कहूं तो यह मेरी मजबूरी है। पर मेरी इस मजबूरी का संबंध किसी लाचारी या असहाय जैसी नकारात्मक अवस्था से नहीं है। मेरे लिए मजबूरी का मतलब उस विवशता से है जिसके लिए मेरा लिखना ही एक मात्र विकल्प है और यही विकल्प इस अंक का कई हद तक आधार भी है।

time to read

8 mins

December 2025

Sadhana Path

Sadhana Path

ओशो अस्तित्व की एक अभिव्यक्ति हैं

ओशो से मिलना एक ही शर्त पर होगा- आईना हो जाओ।

time to read

3 mins

December 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size