सर्दी का मौसम व बच्चों की देखभाल ऐसे करें
Sadhana Path
|January 2025
सर्दियां शुरू हुई नहीं कि माएं अपने नन्हे-मुन्नों को सिर से पैर तक ऊनी कपड़ों से ढंक देती हैं ताकि उनके नवजात शिशुओं को कहीं से भी ठंड अपनी चपेट में ना ले सके। ऊनी कपड़ों के अलावा कुछ उपाय भी हैं, जिनसे आपके शिशु ठंड में भी राहत की सांस ले सकते हैं।
सर्दी का मौसम सबसे ज्यादा स्वस्थ व सुंदर माना जाता है बशर्ते सही तरह से उसमें बचाव के साथ रहा जाए। खासकर छोटे बच्चों को सदी में बचाव की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। छोटे बच्चों की सर्दी में देखरेख का दायित्व माता-पिता पर ही होता है। अतः उन माता-पिता को जिनके बच्चे छोटे हैं उनको चाहिए कि वो बच्चों की देखभाल करते वक्त सर्दी में निम्न बातों का विशेष ख्याल रखें-
गर्म कपड़े
छोटे बच्चों को कपड़े पहनाते वक्त विशेष ध्यान रखें उनको सबसे पहले वूलन इनर जरूर पहनाएं ताकि उनको सीने में गरमाहट रहे क्योंकि सीने की गरमाहट से पूरी शरीर को गरमाहट व राहत मिलती है। उसके बाद 2 या 3 स्वेटर मौसम की जरूरत के हिसाब से पहनाएं।
• बच्चों के सिर, पैर, कानों को हमेशा ऊनी कपड़ों से ढंककर रखें क्योंकि इन तीनों के ऊपर सबसे ज्यादा ठंड का असर पड़ता है। और सबसे जल्दी ये ठंड की चपेट में आ जाते हैं। अतः इनको कवर करके ही रखें।
• छोटे बच्चों के कपड़ों का चयन करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बच्चों के कपड़े हल्के, मुलायम व गर्म हो। कपड़े भारी बिलकुल ना हो, ताकि बच्चे उनको आसानी से पहन सकें।
• हाथों में दस्ताने व पैरों में मोजे पहनाएं, साथ ही पैंट के नीचे वार्मर भी पहनाएं, जिससे बच्चे गरमाहट से भरे रहें। ठंड कम हो तो वार्मर न पहनाएं।
• मोजे व दस्ताने ठंड में ऊनी कपड़ों के ही लें तभी फायदा होगा अन्यथा नहीं। स्नान यानी बाथ
Diese Geschichte stammt aus der January 2025-Ausgabe von Sadhana Path.
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