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हर मौसम में उठाएं इन हैल्दी फूड्स का मज़ा
Sadhana Path
|April 2024
वैसे तो कहा जाता है कि मौसम के अनुसार खाना खाना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसी भी खाद्य सामग्रियां हैं, जिन्हें खाने के लिए आपको किसी मौसम विशेष का चयन करने की आवश्यकता नहीं है । क्या हैं वो फूड्स आइए जानें-
क्या आप जानते हैं कि कुछ खाद पदार्थ ऐसे होते हैं, जिनको खाने के लिए हमें मौसम देखने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें हम पूरे साल खा सकते हैं और वे सभी मौसम में हमारे लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनकी न्यूट्रीशियस वैल्यू इतनी ज्यादा होती है कि ये हमेशा हमारी सेहत के लिए जरूरी और अच्छे होते हैं आइए जाने कुछ ऐसे ही हेल्दी फूड के बारे में-
कॉफी
कॉफी न केवल सेहत के लिए अच्छी होती है बल्कि इसके स्वाद से तन और मन भी तरोताजा महसूस करता है। कॉफी के बींस की खूशबू से ही मन महक उठता है। कॉफी में मौजूद कैफीन की वजह से ही इसे खास पसंद किया जाता है।
कॉफी डिप्रेशन को भी दूर करती हैं। हाल ही में हुई एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि हर दिन 1 कप कॉफी पीने से शरीर का फैट से लड़ने वाला डिफेंस उत्तेजित होता है, जिससे मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज से भी लड़ने में मदद मिलती है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स नाम के जर्नल में यह स्टडी प्रकाशित की गई है। दरअसल, हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है ब्राउन फैट फंक्शन जो तेजी से कैलोरी को बर्न कर एनर्जी में बदलने में हमारी मदद करता है। और कॉफी में ऐसे कॉम्पोनेंट्स पाए जाते हैं, जिसका इस ब्राउन फैट फंक्शन पर सीधा असर पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंगम के प्रोफेसर और इस स्टडी के को डायरेक्टर माइकल साइमंड्स ने कहा, 'ब्राउन फैट शरीर में अलग तरह से काम करता है। और गर्मी पैदा कर शुगर और फैट को बर्न करने में मदद करता । जब इस ब्राउन फैट की एक्टिविटी को बढ़ा दिया जाता है तो इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल भी बेहतर जाता है। साथ ही एक्सट्रा कैलरी भी बर्न होती है जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है। ऐसे में 1 कप कॉफी का ब्राउन फैट के फंक्शन्स पर सीधा असर होता है।' साइमंड्स कहते हैं, कॉफी में मौजूद कैफीन एक ऐसा इंग्रीडियंट है जो ब्राउन फैट को उत्तेजित और ऐक्टिवेट करने में स्टीम्यूलस का काम करता है। ऐसे में इस कॉम्पोनेंट का इस्तेमाल वेट लॉस मैनेजमेंट के साथ-साथ ग्लूकोज रेग्यूलेशन प्रोग्राम में भी किया जा सकता है ताकि मोटापा कम करने के साथसाथ डायबिटीज को भी कंट्रोल किया जा सके।
Diese Geschichte stammt aus der April 2024-Ausgabe von Sadhana Path.
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