Versuchen GOLD - Frei
नववर्ष यानी नव संकल्प
Sadhana Path
|January 2023
नए साल की नई भार के साथ सूर्योदय की नई किरणों की तरह आप एक बेहतर इंसान बनने का संकल्प लें। अपने मधुर व्यक्तित्व को निखारें और अपने आसपास के परिवेश को भी खुशहाल बनाए रखने की आदत बनाएं
नववर्ष का अभ्युदय होते ही मानव जीवन एक सृजनात्मक सोच से भर जाता है। मानव मात्र एक नई आशा, नई उमंगों के साथ पुनः जीवन को नए रूप में ढालने की कोशिश करता है। सार्थक परिवर्तन का यह पर्व रोम-रोम में नई ऊर्जा, ताजगी व अनकही सुखद मस्ती से सराबोर कर देता है। उम्र कोई भी हो चाहे बूढ़ा या जवान दिसंबर के अंत होते ही सूर्योदय की नई किरणों की तरह साथ में नव आलोक के साथ झांकने वाला नया वर्ष भी सुखद आशा में विभोर या प्रतीक्षारत मग्न हो जाता है। ये उत्साह साल के अंत तक थोड़ा थक सा जाता है और यही एक रस जीता हुआ तन-मन नववर्ष के आगमन पर पुनर्जागरण के साथ ताकतवर व कुछ और संकल्पित ऊर्जा के साथ परम वृद्ध दिखने लगता है।
हमारे मानव जीवन को पुनर्जागृत करने के लिए नए साल की नई भोर के साथ कुछ जागरूक प्रतिज्ञा जीवन कल्याण के लिए लेनी चाहिए, जिससे ये शुभारंभ हमारे जीवन को नई दिशा, नई रोशनी व नई राह दे। जैसा कि एक आध्यात्मिक संदेश है- 'हम सुधरेंगे जग सुधरेगा' के सिद्धांत पर नए संकल्प लेने चाहिए। ये बात अलग है कि हमारे द्वारा किए गए वचनबद्ध संकल्प कुछ तो भाग खड़े होते हैं। हम अपनी आदतों के शिकार होकर वही करते हैं, जो हम करते रहते थे, लेकिन इसके लिए संकल्प दोषी नहीं होते हैं। दोषी होती हैं संकल्प लेने वाले की बुरी आदतें व उनका परिस्थितियों से घायल, आवारा मन और आंतरिक आत्मशक्ति व लगन की कमी।
Diese Geschichte stammt aus der January 2023-Ausgabe von Sadhana Path.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Sadhana Path
Sadhana Path
ध्यान के लिए धैर्य जरूरी है
जीवन एक कला है। वहां विपरीत को मिलाने की क्षमता होनी चाहिए। ध्यान और धैर्य दो विपरीतताएं हैं। ध्यान और धैर्य के जोड़ का अर्थ है- पाना चाहता हूं अभी रुकने को राजी हूं-सदा के लिए। इसे समझ लेना । ध्यान और धैर्य जहां मिल जाते हैं, वहां जीवन का परम संगीत बजता है, वहां सत्व की धुन गूंजती है।
5 mins
January 2026
Sadhana Path
मानव की त्रयात्मक प्रकृति
सूक्ष्म प्राणी क्या हैं इसे अच्छी तरह समझने के लिए, हमें पहले यह समझना चाहिए कि हम क्या हैं।
2 mins
January 2026
Sadhana Path
व्यक्तित्व का दर्पण है हस्ताक्षर
व्यक्ति के हस्ताक्षर में उसके व्यक्तित्व की सभी बातें पूर्ण रूप से दिखाई देती हैं।
3 mins
January 2026
Sadhana Path
मकर संक्राति का अध्यात्मिक महत्त्व
यूं तो हम सभी के लिए त्योहारों का मतलब होता है हंसी, उल्लास और उमंग लेकिन सही मायनों में त्योहारों का महत्त्व उससे कहीं बढ़ कर और गूढ़ होता है।
5 mins
January 2026
Sadhana Path
सर्दियों में भी रखें वास्तु का ख्याल
सर्दी के इस मौसम में कुछ वास्तु उपाय करके आप सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं कौन से हैं वो उपाय आइए लेख के माध्यम से जानें ?
4 mins
January 2026
Sadhana Path
भारतीय संस्कृति के कई रंग दिखाती मकर संक्रांति
हिन्दू धर्म संस्कृति में वर्ष का आरंभ ही होता है मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्व से जिसकी केंद्र में है सूर्य की आराधना। इस दिन दान और स्नान का भी विशेष महत्त्व है। आराध्य देव सूर्य काल भेद से अनेक रूप धारण करते हैं।
8 mins
January 2026
Sadhana Path
चाय के कपसे जानिए अपना भविष्य
यह मुमकिन है कि हम चाय की बची हुई पत्ती द्वारा अपना भविष्य जान सकते हैं, उसके आकार और रूप की मदद से जो हमें चाय पी लेने के बाद कप में मिलते हैं।
4 mins
January 2026
Sadhana Path
विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति
भारत त्योहारों का देश है, यहां प्रत्येक त्योहार को हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्हीं में से एक त्योहार है मकर संक्रांति जिसे भारत के प्रत्येक राज्य के लोग अपनी परंपरा, संस्कृति के अनुसार मनाते हैं। कैसे मनाया जाता है भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्राति का त्योहार आइए जानते हैं
4 mins
January 2026
Sadhana Path
स्फूर्ति की अभिव्यक्ति
जीवन स्फूर्तिमय है।
2 mins
January 2026
Sadhana Path
माधुर्य के देवता कृष्ण
कृष्ण का महत्त्व इस बात में नहीं है कि वह वाकई इस धरती पर पैदा हुए या नहीं, वह खुद अच्छे थे या बुरे। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उनका विचार मात्र ही इंसान को माधुर्य और प्रेम से भर देता है।
2 mins
January 2026
Translate
Change font size
