बल्ब जलाओ जगमग-जगमग
Shaikshanik Sandarbh|March - April 2022
"देखो... मैं आज गणित में तड़ी मारने वाला हूँ।” भागचन्द्र ने गली के मोड़ पर इसरार और नारंगी से कहा।
कालू राम शर्मा
बल्ब जलाओ जगमग-जगमग

“क्यों?” इसरार और नारंगी ने एक-साथ पूछा।

परेशान भागचन्द्र बोला, “अगर मैं आज गणित की क्लास में दिख गया, तो मास्साब तो पीट ही डालेंगे। गणित के सवाल तो आ ही नहीं रहे...”

“और जो क्लास में मास्साब पूछे, तो?” नारंगी ठिठक गई और चिन्ता में पड़ गई।

Diese Geschichte stammt aus der March - April 2022-Ausgabe von Shaikshanik Sandarbh.

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