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दूध एक पूर्ण पेय पदार्थ है

Modern Kheti - Hindi

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1st December 2021

दूध का महत्व

- डॉ. चमनदीप कौर , डॉ. लखमाराम चौधरी

दूध एक पूर्ण पेय पदार्थ है

दूध एक रहस्यमयी पदार्थ है जिस प्रकार ईश्वर के नाम को तो सब जानते हैं परन्तु उनके गुणों एवं शक्तियों को कम ही व्यक्ति पहचानते है, ठीक उसी प्रकार दूध के गुणों एवं महत्व की जानकारी सभी को नहीं है जबकि इसका नाम सभी जानते हैं। भोजन के रूप में प्रयोग होने वाले पदार्थों में यह सम्पूर्ण भोजन का निकटतम रूप है। दूध में शरीर की वृद्धि एवं विकास के लिए सभी आ

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सेहत और समृद्धि के लिए स्वीट कॉर्न की खेती देती फायदा

खेती में निरंतर बढ़ती लागत और घटती आमदनी से परेशान होकर किसानों का खेती किसानी से मोहभंग होता जा रहा है जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए शुभ संकेत नहीं है।

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15th January 2026

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यूपीएल को सीआईआई इंडस्ट्रियल आईपी अवॉर्ड्स 2025 में मिला 'बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो' सम्मान

कृषि और लाइफ साइंस क्षेत्र की अग्रणी कंपनी यूपीएल लिमिटेड को इंडस्ट्रियल आईपी अवॉर्ड्स 2025 में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।

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15th January 2026

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बीज व्यापार-सील के प्रति ढील

एक उक्ति है कि \"Certification is void with out seal and Tag\" प्रमाणीकरण बिना सील एवं टैग के अवैध हैं। इस अवैध एवं अपराधिक प्रवृत्ति का कार्य करने में निम्न व्यक्तियों/अधिकारियों के हाथ सने हैं:

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15th January 2026

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सर्दी के मौसम में फसलों को पाले से कैसे बचाएं ?

हवा में मौजूद नमी ओस में तब्दील न होकर बर्फ के छोटे-छोटे कणों में बदल जाती है, जिससे पौधों की पत्तियों का पानी जम जाता है। इससे कोशिकाएं फट जाती हैं और पत्तियां सूख जाती हैं। इसे ही पाला पड़ना कहते हैं।

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15th January 2026

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जैविक खेती विज्ञानी जी.नमलवर

जी.नमलवर एक भारतीय जैविक कृषि विज्ञानी थे।

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15th January 2026

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हरी खाद मृदा के लिए एक वरदान

कृषि में हरी खाद उस सहायक फसल को कहते हैं जिससे खेती मुख्यतः भूमि में पोषक तत्वों को बढ़ाने तथा उसमें जैविक पदार्थों की पूर्ति करने के उद्देश्य से की जाती है। प्रायः इस तरह की फसल को इसके हरी स्थिति में ही हल चलाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। हरी खाद से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ने के साथ-साथ भूमि की रक्षा भी होती है।

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15th January 2026

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जैविक खेती में सफलता प्राप्त करने वाले सफल किसान विज्ञान शुक्ला

खेती में रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की घटती उर्वराशक्ति और आमजन की बिगड़ती सेहत का जज्बा समझते हुए बांदा जिले के अतर्रा गांव के युवा किसान विज्ञान शुक्ला ने एक ऐसी राह चुनी जो खुद के लिए तो मील का पत्थर साबित हुई और अन्य किसानों के लिए भी खेती में नई राह दिखाने का काम कर रही है।

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15th January 2026

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गेहूं का करनाल बंट रोग से बचाव के उपाय

निओवोसिया इण्डिका (टिलेशिया इण्डिका) नामक कवक द्वारा ग्रसित गेहूं का करनाल बंट रोग आशिंक बंट के नाम से भी जाना जाता है।

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15th January 2026

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जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को ईकोवैडिस से मिली सिल्वर रेटिंग

भारत की अग्रणी टायर निर्माता कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सतत विकास और जिम्मेदार व्यवसायिक प्रथाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

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15th January 2026

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भूमि कैसे कर सकती है जलवायु परिवर्तन का मुकाबला

पृथ्वी की मिट्टी में मौजूद कार्बन की मात्रा वायुमंडल और सभी पौधों में मौजूद कार्बन से तीन गुना अधिक है। इसका अर्थ यह है कि मिट्टी में कार्बन को समझना और उसे नियंत्रित करना जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण है। मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्मजीव (माइक्रोब्स) मृत पौधों और अन्य जैविक पदार्थों को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में कभी-कभी कार्बन सीओ2 के रूप में वायुमंडल में वापस चला जाता है और कभी-कभी यह मिट्टी में लंबे समय तक सुरक्षित हो जाता है। हाल ही में कॉर्नेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जब सूक्ष्मजीव मृत पौधों को अपघटित करते हैं, तो मिट्टी में मॉलिक्यूलर विविधता (मॉलिक्यूल की विविधता) पहले बढ़ती है, फिर एक महीने के बाद स्थिर हो जाती है और उसके बाद घटने लगती है। शोध पत्र में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है कि क्या हम मिट्टी से कार्बन का नुकसान कम कर सकते हैं या इसे बढ़ा सकते हैं, जिससे वायुमंडल में सीओ2 नियंत्रित रहेगा। क्योंकि मिट्टी में इतनी बड़ी मात्रा में कार्बन मौजूद है, छोटी-छोटी बदलाव भी वायुमंडल पर बड़ा असर डाल सकते हैं। दशकों तक वैज्ञानिकों का मानना था कि मिट्टी में कार्बन मुख्य रूप से ऐसे पौधों से जमा होता है जिनके अवयव कठिन अपघटन वाले होते हैं। लेकिन 2011 में शोधकर्ताओं ने एक अहम शोध प्रकाशित किया जिसमें यह सिद्ध हुआ है कि यह सच नहीं है। वास्तव में मिट्टी में कार्बन का भंडारण सूक्ष्मजीव, अणु और खनिजों के जटिल पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करता है।

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15th January 2026

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