Facebook Pixel Få digital adgang til Dainik Bhaskar Balaghat Newspaper | Magzter.com
Gå ubegrænset med Magzter GOLD

Gå ubegrænset med Magzter GOLD

Få ubegrænset adgang til 10.000+ magasiner, aviser og premium-historier for kun

$149.99
 
$74.99/År

Prøv GOLD - Gratis

Gå ubegrænset med Magzter GOLD

Gå ubegrænset med Magzter GOLD

Få ubegrænset adgang til 10.000+ magasiner, aviser og premium-historier for kun

$NaN
 
$NaN/År

Skynd dig, tidsbegrænset tilbud!

0

Timer

0

minutter

0

sekunder

.

Dainik Bhaskar Balaghat - July 08, 2025

filled-star

Click here to filter issues by date range


Dainik Bhaskar Balaghat
From Choose Date
To Choose Date

Dainik Bhaskar Balaghat Description:

Dainik Bhaskar is present in 2 states in Hindi language in Madhya Pradesh and in Maharashtra. More than 25 year old flagship Hindi newspaper of Bhaskar Prakashan Group Only Hindi newspaper to have clear leadership in all its major markets with well diversified readership across various states Spread in 2 states with 7 editions and 43 district sub- editions Bhaskar Prakashan Pvt Ltd newspapers has an average daily readership of 1.85 million readers.

I dette nummer

July 08, 2025

भास्कर खास 'एक्सपर्ट' कहते हैं... तनाव और चिंता की सही पहचान जरूरी है; लक्षण एक जैसे, पर वजह और असर अलग 'तनाव' और 'चिंता' में फर्क है... तनाव चला जाता है, चिंता ठहर जाती है; जो संभव नहीं उसे स्वीकारें, दूसरों से तुलना न करें... मन को व्यस्त रखें तो 'चिंता चक्र' तोड़ सकेंगे

न्यूयॉर्क | अगर लगातार बेचैनी महसूस कर रहे हैं, नींद पूरी नहीं हो रही और दिमाग में विचार दौड़ रहे हैं, तो यह सिर्फ तनाव नहीं हो सकता। यह एंग्जायटी (चिंता) भी हो सकती है। तनाव और एंग्जायटी के लक्षण कई बार एक जैसे लगते हैं, लेकिन दोनों की वजह और असर अलग होते हैं ... ।' पुलित्जर विजेता पत्रकार व लेखिका लॉरेन हिंगिस कहती हैं, 'तनाव जीवन की स्थितियों से आता है जबकि चिंता विचारों से। तनाव अस्थायी हो सकता है, लेकिन चिंता नियंत्रण में न आए तो मानसिक सेहत बिगाड़ सकती है। इसलिए लक्षणों को सही तरह से समझना और उसी के अनुसार समाधान चुनना जरूरी है।' यह कैसे होगा, बता रहे हैं एक्सपर्ट ...

2 mins

दूरदृष्टि • आने वाले समय में भीड़भाड़ और बढ़ेगी टेक्नोलॉजी या प्लानिंग हमें भगदड़ों से बचा सकती है

भारत दुनिया की भगदड़-राजधानी बनता जा रहा है। हर जगह भगदड़ है। धार्मिक मेलों में, खेल आयोजनों में, रेलवे स्टेशनों पर, राजनीतिक रैलियों और यहां तक स्कूलों में भी। जानकार लोग कहते हैं कि भगदड़ें इसलिए हो रही हैं, क्योंकि भारत की बहुसंख्य आबादी नागरिक अधिकारों के प्रति अशिक्षित है। लेकिन वे पूरी तरह से गलत हैं। भगदड़ें अशिक्षा नहीं, बल्कि अपर्याप्त और लचर भीड़-प्रबंधन के कारण होती हैं। वैसे भी, एक तरफ देश में असाक्षरता घट रही है, दूसरी तरफ भगदड़ों से होने वाले हादसे बढ़ते जा रहे हैं।

3 mins

दूरदृष्टि • आने वाले समय में भीड़भाड़ और बढ़ेगी टेक्नोलॉजी या प्लानिंग हमें भगदड़ों से बचा सकती है

भारत दुनिया की भगदड़-राजधानी बनता जा रहा है। हर जगह भगदड़ है। धार्मिक मेलों में, खेल आयोजनों में, रेलवे स्टेशनों पर, राजनीतिक रैलियों और यहां तक स्कूलों में भी। जानकार लोग कहते हैं कि भगदड़ें इसलिए हो रही हैं, क्योंकि भारत की बहुसंख्य आबादी नागरिक अधिकारों के प्रति अशिक्षित है। लेकिन वे पूरी तरह से गलत हैं। भगदड़ें अशिक्षा नहीं, बल्कि अपर्याप्त और लचर भीड़-प्रबंधन के कारण होती हैं। वैसे भी, एक तरफ देश में असाक्षरता घट रही है, दूसरी तरफ भगदड़ों से होने वाले हादसे बढ़ते जा रहे हैं।

3 mins

दूरदृष्टि • आने वाले समय में भीड़‌भाड़ और बढ़ेगी टेक्नोलॉजी या प्लानिंग हमें भगदड़ों से बचा सकती है

भारत दुनिया की भगदड़-राजधानी बनता जा रहा है। हर जगह भगदड़ है। धार्मिक मेलों में, खेल आयोजनों में, रेलवे स्टेशनों पर, राजनीतिक रैलियों और यहां तक स्कूलों में भी। जानकार लोग कहते हैं कि भगदड़ें इसलिए हो रही हैं, क्योंकि भारत की बहुसंख्य आबादी नागरिक अधिकारों के प्रति अशिक्षित है। लेकिन वे पूरी तरह से गलत हैं। भगदड़ें अशिक्षा नहीं, बल्कि अपर्याप्त और लचर भीड़-प्रबंधन के कारण होती हैं। वैसे भी, एक तरफ देश में असाक्षरता घट रही है, दूसरी तरफ भगदड़ों से होने वाले हादसे बढ़ते जा रहे हैं।

3 mins

बाढ़ जैसे हालातः बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर, कई गांवों का टूटा संपर्क

जिले में लगातार हो रही बारिश ने न सिर्फ सड़कों और पुलों को डुबोया है, बल्कि अब नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। नदियों के किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और अनवरत् बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले में बीते 24 घंटे में 84 मिमी अर्थात 3.3 इंच रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है। लागातर तेज बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। नदियों और नालों में उफान है, सड़कें बंद हैं, जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।

2 mins

Seneste udgaver

Relaterede titler

Populære kategorier