नवाज ने रंग दिया फिल्म 'सीरियस मैन' को
Sarita|October Second 2020
नवाज ने रंग दिया फिल्म 'सीरियस मैन' को
काले अतीत से लड़ते और अगली पीढ़ी के सम्मान की खातिर सबकुछ करगुजरने को तैयार अय्यन मणि यानी नवाजुद्दीन सिद्दीकी जाति, वर्ग और दलित राजनीति जैसे कई विषयों पर एकसाथ व्यंग्य करते सीरियस मैन का लबादा ओढ़े रहे जो फिल्म की खास बात है.
पूनम पांडे

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सेल्मा लोगरलोफ, जो स्वीडिश लेखिका थीं, की एक बेहद चर्चित मनोवैज्ञानिक कहानी है. उस का सौ से अधिक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है. कहानी का नाम है'द रैट ट्रैप'. कहानी का सार यह है कि हम सब इस जगत में किसी लोभ के पीछे भाग रहे हैं वह किसी भी रूप में हो सकता है, जैसे दौलत, शोहरत, मोहब्बत, ताकत आदिआदि. 'सीरियस मैन' फिल्म में शोहरत नामक प्रतीक का इस्तेमाल किया गया है.

हम सब ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां लोग इस बात की ज्यादा परवा करते हैं कि चीजें ऊपरीतौर पर कैसी दिखती हैं. असल में उस चीज की असलियत क्या है, उस से किसी को लेनादेना नहीं है. अगर असत्य और अटपटे भ्रम एक टोकरी में खूबसूरती से सजा कर हमें उपहार में नवाजे जाते हैं, तो उन्हें सहर्ष स्वीकार करने में हम पीछे नहीं हटते. यह भ्रम इस जीवन का पहिया कैसे बन जाता है, यही इस फिल्म का मूल तत्त्व है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी यानी अय्यन मणि का चरित्र एक ऐसे प्यासे इंसान का अतृप्त दिल है जो यह जानता है कि इसी जीवन में सबकुछ पाया जा सकता है. वह चालनुमा कोठरी में रहता है, लेकिन हर समय उस में कुछ उबल रहा है कि जिसे उसे हासिल करना है. पर कैसे? यही कैसे और येनकेनप्रकारेण के लिए वह अपने द्वारा ही गढ़े गए खोखले तर्कों के जाल में फंस कर रह जाता है.

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