जायदाद की खरीदारी का बेहतर वक्त
Sarita|October Second 2020
We're offering this story for free to read so that you can stay updated on the COVID-19 outbreak
जायदाद की खरीदारी का बेहतर वक्त
चरमराई अर्थव्यवस्था के बाद कोरोना के कहर ने भी रियल एस्टेट कारोबार को औंधेमुंह गिरा दिया है जिस से प्रोपर्टी अब सस्ती हो गई है. खरीदने वालों के लिए मकान खरीदने का यह अच्छा समय है.
भारत भूषण

इंटरनैशनल प्रोपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रेंक द्वारा हालिया जारी किए गए आंकड़े इस अंदाज की पुष्टि ही करते हैं कि देश में जायदाद की कीमत गिरने का सिलसिला अभी थमा नहीं है. नाइट फ्रेंक की मानें तो भारत में मांग और लोगों की घटती क्रयशक्ति के चलते चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वार्षिक आधार पर आवासीय संपत्ति की कीमत में 1.9 फीसदी की गिरावट आई है और देश इस तिमाही में 11 स्थान फिसल कर 54वें नंबर पर पहुंच गया है. यानी, जायदाद के मामले में बिलकुल नीचे जाने के लिए हमें 2 स्थान और फिसलने की जरूरत है, जो हालात अगर नहीं सुधरे तो, अगली तिमाही में पूरी हो सकती है.

अर्थशास्त्र की गिरावट दर्शाती इस भाषा को सरल शब्दों में भोपाल के एक प्रोपर्टी ब्रोकर जितेंद्र से समझें तो बात बहुत सीधी है. शहर में जो एमआईजी फ्लैट लौकडाउन के पहले 30 लाख रुपए में मिल रहा था उस की कीमत घट कर अब 22-24 लाख रुपए रह गई है. बकौल जितेंद्र, नोटबंदी ने तो रियल एस्टेट कारोबार की कमर ही तोड़ी थी लेकिन कोविङ-19 ने तो इस के घुटने भी चटका दिए हैं. बड़ेबड़े बिल्डर्स, डैवलपर्स और कंपनियों से ले कर छोटेमोटे निवेशकों और हम ब्रोकर्स तक की हवा निकली हुई है.

जितेंद्र जो कह रहे हैं उसे क्रेडाई यानी कन्फेडरेशन औफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव चंद्रकांत रायपत 30 अगस्त को बता चुके थे कि लौकडाउन के बाद रियल एस्टेट कारोबार तकरीबन 50 फीसदी गिर चुका है. अपार्टमैंट्स, फ्लैट्स और बिल्डिग्स बन कर तैयार हैं लेकिन इन के खरीदार नहीं मिल रहे. हालत तो यह तक है कि जिन लोगों ने पहले से इन की बुकिंग करा रखी है वे ग्राहक भी बाद का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं.

इस पर भी दिक्कत यह है कि निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. सीमेंट की बोरी जो लौकडाउन के पहले 270 से ले कर 320 रुपए में मिल रही थी उस की कीमत अब 310 से 370 रुपए तक हो गई है. 40 हजार रुपए टन मिलने वाला स्टील 50 हजार रूपए टन हो गया है और बालू यानी रेत 3,200 से बढ़ कर 6,500 रुपए टर्बो हो गया है.

खरीदार बना राजा

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

October Second 2020