"मासिकधर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने के लिए बनाई फिल्म" असिस सेठी
Sarita|October First 2020
"मासिकधर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने के लिए बनाई फिल्म" असिस सेठी
असिस सेठी की शौर्ट फिल्म 'ए ब्लडी मेस' को दुनियाभर में कई पुरस्कारों से नवाजा गया है. भारतीय मूल की कनाडाई निर्देशिका असिस ने न सिर्फ अवार्ड जीते बल्कि समाज में भारतीय महिलाओं की समस्याओं को सामने रखने की एक ईमानदार कोशिश की है.
शांतिस्वरूप त्रिपाठी

माहवारी या मासिकधर्म या | पीरियड्स अभी भी विषय है. कई महिलाओं और लड़कियों को समानरूप से मासिकधर्म के बारे में सार्वजनिक रूप से ही नहीं, बल्कि अपने घर के अंदर भी बात करना मुश्किल लगता है. माहवारी ऐसा विषय है जो सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि भारत से बाहर भी दक्षिण एशियाई महिलाओं के लिए चुनौती व संघर्ष का सबब बना हुआ है.

दक्षिण एशियाई देशों में भी युवा लड़कियों को मासिकधर्म और सांस्कृतिक व सामाजिक मानदंडों के बीच तनाव का सामना करना पड़ता है. इसी विषय पर भारतीय मूल की कनाडियन फिल्मकार असिस सेठी एक अति महत्त्वपूर्ण लघु फिल्म 'ए ब्लडी मेस' ले कर आई हैं, जो बहुत जल्द कनाडा, अमेरिका, भारत और इटली सहित दुनियाभर के कई देशों में प्रदर्शित होने वाली है.

यों तो माहवारी के विषय पर भारत में 2 फिल्में बन चुकी हैं. एक अभिषेक सक्सेना निर्देशित फिल्म 'फुल्लू' है, जिस में शारिब हाशमी, ज्योति सेठी और नूतन सूर्या जैसे नए कलाकारों ने अभिनय किया था, कम बजट वाली इस फिल्म को बौक्सऔफिस पर सफलता नहीं मिल पाई थी. जबकि इसी विषय पर अक्षय कुमार एक फिल्म 'पैडमैन' ले कर आए थे. आर बालकी निर्देशित फिल्म 'पैडमैन' में अक्षय कुमार के साथ सोनम कपूर व राधिका आप्टे ने अभिनय किया था. 'फुल्लू' 2017 के अंत में और 'पैडमैन' 2018 की शुरुआत में आई थी. 'पैडमैन' को कई पुरस्कार भी मिले थे. इन दोनों ही फिल्मों को सस्ते सैनिटरी पैड के आविष्कारक अरुणाचलम मुरुगनाथम के जीवन पर आधारित बताया गया था. इन दोनों ही फिल्मों में महिलाओं द्वारा 'पीरियड्स' के दौरान स्वच्छता के मद्देनजर सैनिटरी पैड के उपयोग पर ही जोर डाला गया था. मगर इन का कोई असर समाज पर नहीं पड़ा.

वहीं अब, भारतीय अभिनेत्री अंजली पांडे ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखते हुए माहवारी को ले कर समाज की सोच को बदलने का बीड़ा उठाते हुए लघु फिल्म 'महीना' का निर्माण किया है. 13 मिनट की लघु फिल्म 'महीना' में अंजली पांडे ने स्वयं करण मेहरा के साथ अभिनय किया है. यह फिल्म सामाजिक पहल के तौर पर एक काल्पनिक कथा है, जिस की कथा औरतों के मासिकधर्म के इर्दगिर्द घूमती है. लघु फिल्म 'महीना' उस क्रूरता की पड़ताल करती है जो अभी भी पूरे देश में मौजूद है.

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

October First 2020