जामिया-जेएनयू-एएमयू - सत्ता के निशाने पर रहे रैंकिंग में टौप आए
Mukta|September 2020
जामिया-जेएनयू-एएमयू - सत्ता के निशाने पर रहे रैंकिंग में टौप आए
सत्ता व सत्ताधारियों की नजर में देशद्रोह के अड्डे माने जाने वाले संस्थान खुद सरकार के ही तैयार आंकड़ों में टौप पर हैं. क्या वाकई ये संस्थान देशद्रोह का अड्डा रहे हैं या सरकार की विचारधारा विशेष के कारण इन पर हमले किए जाते हैं?

सरकार के निशाने पर रहे देश के 3 केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने सरकार द्वारा ही तैयार की गई रैंकिंग में 36 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को पछाड़ कर टौप स्थान हासिल किए हैं. यह सीधासीधा गोदी मीडिया, सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मुंह पर तमाचा है. सत्ताधारी नेता सन्न रह गए हैं और चापलूस टीवी मीडिया इस पर डिबेट नहीं कर रहा.

दिल्ली के 2 केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इसलामिया (जेएमआई) व जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को हालिया दिनों में जितना बदनाम करने की कोशिश की गई और वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को निशाना बनाया गया, उतना ही इन तीनों यूनिवर्सिटियों के स्टूडेंट्स शिक्षा के क्षितिज पर स्टार बन कर चमक रहे हैं.

टारगेट पर रहे, उभरे टौप पर

केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की सूची में पहले टौप 4 में से 3 वे विश्वविद्यालय हैं जो पिछले 5-6 सालों से लगातार मीडिया और मोदी सरकार के मंत्रियों के निशाने पर रहे हैं. इस सूची में सब से ऊपर जामिया है तो टौप फोर यानी पहले 4 में एक बार फिर जेएनयू का नाम भी आया है. इस के अलावा अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय का नाम भी शामिल है.

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