मंद न पड़े आपके पैसो की चाल

Anokhi|May 23, 2020

मंद न पड़े आपके पैसो की चाल
मंदी की गाज जिस पर गिरती है, उसके पांव तले जमीन खिसक जाती है। इसके प्रभाव से कोई भी अछूता नहीं रहता है। यह दौर ही कुछ ऐसा है और इसमें आपको फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाने की जरूरत है। क्या करें कि महामारी के इस दौर में आप पर मंदी की दोहरी मार न पड़े, बता रही हैं स्वाति शर्मा
स्वाति शर्मा

12 मई शाम 8 बजे, देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री बस एक ही बात पर बल दे रहे थे। वह बात थी, उस पहिये को चलाने की, जिसे जिंदगी की रफ्तार बनाए रखने के लिए लंबे समय से रोककर रखा गया था। वो पहिया है, अर्थव्यवस्था का। प्रधानमंत्री इस बात पर जोर दे रहे थे कि अगर यह पहिया इससे ज्यादा रुका तो जिंदगी की गति और धीमी पड़ जाएगी। ऐशोआराम तो दूर की बात है, लॉकडाउन के इन तीन पड़ावों ने भूख और लाचारी के करीब से दर्शन करा दिए। सिर्फ निकालते रहोगे तो कुबेर का खजाना भी खाली हो जाएगा, इसलिए इस बार का प्रधानमंत्री का संबोधन पूरी तरह से अर्थव्यवस्था पर ही केंद्रित रहा। पर, क्या सिर्फ सरकार की कोशिशों से सब सामान्य हो जाएगा? आप और हम अपनी भूमिका कैसे निभाएंगे? ये गाड़ी अब आगे कैसे बढ़ेगी, ये सवाल भी तो जरूरी हैं। आसानी से समझाया जाए तो गाड़ी पहले गीयर से ही स्टार्ट होगी ना। ज्यादा हड़बड़ी आपको झटका दे जाएगी, इसलिए इस अल्पविराम के बाद अपने आर्थिक निर्णयों को लेते वक्त आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

प्राथमिकताओं को तय करें

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May 23, 2020