कैसा था रामराज्य?
Sadhana Path|August 2020
कैसा था रामराज्य?
प्रायः हम लोग एक आदर्श शासन व्यवस्था की तुलना रामराज्य से करते हैं। ऐसे में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनके मन में एक न एक बार यह प्रश्न जरूर उठता है कि आरिवर रामराज्य में ऐसा क्या था जो त्रेता युग के रामराज्य का उदाहरण आज भी दिया जाता है। तो आइए जानें इसके बारे में इस लेव के माध्यम से।
योगेश चन्द्र शर्मा

परम्परागत मान्यता के अनुसार रामराज्य, त्रेतायुग की घटना है, मगर इसका निश्चित समय निर्धारण करना कठिन है। यह निश्चित है कि रामराज्य तथा रामायण की रचना समकालीन घटनाएं हैं। रामायण के रचयिता आदि कवि वाल्मीकि स्वयं राम के समकालीन थे। अयोध्या से अपने निष्कासन के उपरान्त सीता, वाल्मीकि के आश्रम में ही जाकर रही थी और वहीं पर लव तथा कुश का जन्म हुआ था। इस प्रकार रामायण की सभी घटनाएं यथार्थ सत्य है। रचयिता ने उन्हें स्वयं देखा है या अनुभव किया है। रामायण से हमें तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थतियों की भी पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है।

आधुनिक परिभाषा के अनुसार, रामराज्य को जनतन्त्र या गणतन्त्र नहीं कहा जा सकता। वह मर्यादित राजतंत्र था। मगर वह एक ऐसा आदर्श राजतंत्र था. जिसमें श्रेष्ठ जनतंत्र व कुलीनतंत्र की विशेषताओं को भी सम्मिलित कर लिया गया था। सुप्रसिद्ध यूनानी चिन्तक प्लेटो ने अपनी पुस्तक 'रिपब्लिक' 'रिपब्लिक' में एक ऐसे दर्शनिक राजा की कल्पना की थी, जो प्रतिभा का प्रतीक है और जो अपने देश या समाज के लिए, सभी व्यक्तिगत सुख- सुविधाओं को त्याग देता है। रामराज्य का राजा इससे भी आगे बढ़ा हुआ है। प्लेटो का दार्शनिक राजा अपनी प्रतिभा के सामने किसी भी कानून या परंपराओं की मर्यादा को स्वीकार नहीं करता। इसके विपरीत राजा राम, प्रतिभा व कुशलता के धनी होते हुए भी, राज्य के कानून और समाज की मर्यादाओं का पालन करते हैं। राज्य द्वारा बनाये गये कानून केवल जनता के लिए ही नहीं, राजा के लिए भी होते हैं। राम इसके प्रमाण हैं। राम मर्यादा पुरुषेत्तम हैं। अयोध्या कांड के सर्ग 69 में, राम, जाबालि ऋषि से कहते हैं- 'मर्यादा का उल्लंघन करने वाला मनुष्य पापाचरण युक्त होता है। वह सज्जनों में सम्मानित नहीं होता।' राजा राम इस बात को स्वीकार करते हैं कि 'राजा का आचरण जिस प्रकार का होता है, प्रजा का आचरण भी उसी प्रकार का होता है। इसलिए अपनी प्रजा को कोई बात कहने से पहले वे स्वयं उसपर अमल करते हैं।

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