मिशि ने की पेड़ों की देखभाल
Champak - Hindi|September Second 2020
मिशि ने की पेड़ों की देखभाल
मिशि 5 साल पहले जब एक नई कालोनी में अपने परिवार के साथ रहने आई थी, तो वह इलाका काफी हराभरा था. चारों तरफ बड़ेबड़े नीम और शीशम के पेड़ थे, लेकिन पिछले दो वर्ष में जब कालोनी में नए घर बनाए जा रहे थे, तो एकएक कर सारे पेड़ काटे गए.
आशा शर्मा

"मां, शर्मा अंकल के घर के बाहर का नीम का पेड़ किस ने काटा?" एक दिन मिशि जब स्कूल से लौटी तो उस ने पूछा.

"उस पेड़ की जड़ें काफी बढ़ गई थीं और शर्मा अंकल के घर की दीवारें दरकने लगी थीं. इसलिए उन्होंने उसे काट दिया," मां ने बताया.

"अरे, खान अंकल शीशम के पेड़ को क्यों काट रहे हैं? यह तो उन के घर से काफी दूर है,'' मिशि ने कहा.

एक दिन शाम को उस ने एकदूसरे पेड़ को काटते देखा.

"हां, मिशि, इस की जड़ें इतनी बढ़ गई थीं कि उस से खान अंकल के घर की पाइपलाइन टूट गई थी. इसलिए वे इसे काट रहे हैं,'' पापा ने बताया. पेड़ों को कटते देख मिशि को काफी बुरा लगा.

“अब चौधरी अंकल के साथ क्या हुआ? न तो उन की दीवार टूटी और न ही घर की पाइपलाइन टूटी है. बेचारा खेजड़ी का पेड़ तो उन के घर से काफी दूर है. फिर वे इसे क्यों काट रहे हैं?'' मिशि ने क्रोध से पूछा.

"इस की टहनियां बिजली के तारों से टकरा रही हैं. उन्हें डर है कि कहीं इस से शौर्टसर्किट न हो जाए, जिस से बिजली जा सकती है," मां ने कहा.

"ठीक है, फिर टहनियों को ट्रिम करते पूरा पेड़ क्यों काट दिया?' यदि ऐसा ही होता रहा तो इस इलाके में एक भी पेड़ नहीं बचेगा,” मिशि पेड़ कटते देख निराश थी.

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