يحاول ذهب - حر
कैसे थमेगी मन की महामारी?
June 2026
|Rishi Prasad Hindi
अशांति की आग में झुलस रहे हैं अरबों लोग
अखबार खोलिये... दर्दभरी खबरों से पन्ने भरे पड़े हैं - परीक्षा में असफल विद्यार्थी ने जीवन का दीप बुझा दिया, प्रेमिका के ठुकराने पर युवक फाँसी पर लटक गया, पारिवारिक कलह से टूटी गृहिणी ने स्वयं को समाप्त कर लिया, धन का अम्बार धरा रह गया और धनाढ्य ने जीवन की डोर काट ली ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आँकड़े रोंगटे खड़े कर देते हैं - आज १०० करोड़ से अधिक लोग मानसिक विकार से पीड़ित हैं और हर ४० सेकंड में एक आत्महत्या होती है।
१५ से २९ वर्ष के युवाओं में आत्महत्या मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण बन चुकी है । इसमें उस अदृश्य विष का भी बड़ा हाथ है जो विदेशी औद्योगिक तंत्र चुपचाप, योजनाबद्ध रूप से भावी पीढ़ी को पिला रहे हैं । व्यवसायीकरण के लिए विदेशी कम्पनियाँ सोशल मीडिया, अश्लीलता और व्यसन की लत बढ़ाने के लिए नये-नये जाल बिछा रही हैं, जिससे एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो बाहर से भले स्वस्थ दिखे लेकिन भीतर से मानसिक रुग्ण होती जा रही है । न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय स्थित स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस के सामाजिक मनोवैज्ञानिक जोनाथन हाइट ने अपनी पुस्तक में लिखा है : '२०१० से २०१५ के बीच अमेरिकी किशोरों का सामाजिक जीवन बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन-केन्द्रित हो गया, जिसके चलते सोशल मीडिया और अन्य इंटरनेट-आधारित गतिविधियों से उनका निरंतर जुड़ाव बना रहने लगा । मेरा मानना है कि इस परिवर्तन ने २०१०-२०१३ में किशोरों में आरम्भ हुई मानसिक रोगों की तीव्र लहर को जन्म देने में सबसे बड़ी भूमिका निभायी। मानसिक स्वास्थ्य की समस्या में वृद्धि केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रही, लगभग उसी समय यही प्रवृत्ति यू.के., कनाडा और अन्य देशों में भी किशोरों के बीच देखी गयी।'
هذه القصة من طبعة June 2026 من Rishi Prasad Hindi.
اشترك في Magzter GOLD للوصول إلى آلاف القصص المتميزة المنسقة، وأكثر من 9000 مجلة وصحيفة.
هل أنت مشترك بالفعل؟ تسجيل الدخول
المزيد من القصص من Rishi Prasad Hindi
Rishi Prasad Hindi
कौत्स और राजा रघु की निष्ठा व त्याग
विद्यार्थी संस्कार
3 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
आस्था बेची नहीं जाती
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया ।
3 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
सच्चिदानंदस्वरूप के अज्ञान से होती हैं ये तीन भ्रांतियाँ
( पिछले अंक में हमने सप्तांग विराट पुरुष और उसके उन्नीस मुखों का स्वरूप जाना । उसी क्रम में अब आगे...)
2 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
स्वास्थ्यवर्धक एवं उत्तम पथ्यकर ‘परवल'
आयुर्वेद के अनुसार परवल स्निग्ध, उष्ण, पचने में हलका, पाचक, रुचिकर एवं त्रिदोषशामक है ।
1 min
June 2026
Rishi Prasad Hindi
सुबह उठकर क्या करें कि पूरा दिन सँवर जाय
(पूज्य बापूजी के सत्संग-वचनामृत से)
3 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
बाहर के आश्रय मत खोजो, परम आश्रय में डूबो
समता सभीके जीवन में चार चाँद लगा देती है। समता योगी के जीवन में योग सफल कर देगी, ध्यानी का ध्यान पूर्ण कर देगी, तत्त्वचिंतक को तत्त्व में स्थित कर देगी।
1 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
इससे आपका जीवन सुखमय, मनोहर बन जायेगा
(पूज्यपाद भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज की पावन अमृतवाणी)
1 min
June 2026
Rishi Prasad Hindi
माँगने से ये ५ चीजें चली जाती हैं
माँगने से ५ चीजें चली जाती हैं । एक तो 'ही' माने लज्जा चली जाती है। दूसरा, 'श्री' अर्थात् लक्ष्मी चली जाती है।
1 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
मजहब से ऊपर आत्मज्ञान की डगर
(पूज्य बापूजी के सत्संग से)
3 mins
June 2026
Rishi Prasad Hindi
वर्षा ऋतु में कैसे करें स्वास्थ्य की रक्षा?
वर्षा ऋतु में लोग बारिश के पानी में नहाते हैं जो कि हानि करता है।
1 min
June 2026
Listen
Translate
Change font size
