Facebook Pixel {العنوان: سلسلة} | {اسم المغناطيس: سلسلة} - {الفئة: سلسلة} - اقرأ هذه القصة على Magzter.com

يحاول ذهب - حر

कर्क लग्न के नवम भाव में स्थित चन्द्रमा एवं मंगल के फल

May 2025

|

Jyotish Sagar

प्रस्तुत लेखमाला 'कैसे करें सटीक फलादेश?'

कर्क लग्न के नवम भाव में स्थित चन्द्रमा एवं मंगल के फल

के अन्तर्गत विगतांक से कर्क लग्न के नवम भाव में स्थित ग्रहों के फलों का विवेचन किया जा रहा है। उसी क्रम में प्रस्तुत आलेख में कर्क लग्न के नवम भाव में स्थित चन्द्रमा और मंगल के फलों का राशिगत, नक्षत्रगत, दृष्टिजन्य एवं युतिजन्य फलों का वर्णन कर रहे हैं।

चन्द्रमा एवं मंगल के फलों के वर्णन से पूर्व कर्क लग्न के नवम भाव में स्थित सूर्य के कुछ अतिरिक्त उदाहरण भी प्रस्तुत हैं :

उदाहरण : 4.09.5 : एक जातिका

जन्म दिनांक : 27 मार्च, 1965

जन्म समय : 13:10 बजे

जन्म स्थान : 26351; 80पू55

जन्मकुण्डली

imageउपर्युक्त जातिका जन्म से मूक-बधिर है। फरवरी, 1995 में उसका विवाह एक मूक-बधिर लड़के से ही हुआ। दोनों की सन्तान सामान्य हैं। जन्मपत्रिका में द्वितीयेश सूर्य उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में स्थित है और नक्षत्रेश शनि अष्टमस्थ है। वाक्शक्ति का नैसर्गिक कारक बुध तृतीयेश होकर श्रवण शक्ति का कारक बना हुआ है और वह नीच राशि मीन और रेवती नक्षत्र में सन्धिगत स्थिति में नवमस्थ है। द्वितीय भाव शनि एवं मंगल के प्रभाव में है। गुरु राहु-केतु से प्रभावित है। लग्न पर लग्नेश चन्द्रमा की पूर्ण दृष्टि है, जो कि शुभ है। जातिका का जन्म सूर्य महादशा में केतु की अन्तर्दशा में हुआ था, जो कि शुभ नहीं है। जन्म के समय यदि राहु-केतु की दशाएँ रहती हैं, तो आनुवंशिकी अथवा कोई जन्मजात रोग होने की आशंका रहती है। द्वितीय और तृतीय भाव तथा उनके स्वामी पापग्रहों से पीड़ित हैं।

उदाहरण : 4.09.6 : रु. नूरेयेव

जन्म दिनांक : 17 मार्च, 1938

जन्म समय : 13:10 बजे

जन्म स्थान : 52317; 104पू17

जन्मकुण्डली

المزيد من القصص من Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

क्या लिखा है हमारे भाग्य में...?

ज्योतिष और प्रारब्ध

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

ग्रहों के अंशों का महत्त्व

लग्न की डिग्री बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। कुण्डली में जितने भी ग्रहों की डिग्री लग्न की डिग्री के आस-पास होते हैं, वे सभी अपना पूर्ण फल देने में समर्थ होते हैं।

time to read

8 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें मनाएँ कैसे?

मनुष्य का पूरा जीवन 9 ग्रहों की 27 नक्षत्रों में चाल और दृष्टि पर टिका हुआ है। सामान्य भाषा में कहें, तो जब ग्रहों की कृपा होती है, तो मनुष्य बलवान् हो जाता है और जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो वह भिखारी भी बन जाता है। इस आलेख में हम बता रहे हैं कि जब ग्रह नाराज हो जाएँ, तो उन्हें कैसे मनाएँ?

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कन्या लग्न के नवम भाव में स्थित शुक्र एवं शनि के फल

कैसे करें सटीक फलादेश (भाग-227)

time to read

7 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

श्रीशंकराचार्यकृत श्रीनृसिंहभुजङ्गस्तोत्रम्

(मूल मातृका/पाण्डुलिपि से प्रथम बार प्रकाशित एवं अनूदित)

time to read

6 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कोकिलावन जहाँ शनिदेव रो पड़े श्रीकृष्ण के दर्शन को!

मथुरा जनपद की पावन भूमि, जहाँ प्रत्येक कण में श्रीकृष्ण की लीलाओं की सुगन्ध व्याप्त है, वहीं कोसी और नन्दगाँव के मध्य स्थित कोकिलावन दिव्य और रहस्यमयी तीर्थस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

time to read

3 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कैसी रहेगी सम्राट चौधरी की सरकार?

शपथ ग्रहण कुण्डली विश्लेषण

time to read

2 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कुण्डली में विवाह, सन्तान एवं दाम्पत्य सुख : एक पर्यवेक्षण

मनुष्य जीवन का सबसे कोमल, जटिल और जरूरी पक्ष होता है- विवाह, सन्तान और दाम्पत्य जीवन। यह वह पक्ष है जहाँ प्रेम, आत्मीयता, त्याग और संघर्ष की असली परीक्षा होती है।

time to read

5 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

नीचराशिस्थ बुध के फल

जन्मपत्रिका में नीचराशिस्थ ग्रहों के फल : एक विस्तृत अध्ययन (भाग-21)

time to read

13 mins

May 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

वोट से क्रान्ति के नायक पीटर माग्यार

जन्मपत्रिका विश्लेषण

time to read

9 mins

May 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size