يحاول ذهب - حر
वाँगड़ की अयोध्या भीलूड़ा ग्राम
November 2023
|Jyotish Sagar
वाँगड़ की अयोध्यापुरी नाम से विख्यात भीलूड़ा धाम जो वर्तमान में डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा ग्राम में विख्यात है। वाँगड़ बाँसवाड़ा डूंगरपुर जिले के रामोपासकों की आस्था का केन्द्र प्राचीनकाल से रहा है। संवत् 1619 करीब 450 वर्ष प्राचीन यह मन्दिर भीलूड़ा सरकार के नाम से विख्यात है। इस प्राचीन मूर्ति में साक्षात् रामजी विराजमान हैं। ऐसी अनुभूति यहाँ दर्शन से होती है।
भीलूड़ा सरकार की यह त्रिभंगी श्यामवर्णीय मूर्ति एक अन्धे शिल्पकार द्वारा बनाई जा रही है, जिसमें रामजी का विराट् रूप है। इसमें बाएँ लक्ष्मण जी और दाएँ सीताजी का चित्रण है। इस कार्य में नीचे कमर और चरणों तक आते-आते बाँकी कमर और कृष्ण भगवान् की तरह मुड़े हुए चरण बन गए। मूर्तिकार कार्य पूर्ण करके उसे निहार ही रहा था कि तभी उसके कान में अटका औजार सीधे मूर्ति के चरण के अँगूठे पर पड़ा और मूर्ति खण्डित हो गई। मूर्तिकार बहुत दु:खी हुआ, रोया और तब भगवान् ने उसे स्वप्न में कहा कि मूर्ति खण्डित नहीं हुई है। मैंने उसे पूर्ण रूप दिया है। कृष्णावतार के समय शिकारी ने मेरे अँगूठे पर बाण मारा था। इसलिए यह हुआ। मेरी यह मूर्ति राम और कृष्ण की एकरूपता का दर्शन कराएगी। भक्तों में राम और कृष्ण में भेदबुद्धि के नाश के लिए ऐसी लीला की है।
هذه القصة من طبعة November 2023 من Jyotish Sagar.
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