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يحاول ذهب - حر

जन्मराशि के अनुसार करें ज्योतिर्लिंग की पूजा

July 2023

|

Jyotish Sagar

देवाधिदेव महादेव ही सर्वशक्तिमान हैं। उनकी पूजा का विशेष महत्त्व है।

- आचार्य तुषार जोशी

जन्मराशि के अनुसार करें ज्योतिर्लिंग की पूजा

संसार में भगवान् भोलेनाथ ही ऐसे देव हैं, जो थोड़ीसी पूजा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। संहारक के तौर पर पूजनीय भगवान् शंकर बड़े दयालु हैं। उनके अभिषेक से सभी प्रकार की मनोकामनाएँ पूरी हो जाती हैं। इसी प्रकार विभिन्न राशि के व्यक्तियों के लिए अलग-अलग ज्योतिर्लिंगों की पूजा का महत्त्व बताया गया है।

भगवान् शंकर के भारत में द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं। भगवान् शिव के सभी ज्योतिर्लिंगों को अलग ही महत्त्व है। शास्त्रों के अनुसार भगवान् शंकर के ये सभी ज्योतिर्लिंग प्राणियों को मृत्युलोक के दु:खों से मुक्ति दिलाने में मददगार हैं। इन सभी ज्योतिर्लिंगों को बारह राशियों से भी जोड़कर देखा जाता है। आइए जानते हैं किस राशि के व्यक्ति को किस ज्योतिर्लिंग पर पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है?

मेष राशि

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग 

मेष राशि वाले जातकों को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा पंचामृत से करनी चाहिए। गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी को मिलाकर पंचामृत का निर्माण किया जाता है। भगवान् शिव परिवार को पंचामृत अर्पण करने का भी विशेष महत्त्व है। सोमवार को भगवान् शिव की पंचामृत पूजा प्रत्येक मनौती को पूरा करने वाली मानी गई है। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरा के सौराष्ट्र क्षेत्र (काठियावाड़) के परभा पाटन में स्थित है, जिसकी स्थापना स्वयं चन्द्रदेव ने की थी। इस मन्दिर में सोमनाथ की पूजा पंचामृत से की जाती है। कहा जाता है कि जब चन्द्रमा को भगवान् शिव ने शाप मुक्त किया, तो उन्होंने जिस विधि से साकार शिव की पूजा की थी, उसी विधि से आज भी सोमनाथ की पूजा होती है। सोमनाथ मन्दिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में एक है। लोककथाओं के अनुसार यहीं पर भगवान् श्रीकृष्ण ने अपना शरीर त्यागा था। 

वृषभ राशि

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग 

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