استمتع بـUnlimited مع Magzter GOLD

استمتع بـUnlimited مع Magzter GOLD

احصل على وصول غير محدود إلى أكثر من 9000 مجلة وصحيفة وقصة مميزة مقابل

$149.99
 
$74.99/سنة

يحاول ذهب - حر

वो कौन था!

June 08, 2025

|

Dainik Jagran

फिल्मी दुनिया में वो अपने समकालीन निर्माता-निर्देशकों की तरह कलात्मक नहीं माने गए, फिर राज खोसला इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं भारतीय सिनेमा के लिए। उनके जन्म शताब्दी वर्ष पर संदीप भूतोड़िया का आलेख...

- अवधेश राजपूत

फिल्म निर्माता-निर्देशक राज खोसला का शताब्दी वर्ष उनकी सिनेमा विरासत के पुनरीक्षण और मूल्यांकन का उपयुक्त अवसर है। हिंदी जगत के सबसे प्रभावशाली फिल्मकारों में से एक राज खोसला ने न केवल बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लोकप्रिय हिंदी फिल्मों का विशिष्ट कथानक और शैलीगत संदर्भ निर्मित किया, बल्कि महिलाओं को केंद्र में रखने वाली कहानियों, रोमांचक अपराधकथाओं और संगीतमय फिल्मों का वह वातावरण रचा, जो आज भी फिल्मकारों को प्रभावित करता है।

राज खोसला की सबसे बड़ी खासियत थी विभिन्न शैलियों में टाइप्ड हुए बिना काम कर सकने की क्षमता। वह अपराध रोमांच से भरी 'सीआइडी', 'काला पानी' अथवा 'वो कौन थी?' हो या 'मैं तुलसी तेरे आंगन' की सरीखा कोर्टरूम ड्रामा; संगीतात्मक प्रेमकहानी 'दो बदन' हो या फिर क्रूर बदले की कहानी 'कच्चे धागे', उनकी हर फिल्म में शैलीगत सटीकता और विषय की गहराई का समावेश था।

राज खोसला की फिल्मों का एक उल्लेखनीय पहलू था नायिकाओं का सशक्त चित्रण। उस समय जब हिंदी फिल्में मुख्य रूप से नायक केंद्रित थीं, राज खोसला ने अपनी नायिकाओं को न केवल अधिक स्थान बल्कि जटिल और भावनात्मक उतारचढ़ाव भी दिए। अपनी महिला- केंद्रित त्रयी, 'वो कौन थी?', 'मेरा साया' और 'अनीता' (इन सभी में अभिनेत्री के रूप में साधना थीं) में उन्होंने महिला पात्रों को रहस्य, प्रेम और मनोवैज्ञानिक आघात के बीच फंसे हुए दर्शाया।

المزيد من القصص من Dainik Jagran

Dainik Jagran

बर्फ के टुकड़े के लिए नाटो को दांव पर लगा रहा डेनमार्क: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में साफ कर दिया है कि अमेरिका को किसी भी हालत में ग्रीनलैंड चाहिए।

time to read

1 mins

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

सशक्त कानून और मजबूत व्यवस्था बनाने से बनेगी बात

आज भारत को साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए अपने कानूनी ढांचे में तेजी से को तेजी से आधुनिक बदलाव करने की सख्त जरूरत है।

time to read

2 mins

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

देश की हाल की राजनीति में असाधारण राजनेता थे अरुण जेटली: वेंकैया नायडू

पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हाल की राजनीति में अरुण जेटली असाधारण राजनेता थे, जिनके करीबी हर राजनीतिक दल में थे।

time to read

1 mins

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

हर्षिता के दम पर केसरी ने डामिनेटर्स को हराया

प्रो रेसलिंग लीग में बुधवार रात हर्षिता मोर ने निर्णायक पल में शानदार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र केसरी को यूपी डामिनेटर्स पर 5-4 की रोमांचक जीत दिलाई।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

अनुबंधित कर्मचारियों को मिलेंगी सरकारी नौकरी जैसी हेल्थ सर्विस

एनडीएमसी में अब अनुबंधित कर्मचारियों को भी सरकारी नौकरी जैसी स्वास्थ्य सेवा मिलेगी।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

आशा किरण आश्रय गृह में रहने वालों की स्थिति पर मांगी रिपोर्ट

बौद्धिक रूप से दिव्यांग लोगों के लिए बने आशा किरण शेल्टर होम में रहने वालों की शारीरिक और स्वास्थ्य स्थिति पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दो महीने में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

ईयू के साथ बैठक में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस पर होगा जोर

27 जनवरी को होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भारत आतंकवाद के मुद्दे को बहुत गंभीरता से उठाने की तैयारी में है।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

दुकान का ताला तोड़ 13 मिनट में 3.5 लाख का मोबाइल ले गए चोर

उत्तरी जिले के वजीराबाद थाना क्षेत्र में बदमाशों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए साढ़े तीन लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन चोरी कर लिए।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

Dainik Jagran

दिल्ली बार काउंसिल के चुनाव के लिए हो रहा नामांकन

सिरी फोर्ट स्थित कार्यालय में दिल्ली बार काउंसिल चुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया में तीन दिन शेष है।

time to read

1 min

January 22, 2026

Dainik Jagran

बंगाल में चुनाव आयोग के खिलाफ प्राथमिकी

बंगाल के पुरुलिया जिले में निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें 82 वर्षीय आदिवासी दुर्जन माझी की मौत का जिक्र है, जिसने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर कथित तौर पर चिंता के कारण आत्महत्या कर ली।

time to read

1 min

January 22, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size