يحاول ذهب - حر
ऊर्जा क्षेत्रः चुनौतियों व उम्मीदों का रहा साल
December 30, 2025
|Business Standard - Hindi
भारत के ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में वर्ष 2025 'चुनौतियों और उम्मीदों' के मिले-जुले साल के रूप में याद किया जाएगा।
यह मिला-जुला रुझान हैरान करने वाली समानताओं के साथ देश के ऊर्जा क्षेत्र के सभी प्रमुख खंडों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, तेल आयात और जलवायु परिवर्तन में दिखा। यह रुझान स्वच्छ ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ाने की कोशिशों पर असर छोड़ने के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा और ताकत दोनों के लिए बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सौर ऊर्जा इसका एक ठोस उदाहरण है जिसकी सफलता का हवाला देते नीति निर्माता और उद्योग जगत की हस्तियां अक्सर थकते नहीं हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन जिस तेज गति से आगे बढ़ा है उसकी बराबरी देश के ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में कोई भी ऊर्जा उत्पादन तकनीक नहीं कर पाई है। सौर ऊर्जा खंड की सफलता का श्रेय प्रौद्योगिकी नवाचार और नीतिगत स्तर पर हुई पहल को दिया जा सकता है। आंकड़ों पर सरसरी निगाह डालने से पहली नजर में ही पता चल जाता है कि सौर ऊर्जा उत्पादन कितनी तेजी से नई बुलंदियों को छूता रहा है। देश में सालाना सौर ऊर्जा क्षमता में प्रभावशाली वृद्धि हुई है जो वर्ष 2020-21 में दर्ज 5.6 गीगावॉट से बढ़कर 2021-22 में 12.7 गीगावॉट, 2022-23 में 12.7 गीगावॉट, 2023-24 में 15.0 गीगावॉट और 2024-25 में बढ़कर 23.8 गीगावॉट तक पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में ही 27.2 गीगावॉट क्षमता जुड़ चुकी है।
अब चुनौतियों की बात कर लेते हैं। व्यापक आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष आवंटित समग्र नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (जिसमें सौर ऊर्जा का अहम हिस्सा है) पिछले वित्त वर्ष में दर्ज लगभग 40 गीगावॉट से घटकर केवल 5.8 गीगावॉट रह गई है। इसका कारण बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा बिजली खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर में देरी है। चूंकि, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के शुरू होने में आम तौर पर लगभग 2-3 वर्ष लग जाते हैं, इसलिए निविदा आवंटित करने के मोर्चे पर दिख रही सुस्ती का असर 2028 में दिखाई देगा।
उत्पादन दमदार, चुनौतियां बरकरार
■ देश के ऊर्जा क्षेत्र के सभी खंडों में दिखी चुनौतियों और उम्मीदों के मिले-जुले रुझान
■ सौर ऊर्जा का शानदार रहा है सफर मगर निविदाएं जारी करने में सुस्ती का दिखा असर
■ इस वर्ष आवंटित समग्र अक्षय ऊर्जा क्षमता में कमी दर्ज
■ अमेरिकी शुल्कों और प्रतिबंधों से देश में तेल आयात पर मंडराए बादल
هذه القصة من طبعة December 30, 2025 من Business Standard - Hindi.
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