يحاول ذهب - حر

मैंटिनेंस

July First 2025

|

Sarita

अपनी धार्मिक प्रवृत्ति के कारण हिंदूमुस्लिम का भेदभाव सक्षम के दिलोदिमाग में चढ़ कर बैठा था. पत्नी होने के नाते मैं परेशान हो गई उन की इस संकीर्णता से लेकिन एक हादसे ने जैसे सबकुछ बदल दिया.

- · प्रतिभा अग्निहोत्री

मैंटिनेंस

"तुम सुनना नहीं चाहते और मैं यहां के लोगों की बातें सुनसुन कर थक गई हूं, मुझे अब नीचे उतरते भी डर लगता है कि कब कोई मुझ से कुछ कह न दे." मैं किचन में काम करतेकरते पति सक्षम को सुनाने के उद्देश्य से जोरजोर से बोलती जा रही थी पर किचन के सामने ही डाइनिंग टेबल पर बैठे सक्षम मेरी हर बात को अनसुना कर के अपना पूरा ध्यान पेपर में लगाए थे मानो आज उसे न्यूजपेपर पर रिसर्च करनी हो.

"तुम्हें सुनाई दे रहा है न कि मैं क्या बोल रही हूं," अपनी बात का उधर कोई असर न होते देख मैं एकदम उस के पास जा कर जोर से बोली, "सक्षम, पेपर हटाओ सामने से, सुनाई पड़ रहा है न तुम्हें कि मैं क्या कह रही हूं."

और कोई चारा न देख कर सक्षम ने पेपर हटाया और अनजान बनते हुए बोला, "हूं, क्या कहा, मैं सुन नहीं पाया."

"सक्षम, नाटक मत करो, तुम ने सब सुन लिया है. मुझे बस, अपनी बात का जवाब चाहिए," मैं एकदम सामने सोफे पर बैठती हुई बोली.

"तो उत्तर यह है कि मैं एक भी पैसा नहीं दूंगा जब तक कि मेरा स्कूटर नहीं मिल जाता. जिस को जो करना है, कर ले."

यह कह कर सक्षम अपना तौलिया उठा कर बाथरूम में चले गए. मैं अकेली ही बैठी बड़बड़ाती रही, 'कैसे समझाऊं इन्हें, 2 बच्चों के बाप होने के बाद भी कुछ सुनने को तैयार नहीं. जब पिता का ही यह अड़ियल रवैया है तो बच्चे आगे चल कर क्या करेंगे.' खैर, अभी तो फिलहाल ब्रेकफास्ट की तैयारी करती हूं वरना दुकान जाने में देर हो जाएगी, यह सोचते हुए मेरे कदम किचन की ओर बढ़ गए.

इंसान जब दिमागी तौर पर अशांत हो तो उस का शरीर तो काम करता है पर मन कहीं और ही होता है. सो, मेरे हाथ तो परांठे बना रहे थे पर मन आज से 15 वर्ष पहले जा पहुंचा जब मैं संयुक्त परिवार में बहू बन कर आई थी जिस में सासससुर, जेठजेठानी, भतीजेभतीजी सभी थे. कुछ वर्षों बाद जब मेरे भी 2 बच्चे हो गए तो सब के दिलों के दायरे बड़े होने के बाद भी जगह कम पड़ने लगी. यों भी आजकल के परिवारों में पतिपत्नी तो क्या, बच्चों को भी अपना पर्सनल स्पेस चाहिए होता है, फिर यहां तो बड़े ही 6 जने थे, ऊपर से 4 किशोर होते बच्चे.

المزيد من القصص من Sarita

Sarita

Sarita

कैरम

अपनों से जुड़ने का अनोखा खेल

time to read

3 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

बैकबेंचर्स

जब से केरल में सर्कुलर जारी हुआ है कि क्लासरूम में अब कोई बैकबैंचर नहीं होगा तब से बैकबैंचर्स की नींद उड़ गई है. कैसे लेंगे वे पीछे बैठ कर मस्ती करने का सुख?

time to read

4 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

आदिवासी

भीमा तो बस गांव में आदिवासियों की जीवनशैली देखने गया था, लेकिन फिर क्यों सीबीआई उस के पीछे हाथ धो कर पड़ गई थी? जब भीमा पुलिस के हत्थे चढ़ा तो अंत अकल्पनीय रहा.

time to read

10 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

एबौर्शन

निशा आज उसी दोराहे पर खड़ी थी जिस पर कभी उस की मां खुद उद्विग्न सी छटपटा रही थी. मगर आज उचित मार्गदर्शन करने के बजाय वह निशा पर उबल पड़ी थी. आखिर क्यों?

time to read

7 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

पौराणिक फिल्मों के पीछे अंधविश्वास या कुछ और

पौराणिक फिल्में हमेशा से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बनती रहीं मगर उन का स्केल बहुत बड़ा नहीं होता था, अब उन का स्केल बड़े स्तर पर होने लगा है, आखिर क्या है इस की वजह, जानिए.

time to read

7 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

औरतों के जिस्म पर मर्दों की मर्जी क्यों

शादी के बाद पति को अपनी पत्नी के साथ कुछ भी करने का अधिकार मिल जाता है.

time to read

6 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

दान के धन पर सिर्फ ब्राह्मणों का हक ?

मंदिरों में दान आम लोग देते हैं, यदि उस का कुछ हिस्सा सरकार उन के ही विकास कार्यों में खर्च करती है तो गलत क्या है? हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का इस मामले में निर्देश ब्राह्मणों पर दान के पैसों पर पूरा अधिकार देने जैसा है.

time to read

11 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

बिहार चुनाव सत्तावाद में डूब गया समाजवाद

बिहार में एनडीए गठबंधन भारी बहुत से जीत गया है.

time to read

11 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

बड़ा मकान कितना नफानुकसान

बड़ा मकान हर किसी का सपना होता है जो अब, होम लोन के जरिए ही सही, साकार होने लगा है.

time to read

12 mins

December First 2025

Sarita

Sarita

असलीनकली का फंडा पोल्ट्री फार्म का अंडा

भारत में अंडे के आहार को ले कर जबतब बहस चलती रहती है. अंडा आखिर है क्या? खाने और न खाने वालों के अपने मत हैं. बावजूद इस के, अंडा आज भी अपनी जगह पर न सिर्फ कायम है बल्कि बड़ी मात्रा में खाया भी जाता है.

time to read

4 mins

December First 2025

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size