يحاول ذهب - حر
योगी के साथ किसने कर दिया 'खेला'!
June 2024
|DASTAKTIMES
राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि एक समय जब बीजेपी आलाकमान ने काफी गंभीरता के साथ यह तय कर लिया था कि उत्तर प्रदेश में खराब छवि वाले करीब ढाई दर्जन सांसदों के टिकट काटे जायेंगे तो फिर ऐसा क्या हुआ, जो ऐन वक्त पर करीब-करीब सभी खराब और दागी छवि वाले सांसदों को टिकट थमा दिया गया। कुछ लोग इसे योगी के खिलाफ साजिश बता रहे हैं। यह साजिशकर्ता कौन हैं?
उत्तर प्रदेश में जिस तरह के नतीजे आये हैं उससे बीजेपी का हैरान परेशान होना लाजिमी है। उसने सपने में भी इतनी बड़ी हार नहीं सोची होगी। कहां बीजेपी से चूक हुई, इस पर एक तरफ बहस छिड़ी हुई है तो दूसरी तरफ यह भी पूछा जा रहा है कि कहीं पार्टी के भीतर से ही तो योगी के खिलाफ 'खेला' नहीं कर दिया गया। राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि एक समय जब बीजेपी आलाकमान ने काफी गंभीरता के साथ यह तय कर लिया था कि उत्तर प्रदेश में खराब छवि वाले करीब ढाई दर्जन सांसदों के टिकट काटे जायेंगे तो फिर ऐसा क्या हुआ, जो ऐन वक्त पर करीब-करीब सभी खराब और दागी छवि वाले सांसदों को टिकट थमा दिया गया। कुछ लोग इसे योगी के खिलाफ साजिश बता रहे हैं। यह साजिशकर्ता कौन हैं? जब यह सवाल सामने आता है तो कहा जाता है कि यह वह लोग भी हो सकते हैं जो मोदी के बाद स्वयं पीएम की रेस में शामिल हैं और योगी को इस रेस से किनारे करना चाहते हैं। आज भले ही योगी के सिर हार का ठीकरा फोड़ा जा रहा हो, लेकिन यह भी हकीकत है कि मोदी के साथ योगी के पास भी कई ऐसे सांसदों का रिपोर्ट कार्ड था, जिनसे जनता नाराज चल रही थी और मोदी की तरह योगी भी नहीं चाहते थे कि इनको पुनः टिकट देकर चुनाव लड़वाया जाये, लेकिन उनकी टिकट वितरण में कोई खास चल नहीं पाई। योगी चाहते थे कि चुनाव से कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी के सांसदों के बारे में जो जानकारियां जुटाई थीं, उसके आधार पर वह ऐसे सांसदों के टिकट काटने का फैसला करते, जो उनकी नजरों अपनी निष्क्रियता या खराब छवि के चलते चुनाव जीतते नहीं दिख रहे थे, लेकिन क्यों नहीं ऐसा हो पाया? यह बात पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बनी हुई है। अंदरखाने इस बात पर भी गुपचुप हो रही है कि यूपी में खराब छवि वाले सांसदों को जानबूझकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला दिल्ली के एक बड़े नेता के कहने पर लिया गया था। जैसा कि पहले बताया जा चुका है यह नेता पीएम की रेस से योगी को बाहर करना चाहता था, जिन सांसदों की हार चुनाव से पूर्व दिखाई दे रही थी, उसमें अमेठी से स्मृति ईरानी, लखनऊ की मोहनलालगंज लोकसभा सीट से कौशल किशोर, खीरी से अजय मिश्र टेनी, साध्वी निरंजन ज्योति, उन्नाव से साक्षी महाराज, अयोध्या से लल्लू सिंह, संजीव बालियान जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। बहरहाल, यूपी में खराब प्रदर्शन की वजह से बीजेपी केन्द्र में अपने दम पर बह
هذه القصة من طبعة June 2024 من DASTAKTIMES.
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