يحاول ذهب - حر
टूटी कट्टरपंथियों की कमर पीएफआई प्रतिबंधित
October 2022
|DASTAKTIMES
बिहार पुलिस ने बिहार शरीफ में अतहर परवेज को गिरफ्तार किया, तो पता चला कि वह पहले प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का सदस्य रहा है। उसने वहीं किराए के मकान में कई राज्यों से आए लोगों को ट्रेनिंग भी दी है। इसके बाद देशभर की इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हुए। पीएफआई का पूरा नेटवर्क खंगाला गया। 20 राज्यों और 100 से ज्यादा शहरों में इनका सर्विलांस शुरू हुआ। पता चला कि इनके मंसूबे खतरनाक हैं और नेटवर्क पूरे देश में फैल चुका है।
इस बात के भी सबूत मिले हैं कि पीएफआई के सदस्य पढ़े-लिखे युवकों को धार्मिक कट्टरता का पाठ पढ़ा रहे हैं। बड़े मुस्लिम कारोबारी पीएफआई को चंदा दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पीएफआई के लोग युवाओं को उकसाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं। यह काम तीन चरणों में होता है। पहले तो वे सार्वजनिक तौर पर ऐसी चीजें लिखते हैं, जिन पर युवा प्रतिक्रिया देते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में धर्म या जिहाद से संबंधित बातें लिखी जाती हैं, जो युवा इस कंटेंट को लाइक करता है, उससे फिर ये बात करके उनसे संपर्क करते हैं। उन्हें फिर कोर मेंबर बनाया जाता है।
06 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के बाद मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए बने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानि सिमी का नाम चर्चा में आया था। हालांकि इसकी शुरुआत 1977 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई थी। आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की वजह से 2002 में भारत सरकार ने सिमी को प्रतिबंधित कर दिया गया था। सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद इससे जुड़े तमाम पदाधिकारी और सक्रिय सदस्यों दूसरे संगठनों से जुड़ गए। वहीं साल 2006 में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में कथित मुस्लिम हितों के लिए बने संगठनों ने मिलकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानि पीएफआई नाम के संगठन को खड़ा किया। इस संगठन की गतिविधियां लगातार सुरक्षा एजेन्सियों के रडार पर थीं। अब आतंकी फंडिंग व अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। पीएफआई के अलावा इसके आठ और संगठनों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है गृह मंत्रालय ने इन संगठनों को बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन सभी के खिलाफ टेरर लिंक के सबूत मिले हैं। केंद्र सरकार ने यह एक्शन अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) के तहत लिया है। सरकार ने कहा, पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।

هذه القصة من طبعة October 2022 من DASTAKTIMES.
اشترك في Magzter GOLD للوصول إلى آلاف القصص المتميزة المنسقة، وأكثر من 9000 مجلة وصحيفة.
هل أنت مشترك بالفعل؟ تسجيل الدخول
المزيد من القصص من DASTAKTIMES
DASTAKTIMES
क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल
अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
8 mins
January 2026
DASTAKTIMES
हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी
लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
खिड़की जो बंद हो गई!
दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित
यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
एक सदी औरतों के नाम
इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम
5 mins
January 2026
DASTAKTIMES
गांव-गांव चली धामी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय
6 mins
January 2026
DASTAKTIMES
मासूम तानाशाह
किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी
10 mins
January 2026
DASTAKTIMES
पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय
उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।
7 mins
January 2026
DASTAKTIMES
बिहार के लिए नबीन के मायने
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।
2 mins
January 2026
DASTAKTIMES
राम कृपा नासहिं सब रोगा
प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।
2 mins
January 2026
Translate
Change font size
