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يحاول ذهب - حر

सैनिकों का गांव - अपशिंगे

August 2024

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Sadhana Path

महाराष्ट्र राज्य के सातारा जिले का एक गांव है अपशिंगे जिसे सैनिकों के गांव के नाम से जाना जाता है। इसी गांव में रहता है निकम परिवार जो पांच पीढ़ियों से देश सेवा कर रहा है।

- सुधीर जोशी

सैनिकों का गांव - अपशिंगे

अग्रेजों के चंगुल से भारत को मुक्ति दिलाने वालों की लंबी सूची में महाराष्ट्र के सातारा जिले के अपशिंगे गांव की अपनी एक खास पहचान है। सैनिकों के गांव से मशहूर इस गांव की पांचवीं पीढ़ी देश सेवा के काम में लगी हुई है। इस गांव के बच्चों से अगर पूछा जाए कि वह बड़ा होकर क्या बनना चाहेगा तो उसका उत्तर होगा कि मैं तो देश की सेना में जाना पसंद करूंगा। अपशिंगे गांव के हर घर में देशप्रेम की बातें होती रहती है। इस गांव में इंजीनियर, डॉक्टर बनना किसी को रास नहीं आता। सैनिकों के इस गांव में प्रकाश निकम के परिवार का विशेष मान-सम्मान है। हो भी क्यों न, इस परिवार की पांचवीं पीढ़ी देश सेवा में लगी हुई है। निकम परिवार की पांचवीं पीढ़ी का कहना है कि देश सेवा करना हमारे परिवार का मुख्य ध्येय तो रहा है। लेकिन फिर भी अभी देश प्रेम से हमारा मन नहीं भरा है। निकम परिवार की आज की पीढ़ी बड़े फक्र से कहती है कि हमें अपने देश से बहुत प्यार है और कोई दुश्मन हमारे देश के अमन चैन पर प्रहार करता है तो हमारा खून खौल जाता है। अपशिंगे गांव को अब अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं रह गई है। सातारा क्या देश की राजधानी नई दिल्ली के साथ-साथ सेना मुख्यालय में भी इस बात की खबर है कि महाराष्ट्र का सैनिक गांव कहां है। देशप्रेम की अनेक गाथाओं के साक्षी बने इस गांव का असली नाम भले ही यहां आने वाले लोगों को पता न हो, लेकिन अगर कोई कहे कि मुझे सैनिकों के गांव जाना ह

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