يحاول ذهب - حر
मालिश से रखें सौंदर्य को बरकरार
January 2024
|Sadhana Path
मालिश निष्क्रिय व्यायाम का एक रूप है। यह प्राकृतिक चिकित्सा का ऐसा महत्त्वपूर्ण साधन है, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार है। कैसे करें मालिश तथा कैसे यह हमें स्वस्थ रखने में सहायक है, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।
• मालिक त्वचा की शुष्कता को दूर करती है, जिससे त्वचा की स्निग्धता व कोमलता बढ़ जाती है।
• मालिश द्वारा रक्त संचार तीव्र होने से त्वचा में गुलाबी रंगत आती है और त्वचा का वास्तविक रंग निखरने लगता है।
• रक्त संचार के बढ़ने से त्वचा की अंदरूनी सतहों को पूर्ण पोषण प्राप्त होता है और नवीन स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण कार्य के तीव्र होने से त्वचा की स्वस्थ सतह जल्दी उभरने लगती है।
• मांसपेशियों का ढीलापन दूर होता है और मानसिक व शारीरिक तनाव से राहत मिलती है।
• रक्त संचार तीव्र होने से त्वचा के भीतर जमा विषैले तत्त्व शरीर से बाहर निष्कासित हो जाते हैं।
• मालिश से तैलीय ग्रंथियों के कार्य में और रोम छिद्रों में जमे तेल को त्वचा की सतह पर आने में मदद मिलती है।
• इससे त्वचा पर झुर्रियां जल्दी नहीं आती, मालिश मांसपेशियों को पुष्ट करती है, जिससे त्वचा का कसाव बढ़ जाता है। चेहरे की मालिश हाथों द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्त आजकल मालिश करने के लिए अनेक उपकरण भी मिलते हैं। वैसे उपकरणों की तुलना में हाथों द्वारा ही चेहरे की सही व अच्छी मालिश हो सकती है। हथेली व उंगलियां, मांसपेशियों की बनावट के अनुसार मसाज करने से अधिक सक्षम होती हैं। उपकरण इस कार्य को करने में पूर्णतया असमर्थ होते हैं। इनके द्वारा की गई मालिश से केवल रक्त संचार ही तीव्र हो सकता है। नाजुक मांसपेशियों को उचित दवाब व कसाव केवल हाथों द्वारा ही दिया जा सकता है। हथेली द्वारा चेहरे के हर भाग पर दवाब को कम व ज्यादा कभी भी किया जा सकता है। आंखों के आस-पास की त्वचा को सबसे कम दवाब की जरूरत होती है। मालिश करने का अर्थ चेहरे को रगड़ना या मसलना नहीं है, मालिश सदा हल्के दवाब के साथ उंगली व हथेलियों को मांसपेशियों पर फिसलाते हुए करनी चाहिए।
त्वचा की मालिश के प्रकार
هذه القصة من طبعة January 2024 من Sadhana Path.
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