يحاول ذهب - حر
पौधा विज्ञानी डॉ. डेविड चार्ल्स बाऊलकोंबे
1st February 2024
|Modern Kheti - Hindi
एंड्रयू हैमिस्टन के साथ मिलकर उन्होंने एक छोटे आर एन ए की खोज की जो निश्चित तौर पर जीन नीरवता के लिए जिम्मेदार था। उनके ग्रुप ने दिखाया कि जहां वायरस जीन नीरवता को बढ़ाते हैं, वहां कुछ वायरस प्रोटीन की मौलिकता बदल कर नीरवता पैदा करते हैं।
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डॉ. डेविड चार्ल्स बाऊलकोंबे एक अंग्रेज पौधा विज्ञानी एवं आनुवंशिकी विशेषज्ञ हैं। वह रॉयल सोसायटी अनुसंधान के प्रोफैसर एवं कैंब्रिज विश्वविद्यालय के पौधा विज्ञान विभाग के बेहतरीन पौधा विज्ञानी हैं। डेविड बाऊलकोंबे का जन्म सोलीहल, पश्चिमी मिडलैंड में हुआ। उन्होंने 1973 में लीडसिन विश्वविद्यालय से पौधा विज्ञान में बैचलर ऑफ साइंसिस की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने ऐडिनबर्ग विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई जारी रखी, जहां 1977 में रंगदार पौधों में RNA फैलाने वाले साधन पर खोज के लिए डाक्टर ऑफ फिलोसफी की डिग्री प्राप्त हुई। पीएच.डी. करने के बाद उन्होंने अपने तीन वर्ष उत्तरी अमेरिका में डाक्टरी के उपरांत कर्मचारी के तौर पर व्यतीत। पहले मैकगिल विश्वविद्यालय (मोनट्रीयल, क्यूबक, कैनेडा), फिर ज्यूरजिया विश्वविद्यालय में (ऐथनस, ज्यूरजिया, सोवियत संघ) कार्य करने के बाद वह इंग्लैंड वापिस आ गये, जहां उन्होंने पौधा उगाने के संस्थान (PBI) कैंब्रिज़ में कार्य किया और अपना करियर एक आजाद विज्ञानी के तौर पर शुरु किया। 1988 में उन्होंने एक उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अफसर का पदभार संभाला, फिर मुख्य विज्ञानी के तौर पर 1988 में उन्नति प्राप्त की। अगस्त 1988 में वह कैंब्रिज छोड़ कर नौरविक वापिस गये। उन्होंने सैन्सबरी लैबोरेटरी में सीनियर अनुसंधान विज्ञानी के तौर पर कार्य किया और 1990 से 1993 के बीच एवं 1999-2003 तक लैबोरटरी के मुखी के तौर पर कार्य किया। 1998 में पूर्वी ऐनजीला विश्वविद्यालय में उनको अतिथि प्रोफैसर बनाया गया। फिर 2002 में मुकम्मल प्रोफैसर बनाया गया। मार्च 2007 में घोषणा की गई कि रॉयल अनुसंधान सोसायटी के प्रोफैसर के तौर
هذه القصة من طبعة 1st February 2024 من Modern Kheti - Hindi.
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