Business
Modern Kheti - Hindi
जैविक उत्पादों और स्थायी सामग्रियों में मशरुम माइसीलियम का योगदान
मशरूम की दुनिया में 'माइसीलियम' एक ऐसा तत्व है जो कई खाद्य, पोषण और औद्योगिक क्रांतियों का आधार बन रहा है। यह मशरूम के जीवन चक्र का वह हिस्सा है जो अदृश्य होते हुए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
7 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
उत्तम बीज की पहचान तथा विशेषताएं
भारत एक कृषि प्रधान देश है। जहां लगभग 70 प्रतिशत लोग खेती करते हैं। जो लोग खेती करते हैं, उन्हें हम अन्नदाता कहते हैं और हर एक किसान की यह इच्छा होती है कि उसकी फसल बहुत अच्छी हो और उसे लाभ की प्राप्ति हो जिससे वह अपनी पूरी लागत निकाल सकें।
3 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
बीज कानून अथॉर्टी लैटर
“Study of Seed Laws is not a problem but an opportunity to understand how legally we are soung”
5 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
लोगों के स्वास्थ्य पर दूध में मौजूद एंटीबायोटिक अवशेषों का प्रभाव
दूध की बढ़ती मांग ने उत्पादकों को व्यापक पशुपालन प्रथाओं को अपनाने के लिए मजबूर किया है। डेयरी पशुओं में विभिन्न रोग स्थितियों के उपचार के लिए पशु चिकित्सा दवाओं का उपयोग इस तरह के व्यापक पशुपालन प्रथाओं का अभिन्न अंग बन गया है।
3 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
फल-सब्जियों के स्टोर के लिए एलईडी आधारित तकनीक
आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने मिलकर किसानों के लिए अपनी उपज अधिक समय तक स्टोर करने के लिए एक तकनीक का विकास किया है। यह एलईडी लाईट-आधारित भंडारण तकनीक है। दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक फल और सब्जियों को सड़ने से लंबे समय तक बचाए रखती है, जिससे किसान अपनी उपज की शेल्फ लाइफ बढ़ा सकते हैं।
1 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
गेहूं की उत्तम पैदावार के लिए मैंगनीज का प्रबंधन कैसे करें?
गेहूं की उत्तम पैदावार के लिए मैंगनीज का प्रबंधन, हमारे देश में गेहूं, धान के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है। भारत में आज कुल 8.59 करोड़ टन से अधिक गेहूं का उत्पादन हो रहा है। गेहूं की औसत उत्पादन 28.0 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है, जो कि अनुसंधान संस्थानों के फार्मों पर प्राप्त तथा नई किस्मों की उत्पादन क्षमता 50 से 60 क्विंटल प्रति हैक्टेयर से अत्याधिक कम है।
4 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
टिड्डी दल के हमले का हो सकेगा पूर्व अनुमान
रेगिस्तानी टिड्डा (शिस्टोसेरका ग्रेगेरिया) खेती के लिए सबसे खतरनाक प्रवासी कीटों में से एक है, जिससे कई क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा के लिए इसका नियंत्रण जरुरी हो गया है।
3 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
आय दोगुनी करने में कृषि तकनीकी सूचना तंत्र का योगदान
आज किसानों को समय-समय पर नई कृषि तकनीकों की जानकारियां देश में इंटरनेट, दूरदर्शन या मोबाइल फोन का कृषि उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है।
6 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
दालों और अनाज की खपत में 5 प्रतिशत की गिरावट
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के विश्लेषण के अनुसार, भारतीय परिवारों ने पिछले 12 वर्षों में अपने खर्च के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव किया है तथा अपना ध्यान खाद्य पदार्थों से हटाकर गैर-खाद्य पदार्थों पर केंद्रित कर लिया है।
2 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
इन सीटू पराली प्रबंधन है कामयाब
1970 के दशक से भारतीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली \"हरित क्रांति\" का श्रेय मुख्य रुप से बौनी उच्च उत्पादक क्षमता वाली गेहूं की किस्मों और धान की किस्मों की शुरुआत को दिया जाता है। भारतीय शोधकर्ताओं ने इन फसलों में और सुधार किया और साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग और भूजल आधारित नलकूप सिंचाई को बढ़ावा दिया। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा जैसे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में इस पर खास ध्यान दिया गया।
2 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
सूखे चारे को पौष्टिक बनायें, पशुधन को उत्पादक बनायें
पशुपालन एवं डेयरी उद्योग का हमारे देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। विश्व भर की कुल गायों का 20 प्रतिशत तथा भैसों का 57 प्रतिशत हमारे देश की धरोहर तो अवश्य है, परन्तु उनकी उत्पादन क्षमता अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है।
3 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की ओर से उच्च उपज वाली किस्में जारी
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई ने विकिरण-आधारित उत्परिवर्तन प्रजनन तकनीकों का उपयोग करके विकसित गेहूं, चावल और तिलहन की आठ नवीन, उच्च उपज वाली, जलवायु-प्रतिरोधी किस्मों का अनावरण किया है। राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में लांच की गई इन गैर-जीएमओ किस्मों का उद्देश्य उत्पादकता और विविध कृषि स्थितियों अनुकूलता को बढ़ाकर भारतीय कृषि को बदलना है।
2 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
उपज की कीमत को स्थिर करने के लिए आप्रेशन ग्रीन का नहीं हो रहा है सही इस्तेमाल
फसल की कीमतों को स्थिर बनाए रखने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई केंद्र सरकार की प्रमुख ऑपरेशन ग्रीन्स योजना ने 2024-25 के लिए अपने आवंटित बजट का मात्र 34 प्रतिशत ही खर्च किया है।
2 min |
15th January 2025
Modern Kheti - Hindi
शीत ऋतु में ऐसे करें डेयरी पशुओं का प्रबंधन
शीत ऋतु में डेयरी पशुओं का उचित प्रबंधन करके हम उनके स्वास्थ्य और उत्पादकता को बनाए रख सकते हैं। पौष्टिक आहार, उचित आश्रय और स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से पशुओं को ठंड के तनाव से बचाया जा सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर हम पशुओं के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकते हैं।
2 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
खाद्यय फसलों की रानी-मक्का उपज बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके
मक्का विश्व की एक प्रमुख खाद्यान्न फसल है। मक्का में विद्यमान अधिक उपज क्षमता और विविध उपयोग के कारण इसे खाद्यय फसलों की रानी कहा जाता है। पहले मक्का को विशेष रुप से गरीबों का मुख्य भोजन माना जाता था परन्तु अब ऐसा नहीं है।
10 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
कृषि आय बढ़ाने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में डेयरी सैक्टर की भूमिका
आठ करोड़ डेयरी किसानों के साथ भारत का डेयरी सैक्टर सामूहिक प्रयास और रणनीतिक विकास की ताकत का बेहतरीन सबूत है। 50 साल पहले दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनने तक भारत ने असाधारण यात्रा तय की है।
4 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
सूरजमुखी की खेती की उत्तम पैदावार कैसे लें?
सूरजमुखी की खेती खरीफ, रबी एवं जायद तीनों ही मौसमों में की जा सकती है। परन्तु खरीफ में सूरजमुखी पर अनेक रोग कीटों का प्रकोप होता है। फूल छोटे होते हैं तथा उनमें दाना भी कम है।
6 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
असामान्य तापमान, डीएपी संकट और रिजर्व बैंक की मुश्किलें
पिछले सप्ताह जीडीपी के सात तिमाही के निचले स्तर पर पहुंचने के आंकड़ों ने पहले से ही परेशान भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की मुश्किलें बढ़ी दी हैं।
2 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
अपनी खेती अपने बीज
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना की ओर से सिफारिश अधिकतर बीज देसी किस्मों से संशोधित बीज हैं, विशेष तौर पर सब्जियों के। अनाज वाली फसलों के अधिकतर बीज हरित क्रांति की तकनीकों के द्वारा विकसित किये अधिक उत्पादन देने वाले हैं। पीएयू की ओर से अब तक गेहूं एवं धान की किसी भी हाईब्रिड किस्म की सिफारिश नहीं की गई है परन्तु मक्का की अधिकतर किस्में हाईब्रिड हैं।
10+ min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
सरसों में कीटों की पहचान व रोकथाम
सरसों रबी में उगाई जाने वाली फसलों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। सरसों वर्गीय फसलों के तहत तोरिया, राया, तारामीरा, भूरी व पीली सरसों आती है। हरियाणा में सरसों मुख्य रुप से रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, हिसार, सिरसा, भिवानी व मेवात जिलों में बोई जाती है।
3 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
गन्ना कटाई मशीन आवश्यकता, लाभ व अनिवार्य शर्ते
यमुनानगर जिले की फसल विविधता में गन्ने का अहम् योगदान है। हरियाणा सांख्यिकी सारांश के अनुसार यमुनानगर जिले में वर्ष 2013-2014 में गन्ने का उत्पादन क्षेत्रफल 27000 हैक्टेयर से घटकर वर्ष 2021-2022 में लगभग 20000 हैक्टेयर रह गया है जिसमें इस प्रकार क्षेत्रफल में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
4 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
समन्वित कृषि अपशिष्ट प्रबंधन
भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसकी अधिकतर जनसंख्या गांवों में निवास करती है। यहां पर अनेक प्रकार के खाद्यान्नों का उत्पादन होता है। वास्तव में खाद्य पदार्थो का सीधा सम्बन्ध जनसंख्या पर आधारित होता है।
7 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
गेहूं का पीला रतुआ रोग एवं रोग से बचाव के उपाय
गेहूं का पीला रतुआ रोग, गेहूं के उत्पादन में विश्व स्तर पर भारत का दूसरा स्थान है और वर्ष 2014 में हमारा गेहूं उत्पादन 95.91 मिलियन टन रहा जो एक ऐतिहासिक रिकार्ड उत्पादन है। भारत की गेहूं उत्पादन में यह उपलब्धि दुनिया के विकास के इतिहास में शायद सबसे महत्वपूर्ण तथा अद्वितीय रही है। गेहूं उत्पादन में काफी वृद्धि के बावजूद भी हमारा देश विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
4 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
चावल की गुणवत्ता में आ रही है गिरावट
दुनिया भर में अरबों लोग चावल का उपयोग मुख्य भोजन के रुप में करते हैं। पिछले 50 सालों में इसकी मांग दोगुनी हो गई है, मुख्य रुप से एशिया में उगाई जाने वाली धान की फसल दुनिया भर में निर्यात की जाती है। धान की फसल पर मौसम का बड़ा असर पड़ता है और इसलिए यह समझना कि जलवायु परिवर्तन से पैदावार कैसे प्रभावित होती है, भविष्य में सतत खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सबसे जरुरी है।
3 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
कृषि सखियां सिखाएंगी अब किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर
प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अब कमर कस ली है और इसके लिए सरकार ने हाल ही में शुरु किए गए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। इस मिशन में 30 हजार कृषि सखियों को भी कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद ये सखियां किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाएंगी।
3 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
खाद्य प्रणाली को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की आवश्यकता
कृषि खाद्य प्रणालियों को पर्यावरण और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक कृषि खाद्य प्रणालियों में खेतों से लेकर खाने के टेबल तक बदलाव करना है, ताकि उन्हें सतत, पर्यावरण अनुकूल, समावेशी और प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ जलवायु में आते बदलावों का सामना करने के भी काबिल बनाया जा सके।
1 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
मिट्टी से भी ग्रीन हाऊस गैसों का होता है निकास
मानव लगभग पूरी तरह से बड़ी मात्रा में खाद्य उत्पादन के लिए मिट्टी पर निर्भर है और इस कारण यह ग्रीनहाउस गैसों के बड़े पैमाने पर हो रहे उत्सर्जन का कारण भी है। यह बात वैज्ञानिकों ने हाल में किए गए एक व्यापक शोध में पाई है।
3 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
मोटे अनाज की पॉलिश करने से कम होती है पौष्टिकता
भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने नए अध्ययन में खुलासा किया है कि बाहरी परत हटाने और पॉलिश करने से मिलेट (मोटे अनाज) की पौष्टिकता घट जाती है।
2 min |
1st January 2025
Modern Kheti - Hindi
गोभीवर्गीय सब्जियों के रोग और उनकी रोकथाम
सर्दी में गोभीवर्गीय सब्जियों (फूलगोभी, बंदगोभी व गांठगोभी) का बहुत महत्व है क्योंकि सर्दी में सब्जियों के आधे क्षेत्रफल में यही सब्जियां बोई जाती हैं। इन सब्जियों को कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोर्स, विटामिन ए एवं सी इत्यादि का अच्छा स्रोत माना जाता है।
2 min |
15th December 2024
Modern Kheti - Hindi
हाई-टेक पॉलीहाउस खेती में अधिक उत्पादन के लिए कंप्यूटर की भूमिका
भारत देश में आज के समय जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है जिससे रहने के लिए लगातार कृषि योग्य भूमि का उपयोग कारखाने लगाने, मकान बनाने में हो रहा है। कृषि योग्य भूमि कम होने से जनसंख्या का भेट भरने की समस्या से बचने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चला रखी हैं जिससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें।
4 min |
