और बाइज्जत बरी...
Grihshobha - Hindi|September First 2021
सुनंदा पुष्कर की रहस्यमयी मौत के बाद आरोपी रहे शशि थरूर की दर्दनाक दास्तां लोगों की सोच और कानूनी पचड़ों की तगड़ी पोल खोलती है...
भारत भूषण श्रीवास्तव

17 जनवरी, 2014 को सुनंदा पुष्कर नई दिल्ली के 7 स्टार होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में मृत पाई गईं. प्रथम दृष्टया यह सभी को आत्महत्या का मामला लगा.

19 जनवरी, 2014 को सुनंदा पुष्कर का पोस्ट मार्टम हुआ. डाक्टरों ने कहा कि यह अचानक अप्राकृतिक मौत का मामला लगता है. उन के शरीर में ऐंटी ऐंग्जाइटी दवा अल्प्राजोलम के नाममात्र के संकेत मिले हैं. सुनंदा के हाथों पर एक दर्जन से ज्यादा चोट के निशान थे. उन के गाल पर घर्षण का एक निशान था और उन की बाईं हथेली के किनारे पर दांत से काटे का निशान था. सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई. लेकिन मामला 2 दिन बाद वापस दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया.

जुलाई, 2014 में सुनंदा पुष्कर का पोस्ट मार्टम करने वाले पैनल के लीडर एम्स के डाक्टर सुधीर गुप्ता ने दावा किया कि उन पर औटोप्सी रिपोर्ट में हेरफेर करने के लिए दबाव बनाया गया था. सुधीर गुप्ता ने केट यानी केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में एक हलफनामा दायर कर आरोप लगाया कि उन पर मामले को छिपाने और क्वाटर मैडिकल रिपोर्ट देने के लिए दबाव बनाया गया. सुधीर ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनंदा के शरीर पर चोट के 15 निशान थे जिन में से अधिकांश ने मौत में योगदान नहीं दिया. बकौल डाक्टर सुधीर गुप्ता सुनंदा के पेट में अल्प्राजोलम दवा की अधिक मात्रा मौजूद थी.

जनवरी, 2015 में दिल्ली के तत्कालीन पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उन की हत्या की गई है. इस के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया.

फरवरी, 2016 में दिल्ली पुलिस के विशेष जांच दल ने शशि थरूर से पूछताछ की जिस में उन्होंने कहा कि सुनंदा की मौत दवा की ओवर डोज के कारण हुई.

जुलाई, 2017 में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की कि इस मामले की जांच सीबीआई के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल से अदालत की निगरानी में करवाई जाए.

2018 में दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर पर अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने (आईपीसी की धारा 306) और क्रूरता ( (धारा 498ए) का आरोप लगाया. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें इस मामले में मुजरिम माना.

15 मई, 2018 को पुलिस ने शशि थरूर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया.

जुलाई, 2018 में एक सैसन कोर्ट ने शशि थरूर को इस मामले में अग्रिम जमानत दी, जिसे बाद में नियमित जमानत में बदल दिया गया. 12 अप्रैल, 2021 को अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा.

18 अगस्त, 2021 को एक वर्चुवल सुनवाई में अदालत ने शशि थरूर को बरी कर दिया. अपना फैसले में अदालत ने कहा कि शशि थरूर के खिलाफ उन्हें ऐसा कोई साक्ष्य नजर नहीं आया जिस के आधार पर उन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जा सके. कोई भी जांच या रिपोर्ट सीधे तौर पर उन्हें कठघरे में खड़ा नहीं कर रही है इसलिए शशि थरूर को आरोपमुक्त किया जाता है.

यह हाई प्रोफाइल मामला जो बाद में टायटांय फिस्स साबित हुआ पूरे साढ़े 7 साल चला लेकिन इस का जिम्मेदार शनि नाम का वह काल्पनिक क्रूर ग्रह नहीं है जो ज्योतिषियों की आमदनी का बड़ा जरीया है, जिस का खौफ भारतीयों के दिलोदिमाग में इस तरह बैठा दिया गया है कि वे इस से छुटकारा पाने के लिए मुहमांगी दानदक्षिणा देने को तैयार रहते हैं.

शशि थरूर पर कानूनी प्रक्रिया का शनि था जिस ने उन्हें साढ़े 7 साल चैन से न तो खानेपीने और न ही सोने दिया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सामान्य जिंदगी जीते हुए पूरे आत्मविश्वास से लड़े और जीते भी.

ऐसी थी इन की लव स्टोरी

सुनंदा पुष्कर उतनी ही सुंदर थीं जितना कि कश्मीर के बोमाई इलाके में जन्मी एक कश्मीरी पंडित परिवार की लड़की को होना चाहिए. सुनंदा के पिता पुष्कर नाथ दास सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे. सुनंदा जितनी खुबसूरत थीं उतनी ही मेहनती, हिम्मती और महत्त्वाकांक्षी भी थीं. स्कूली और कालेज की पढ़ाई सुनंदा ने श्रीनगर के गवर्नमैंट 'कालेज फौर वूमन' से की और बतौर कैरियर बजाय नौकरी के बिजनैस को चुना. सुनंदा की पहली शादी कश्मीर के ही संजय रैना से हुई थी लेकिन दोनों में 3 साल में ही खटपट होने लगी जिस के चलते तलाक हो गया.

3 साल बाद ही 1991 में सुनंदा ने सुजीत मेनन नाम के व्यापारी से दूसरी शादी कर ली और दोनों व्यापार के लिए दुबई चले गए. व्यापार शुरू में तो ठीक चला पर बाद में जब घाटा होने लगा तो सुजीत भारत आ गए. इन दोनों को तब तक एक बेटा हो चुका था जिस का नाम इन्होंने शिव मेनन रखा.

सुजीत की 1997 में एक ऐक्सीडेंट में मौत हो गई तो सुनंदा टूट गईं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने दम पर बेटे की परवरिश करती रहीं. दुबई में उन्होंने 'ऐक्सप्रेस' नाम की इवेंट कंपनी शुरू की थी जो तरहतरह के इवेंट आयोजित करती थी. जिंदगी चलाने और पैसा कमाने के लिए सुनंदा ने कई नौकरियां भी की और आर्टिफिशियल ज्वैलरी का काम भी किया.

पैसा कमाने पर ज्यादा फोकस

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM GRIHSHOBHA - HINDIView All

गर्ल्स पीजी में रहने से पहले

होस्टल या पीजी में रहने से पहले यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी ओर से पूरी सावधानी बरतें...

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

पोस्ट कोविड तनाव को कहें गुडबाय

अगर आप भी पोस्ट कोविड तनाव से पीड़ित हैं, तो यह जानकारी आप के लिए ही है...

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

बजट में ब्यूटी शौपिंग टिप्स

त्योहारों में ब्यूटी प्रोडक्ट्स की खरीदारी करने से पहले यह जानना आप के लिए बेहद जरूरी है...

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

फैस्टिव मेकअप लुक

इस त्योहार अपनी खूबसूरती से लोगों की तारीफ बटोरना चाहती हैं, तो यह जानकारी आप के लिए ही है....

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

बॉडी लोशन से पाएं ग्लोइंग स्किन

बदलते मौसम त्वचा की नमी बनाए रखना कितना जरूरी है जानिए जरूर...

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

कामसूत्र टैबू नहीं

अपनी यौन इच्छाओं को खुल कर बताने में भारतीय महिलाएं आज भी हिचकती हैं. आखिर कामसूत्र के देश में सैक्स टैबू क्यों...

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

उत्सवी स्वाद

हमारा संतुलित आहार ही स्वस्थ जीवन का आधार है, क्योंकि खान-पान में गड़बड़ी होगी तो हमारे जीवन में उसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा । पौष्टिक भोजन जीवन दान देता है , स्वस्थ शरीर प्रदान करता है ।

1 min read
Grihshobha - Hindi
October First 2021

महिलाओं के खिलाफ नया हथियार रिवेंज पोर्न

पितृसत्ता और महिलाओं पर नियंत्रण की घटिया सोच ने एक ऐसे अपराध को जन्म दिया है, जिस के बारे में जान कर रौंगटे खड़े हो जाएंगे...

1 min read
Grihshobha - Hindi
September Second 2021

फैस्टिव ब्यूटी ट्रिक्स

फैस्टिव सीजन में अपनी बेइंतिहा खूबसूरती से लोगों को दीवाना बनाना चाहती हैं, तो जरा यह भी जान लीजिए...

1 min read
Grihshobha - Hindi
September Second 2021

तो आसान होगी तलाक के बाद दूसरी शादी

तलाक के बाद आप अपनी खुशी फिर से चुन सकती हैं, बशर्ते यह एक ऐसा निर्णय हो जिस में प्यार भी हो और सम्मान भी...

1 min read
Grihshobha - Hindi
September Second 2021