फ्लर्ट नहीं है गंदी बात
Grihshobha - Hindi|August Second 2021
अकसर फ्लर्ट को गलत और अमर्यादित माना जाता है. मगर क्या आप को पता है कि यह आप को तनावमुक्त कर डिप्रेशन के खतरे तक से भी बचा सकता है...
नसीम अंसारी कोचर

शुभम कुछ दिनों से महसूस कर रहा था कि पड़ोस में रहने वाले गिरिजा शंकर की पत्नी अपनी बालकनी से अकसर उसे देखती है.

एक दिन शुभम ने उस के घर के सामने से गुजरते हुए उसे मुयकरा कर नमस्ते कहा तो उस ने भी झेंप कर नमस्ते का जवाब दिया और फिर नजरें नीची कर के अंदर चली गई. इस के बाद वह जब भी अपनी बालकनी में आती और शुभम दिखाई देता तो वह हलके से मुसकरा देती.

फिर एक दिन वह बाजार में सब्जी खरीदते हुए दिख गई. शुभम को देखते ही उस के चेहरे पर मुसकान खिल गई. उस की नजरों ने शुभम को आमंत्रित किया तो शुभम ने भी आगे बढ़ कर उस के हाथों से सब्जी का थैला लिया. उस ने शुभम को धन्यवाद और फिर दोनों घर तक बातें करते आए.

उस का नाम नीलिमा है. उस का पति पोस्ट औफिस में हैड क्लर्क. पति सुबह 9 बजे औफिस चला जाता और देर रात लौटता तो अकसर नशे में होता. वह आता और खाना खा कर सो जाता. नीलिमा सारा दिन अकेली होती. इस शहर में उन का कोई रिश्तेदार या दोस्त नहीं था. जब से शुभम उस के पड़ोस में रहने आया था तभी से नीलिमा उस से अट्रैक्ट थी.

नीरस जिंदगी में रंग

शुभम और नीलिमा के बीच शुरू हुआ फ्लर्ट का सिलसिला अब दोस्ती और प्यार में तबदील हो चुका है. दोनों आपस में अपने सुखदुख बांटते हैं. नीलिमा की नीरस जिंदगी में रंग भर गए हैं. वह अब सजतीसंवरती है, बढ़िया खाना बनाती है, जिस का एक हिस्सा शुभम के घर भी जाता है. नीलिमा अब अपने घर को खूब साफसुथरा और व्यवस्थित रखने लगी है क्योंकि शुभम अकसर वहां आने लगा है.

इस बदलाव के चलते अब नीलिमा का पति भी उस की तारीफ करता है, उस में आए बदलाव को महसूस करता है और उस की सुंदरता भी अब उसे नजर आने लगी है. दोनों के रिश्ते भी खुशनुमा रहने लगे हैं. अब वह कभीकभी औफिस से जल्दी आ कर उसे घुमाने भी ले जाता है.

इधर नीलिमा से दोस्ती के बाद शुभम भी काफी व्यवस्थित और स्मार्ट तरीके से रहने लगा है. रोज शेव करता है, प्रैस किए कपड़े पहनता है, जिम जाने लगा है. कुछ खास खाने का मन होता है तो नीलिमा से कह देता है और वह फटाफट बना कर ले आती है यानी एक फ्लर्ट ने 3 जिंदगियों में रंग भर दिए हैं.

आमतौर पर हमारा समाज फ्लर्ट को गलत और अमर्यादित चीज मानता है, मगर फ्लर्ट के भी अपने फायदे हैं. अगर कुछ तय सीमारेखा के अंदर फ्लर्ट किया जाए तो यह नीरस जिंदगी में रोमांच और उत्साह पैदा कर देता है. इंसान को अवसाद से निकाल कर जीवन के प्रति नया दृष्टिकोण दे सकता है. इस कल्पना से ही मन में लड्डू फूटने लगते हैं कि कोई है जो आप को पसंद करता है, आप का दीदार करना चाहता है. कोई है जिस की नजरों को आप की एक झलक का इंतजार है.

फ्लर्टिंग का मतलब

फ्लर्टिंग का मतलब है किसी को यह दिखाना कि आप उस की तरफ आकर्षित हैं. अगर आप किसी के साथ फ्लर्ट करने के लिए तैयार हैं, तो इस का मतलब है कि आप उसे काफी ज्यादा पसंद करते हैं और आप का आकर्षण उस के लिए काफी तीव्र है.

फ्लर्टिंग की शुरुआत करने में पहलेपहल चिंता होती है, पर घबराएं नहीं जिस को आप सच में पसंद करते हैं उस के सामने नर्वस होना आम बात है, लेकिन आत्मविश्वास से किसी के साथ फ्लर्ट करने के कई तरीके हैं. चाहे आप टैक्स्ट, औनलाइन या व्यक्तिगत तौर पर फ्लर्ट कर रहे हैं आप को अपनी भावनाएं व्यक्त करने और दूसरे व्यक्ति को उन के बारे में शक में रहने के बीच एक तालमेल बैठाना होगा.

फ्लर्ट और प्यार में फर्क को भी समझना होगा. कभीकभी फ्लर्ट सिर्फ फ्लर्ट ही रह जाता है और कभीकभी फ्लर्ट करने वाले एकदूसरे से मुहब्बत भी करने लग जाते हैं और आकर्षण का खेल मजबूत रिश्ते में भी बदल सकता है.

फ्लर्ट करें जरा एहतियात से

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