रिवार्ड थेरेपी- संवारें बच्चों का भविष्य
Grihshobha - Hindi|July First 2021
जिन मुश्किल परिस्थितियों में बड़े भी पस्त हो गए हैं उन में अपने बच्चे को कैसे मोटिवेट रखें, जानना नहीं चाहेंगी...
पारुल भटनागर

आज जितना चुनौतीपूर्ण माहौल हमारे लिए है, उस से भी कहीं ज्यादा हमारे बच्चों के लिए है. हम तो इतने समझदार हैं कि कैसे खुद को समझना है, कैसे परिस्थितियों को हैंडल करना है, कैसे खुद को मोटीवेट करना है, हमें पता है और हम आसानी से उसे डील कर लेते हैं.

लेकिन हमारे बच्चे नहीं समझ पाते कि कैसे अलगअलग परिस्थितियों से निबटें. इस कारण वे जिद्दी व गुस्सैल हो जाते हैं. यह उन के कौन्फिडेंस को कम करता है और आगे चल कर इसी तरह के व्यवहार की वजह से वे खुद को दूसरों से कम आंकने लगते हैं.

ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बच्चों को रिवार्ड थेरैपी दें ताकि वे इस नैगेटिव माहौल में खुद को खुश रखने के साथसाथ कुछ नया लर्न कर पाएं, जो आगे चल कर उन के काम आए.

क्या है रिवार्ड थेरैपी

आप सोच रहे होंगे कि रिवार्ड थेरैपी होती क्या है. तो आइए इसे इस तरह जानते हैं. जब भी हमें किसी चीज के लिए रिवार्ड मिलता है, कोई हमारी पीठ थपथपाता है या फिर लोगों के सामने हमें वैलडन जैसे शब्दों से नवाजा जाता है तो हमें बहुत ज्यादा खुशी होती है और हम इस रिवार्ड को पा कर आगे और भी अच्छा करने के बारे में सोचते हैं और पूरी मेहनत से उसे करते भी हैं.

ठीक उसी तरह से बच्चों के लिए भी यह रिवार्ड थेरैपी है, जो उन्हें नई चीजों को सिखाने के साथसाथ रिवार्ड के जरीए उन्हें आगे बढ़ाने और बेहतर काम करने व उन के कौन्फिडेंस को बढ़ाने का काम करती है. तो जानते हैं बच्चों को रिवार्ड थेरैपी देने के लिए आप क्याक्या करें.

मिनी शैफ को करें ऐप्रिशिएट

आज माहौल ऐसा है कि बच्चे व पेरैंट्स हर समय एकसाथ हैं. ऐसे में जब बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो उन्हें बोरियत होनी स्वाभाविक है. ऐसे में अगर वे आप के साथ किचन में आप की भले ही थोडीबहुत मदद करवाएं, जैसे उन्हें आप को देख कर किचन में रोटी बेलने का शौक आए तो आप उन्हें मना न करें. बल्कि अपनी देखरेख में उन्हें वह काम करने दें.

भले ही उन की रोटी गोल न बने या फिर उन के किचन में आप के साथ काम में हाथ बढ़ाने से आप का काम थोड़ा बढ़े, लेकिन आप उन्हें करने दें, क्योंकि इस से उन में किचन में काम करने की थोड़ी आदत पड़ेगी.

जब भी वे खुद से कुछ बनाएं तो उन का हौसला बढ़ाएं जैसे तुम ने तो मुझ से भी अच्छा काम किया है. आज तो हम तुम्हारी बनाई हुई रोटी ही खाएंगे और उन्हें भी मजाकमजाक में एहसास करवाएं कि जिस तरह उन्होंने उन की मेहनत की कद्र की है, उसी तरह उन्हें भी घर में बने खाने को पूरे मन से खाना चाहिए.

आप उन्हें उन की मेहनत का रिवार्ड देने के लिए उन की बनाई रोटी की पिक को अपनी फैमिली व फ्रैंड्स से शेयर करें. सब के सामने उन की तारीफ करें. इस से जब उन्हें और लोगों की भी तारीफ मिलेगी तो उन का कौन्फिडेंस बढ़ने के साथसाथ उन्हें जो खुशी मिलेगी उस का आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे. इस रिवार्ड से आगे भी वे किचन के काम में हाथ बंटाने के साथसाथ धीरेधीरे आप के काम की वैल्यू भी समझने लगेंगे.

टेबल मैनर्स पर दें प्ले गेम रिवार्ड

बच्चों को टेबल मैनर सिखाना बहुत जरूरी होता है वरना बचपन से बिगड़ी उन की यह आदत आगे चल कर उन के मजाक बनने का कारण बन सकती है. इसलिए उन्हें सिखाएं कि बच्चो अगर तुम टेबल पर मैनर्स जैसे खाने से पहले अपने हैंड्स को वाश करना, सब के आने के बाद ही खाना शुरू करना, मुंह खोल कर व आवाज निकालनिकाल कर खाना नहीं खाना, खाते वक्त गैजेट्स से दूरी बनाना, बरतनों को बजाना नहीं इत्यादि बातों का ध्यान रखोगे तो हम आप के साथ हर रोज आधा घंटा आप की पसंद की गेम खेलेंगे.

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