गंध और मस्तिष्क का रिश्ता
Srote|April 2020
गंध से हमारा बेहद करीबी रिश्ता रहा है। पकवानों की खुशबू से ही हम यह बता देते हैं कि पड़ोसी के घर में क्या बना है। गरमा-गरम कचोरी, कढ़ाई से उतरती सेव व पकोड़े, पके आम व खरबूजे की मीठी खुशबू हो या चंदन, गुलाब, मोगरा, चंपा आदि के इत्र की मदहोश कर देने वाली गंध हमें दीवाना बनाने के लिए काफी है।
डॉ. विपुल कीर्ति शर्मा

अलबत्ता, हममें से कुछ ऐसे भी हैं जो तपेली में जलते हुए दूध, बासी दाल और हींग जैसी तेज़ गंध को भी नहीं सूंघ पाते। स्वाद की तरह गंध भी एक रासायनिक संवेदना है।

हमारे आसपास का वातावरण गंध के वाष्पशील अणुओं से भरा हुआ है। जब हम नाक से सांस खींचते हैं तो गंध के अणु नाक के भीतर रासायनिक ग्राहियों से क्रिया करके संदेश को मस्तिष्क में पहुंचा देते हैं। अभी तक यही समझा जाता था कि मस्तिष्क के कुछ विशेष हिस्से (जैसे घ्राण बल्ब) गंध संदेशों की विवेचना कर हमें गंध का बोध कराते हैं। लेकिन कुछ ही समय पहले एक शोध टीम ने कुछ ऐसी महिलाओं की खोज की है जिनकी सूंघने की क्षमता तो सामान्य है परन्तु उनके मस्तिष्क में घ्राण बल्ब नहीं है।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM SROTEView All

मादा नेवलों में विचित्र प्रसव-तालमेल

हाल ही में नेवलों की आबादी पर किए गए अध्ययन से प्रजनन सम्बंधी कुछ अद्भुत परिणाम सामने आए हैं।

1 min read
Srote
September 2021

टेक्नॉलॉजी का सहस्राब्दी पुरस्कार

वर्ष 2020 के सहस्राब्दी टेक्नॉलॉजी पुरस्कार की घोषणा मई में की गई। यह पुरस्कार डीएनए अनुक्रमण (सिक्वेसिंग) की क्रांतिकारी तकनीक के विकास हेतु शंकर बालसुब्रमण्यन और डेविड क्लेनरमैन को दिया गया है। उनका काम विज्ञान और नवाचार का उत्कृष्ट संगम है। यह बहुत प्रासंगिक भी है क्योंकि वर्तमान महामारी के संदर्भ में हम सबने जीनोम अनुक्रमण के बारे में खूब सुना है।

1 min read
Srote
September 2021

जीवित मलेरिया परजीवी से निर्मित टीके की सफलता

हर वर्ष मलेरिया से लगभग चार लाख लोगों की मौत होती है। दवाइयों तथा कीटनाशक युक्त मच्छरदानी वगैरह से मलेरिया पर नियंत्रण में मदद मिली है लेकिन टीका मलेरिया नियंत्रण में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मलेरिया के एक प्रायोगिक टीके के शुरुआती चरण में आशाजनक परिणाम मिले हैं।

1 min read
Srote
September 2021

कोविङ-19: विभिन्न देशों के स्कूल सम्बंधी अनुभव

पिछला एक वर्ष हम सभी के लिए चुनौती भरा दौर रहा है। एक ओर तो महामारी का दंश तथा दूसरी ओर लॉकडाउन के कारण मानसिक तनाव । साथ ही समस्त शिक्षण का ऑनलाइन हो जाना।

1 min read
Srote
September 2021

हबल दूरबीन लौट आई है!

प्रतिष्ठित अंतरिक्ष दूरबीन हबल में लगभग एक महीने पहले कंप्यूटर सम्बंधी गड़बड़ी आ जाने के कारण उसने काम करना बंद कर दिया था, अब यह फिर से काम करने लगी है। साइंस पत्रिका के अनुसार दूरबीन का नियंत्रण ऑपरेटिंग पेलोड कंट्रोल कंप्यूटर से हटाकर बैकअप उपकरणों पर लाने के बाद हबल दूरबीन के सभी उपकरणों के साथ पुनः संवाद स्थापित कर लिया गया है।

1 min read
Srote
September 2021

संरक्षित ऊतकों से 1918 की महामारी के साक्ष्य

वर्ष 1918 में उस समय के नए इन्फ्लुएंज़ा स्ट्रेन से मारे गए दो जर्मन सैनिकों के फेफड़ों से बीसवीं सदी की सबसे विनाशकारी महामारी की आणविक झलक देखने को मिली है।

1 min read
Srote
August 2021

समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण पर बढ़ती चिंता

प्लास्टिक माउंट एवरेस्ट से लेकर अंटार्कटिका तक पहुंच चुका है। हर वर्ष, लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में बहा दिया जाता है। इनमें से कुछ बड़े टुकड़े तो समुद्र में तैरते रहते हैं, कुछ छोटे कण समुद्र के पेंदे में पहुंच जाते हैं तो कुछ का ठिकाना समुद्र की गहरी खाइयों के क्रस्टेशियन जीवों तक में होता है।

1 min read
Srote
August 2021

आजकल फफूंद की चर्चा हर जुबान पर

इन दिनों फफूंद के बड़े चर्चे हैं। ब्लैक फंगस, वाइट फंगस और फिर येलो फंगस । वैसे ये फफूंदें तो सहस्राब्दियों से हमारे साथ रहती आई हैं और रहेंगी। कभी दोस्त तो कभी दुश्मन बन कर।

1 min read
Srote
August 2021

क्या वनस्पति विज्ञान का अंत हो चुका है?

पिछले दिनों सेल प्रेस रिव्यू में विज्ञान और समाज शीर्षक के अंतर्गत एक पर्चा छपा था दी एंड ऑफ बॉटनी । यह पर्चा संयुक्त रूप से अर्जेंटाइना के वनस्पति संग्रहालय के जार्ज वी. क्रिसी, लिलियाना कैटीनास, मारिया एपीडोका और मिसौरी वनस्पति उद्यान के पीटर सी. हॉच द्वारा लिखा गया है। इस पर्चे का शीर्षक वाकई चौंका देने वाला है और हमें वनस्पति विज्ञान के वर्तमान यथार्थ से रू-ब-रू कराता है।

1 min read
Srote
August 2021

अंतर्राष्ट्रीय महामारी संधि का आह्वान

कोविड -19 महामारी ने यह तथ्य पुख्ता किया है कि जब तक सभी लोग सुरक्षित नहीं होंगे तब तक इस महामारी से कोई भी सुरक्षित नहीं होगा।

1 min read
Srote
August 2021