सत्शिष्य के लक्षण
vishvaguru ojaswi|July 2021
परम शांत अवस्था से बढ़कर व शांति के अनुभव से बढ़कर और कोई जगत में श्रेष्ठ अनुभव नहीं माना गया।

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के सत्संग प्रवचन से...

जो सशिष्य है वह मान और मत्सर से रहित अपने कार्य में दक्ष, ममता रहित, गुरू में दृढ़ प्रीतिवाला, निश्चल चित्त और परमार्थ का जिज्ञासु, ईर्ष्या से रहित और सत्यवादी होता है । इस प्रकार के नौ सद्गुणों से सुसज्जित जो होता है, वो सत्शिष्य सद्गुरु के थोड़े उपदेश मात्र से साक्षात्कार करके जीवनमुक्त पद में आरुढ़ हो जाता है।

गुरू के लक्षण बताए शास्त्रों में... 'जो प्राणीमात्र का हित चाहता हो, 'सर्वभूत हिते रतः' जिसकी बुद्धि हो, जो अपने स्वरूप में जगा हो, जिसको जगत मिथ्या भासता हो, स्वप्नतुल्य लगता हो अथवा त्रिकाल में जगत की उत्पत्ति ही न दिखती हो, इस प्रकार की जिनकी दृढ़ अनुभूति है, जो अपनी वृत्तियों से और अपने स्वरूप में ही जगे हैं, इस प्रकार के कई ज्ञानवान महापुरुषों के लक्षण कहे गए हैं । उनमें मुख्य लक्षण ये हैं कि जिनके चरणों में बैठने से हमारे चित्त में शांति आती हो, वो बढ़िया से बढ़िया ज्ञानियों का लक्षण है ।

ज्ञानवान के चरणों में बैठने से शांति का एहसास होता हो तो ये बढ़िया से बढ़िया उनका लक्षण है । कुछ ऐसे लक्षण होते हैं, स्व संवेद्य और कुछ पर संवेद्य होते हैं । यज्ञ करना, तप करना, तीर्थ करना, कीर्तन करना, होम करना, हवन करना ये 'स्व'करनेवाले को भी पता होता है और दूसरे लोग भी देखते हैं । ये पर-संवेद्य भी हैं । लेकिन आत्मज्ञान पर-संवेद्य नहीं, वो स्व-संवेद्य है । वो दूसरों को नहीं दिखेगा । आत्मज्ञान तुम्हें हो जाए तो तुम्हारे ज्ञान का अनुभव दूसरों को नहीं दिखेगा । दूसरों को तुम्हारा बाह्य व्यवहार दिखेगा, लेकिन तुम अपने स्वरूप में जगे हो वो तो तुम्हें ही अनुभव होगा ! इसलिए ज्ञान का अनुभव स्व-संवेद्य है ।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM VISHVAGURU OJASWIView All

भारत की सबसे कम हाइट की वकील

सफलता हासिल करने के लिए हाइट नहीं बल्कि हौसले बड़े होने चाहिए।

1 min read
vishvaguru ojaswi
June 2021

गृहस्थ धर्म क्या है ?

माता-पिता, समाज के ऋणानुबंध से मुक्त होने का माध्यम गृहस्थाश्रम है ।

1 min read
vishvaguru ojaswi
June 2021

संगीत जीवन की ध्वनि है...

जो रस की सृष्टि से उत्पन्न होता है, वह संगीत कहलाता है ।

1 min read
vishvaguru ojaswi
June 2021

सत्शिष्य के लक्षण

परम शांत अवस्था से बढ़कर व शांति के अनुभव से बढ़कर और कोई जगत में श्रेष्ठ अनुभव नहीं माना गया।

1 min read
vishvaguru ojaswi
July 2021

वर्तमान शिक्षा में परिवर्तन की आवश्यकता

ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे पढ़ जरूर रहे हैं, पर उन्हें उचित ज्ञान प्राप्त नहीं हो रहा है।

1 min read
vishvaguru ojaswi
July 2021

स्वामी श्री लीलाशाहजी जीवन दर्शन

साधु-संग मनुष्य जीवन को कुंदन (सोना) बनानेवाला है।

1 min read
vishvaguru ojaswi
July 2021

कैदियों के उज्ज्वल जीवन का आधार : योग !

योग से न सिर्फ कैदियों की फिटनेस में सुधार हुआ बल्कि इससे उनमें हिंसा की प्रवृत्ति घटी ।

1 min read
vishvaguru ojaswi
May 2021

पूज्य श्री साँईंजी का रामनवमी पर विशेष संदेश

रामजी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा और बुराई के विरुद्ध संघर्ष किया।

1 min read
vishvaguru ojaswi
May 2021

वर्तमान शिक्षा में परिवर्तन की आवश्यकता

उत्तम भोजन से उत्तम आरोग्य और उत्तम आरोग्य से उत्तम शिक्षा प्राप्त होगी।

1 min read
vishvaguru ojaswi
May 2021

वर्तमान शिक्षा में परिवर्तन की आवश्यकता

उद्यमिता कई चीजों से मिलकर बनी एक बड़ी आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था है ।

1 min read
vishvaguru ojaswi
April 2021
RELATED STORIES

HUGH: FAME Almost Killed Me

AFTER BECOMING A SUPERSTAR IN THE ’90S, HUGH GRANT WENT ON A HARD-PARTYING, SELF-DESTRUCTIVE SPIRAL THAT LASTED DECADES.

2 mins read
Star
December 21, 2020

THE BREWHOOD REVOLUTION'S FIRST TEST

The craft brewery explosion has reshaped urban neighborhoods. Can it survive this?

4 mins read
Charlotte Magazine
June 2020

आशारामजी बापू के साथ अन्याय कब तक ? संत-समाज

महान आत्मा तो वे हैं जो महान परमात्मा में ही शांत व आनंदित रहते हैं, परितृप्त रहते हैं।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
July 2021

1 से 21 मुखी रुद्राक्षः परिचय और लाभ

रुद्राक्ष विशेषांक

1 min read
Jyotish Sagar
July 2021

पूज्य गुरुदेव के प्रवचन- आत्मा से परमात्मा तक

इस प्रवचन में पढ़िए... • आत्माभिमुख कैसे हों? • भूतकाल के विचारों से छुटकारा कैसे पाएँ ? • सद्गुरु रूपी 'शिव' को भूतकाल का जहर समर्पित करना चाहिए। • मोक्ष की स्थिति इसी जीवन काल में प्राप्त की जा सकती है। • जीवंत माध्यम कैसा हो? • आश्रम, हजारों, लाखों आत्माओं का स्थाईत्व बनेगा। • सारे मनुष्यों तक प्रेम पहुँचाएँ कैसे? • परमात्मा की प्राप्ति के लिए आवश्यक है आप आत्मा बनें।

1 min read
Madhuchaitanya Hindi
July - August 2021

आत्मबल कैसे जगायें ?

पृथ्वी का राज्य मिल जाय लेकिन आत्मराज्य का पता नहीं मिलता है तो उस राज्य को लात मारो।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
June 2021

सत्संग परम औषध है

जब तक जीवन में सत्संग नहीं मिला तब तक मिथ्या का संग होगा।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
June 2021

योग एक मार्ग अनेक

परमात्मा हो या परमशांति या फिर गणित का कोई भी छोटा सा सवाल। इन तक पहुंचने के या सवाल को हल करने के भले कई मार्ग व माध्यम होते हैं परंतु इनका उत्तर एक ही होता है ऐसे ही योग की भी विभिन्न शारवाएं हैं, विभिन्न आसन और अवस्थाएं हैं परंतु सबकी मंजिल, सबकि उपलब्धि एक ही है।

1 min read
Sadhana Path
June 2021

Pilatus Delivers 1800th PC-12

After leading the turbine-powered business aircraft market in 2020, Pilatus passes another fleet milestone with the delivery of the 1800th example of the versatile single-engine turboprop. At 82 deliveries, according to the General Aviation Manufacturers Association’s 2020 Year-End Aircraft Shipment Report, the Pilatus PC-12 was the most popular model of all turbine-powered business aircraft.

2 mins read
Global Aviator
June 2021

A Star of the Bar & Bench

The former judge of the Supreme Court, who passed away on March 26, 2021, will be remembered for his politeness and persuasive delivery at the Bar and compassion and fairness on the Bench

3 mins read
India Legal
April 12, 2021