क्या है मूल समस्या व उसके समाधान में 'तुलसी पूजन दिवस' का योगदान
Rishi Prasad Hindi|December 2021
सत्यस्वरूप परमात्मा का पता न होना और संसार सच्चा लगना - यही सबसे बड़ी भूलभुलैया है।

जो स्वरूप से ही मुक्त है उसे अज्ञान के शिकंजे में कसकर ग्रसनेवाला कौन ? बुद्धि को तुच्छ बनानेवाला कौन ? विद्यार्थियों की तेजस्विता, समाज के सौहार्द, राष्ट्र के गौरव और विश्व के मंगल का विघातक कौन ? ऐसे सभी दहकते प्रश्नों के उत्तर में एकमात्र निराकरणीय समस्या है - 'जड़ता की स्वीकृति और चेतनता का तिरस्कार ।'

ब्रह्मनिष्ठ लोकसंत पूज्य आशारामजी बापू की सत्प्रेरणा से शुरू हुई सत्प्रवृत्तियों की श्रृंखला हर ओर से इसी मूल समस्या पर कुठाराघात करती है । उसी श्रृंखला की एक कड़ी है 'तुलसी पूजन दिवस', जिसकी शुरुआत संतश्री द्वारा २५ दिसम्बर २०१४ को की गयी थी। पूज्यश्री के शुभ संकल्पों से आज यह पर्व लोकस्वीकृत हो विश्व-भूमंडल को अनुप्राणित करने* में रत है । आप सभीको 'तुलसी पूजन दिवस' की हार्दिक बधाइयाँ ! इस अवसर पर आइये समझें कि मूल समस्या क्या है और उसके समाधान में इस दिवस का क्या योगदान है।

समस्या का अवलोकन

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM RISHI PRASAD HINDIView All

ये पाँच मंगलकारी बातें आज से ही जीवन में लाओ

यदि प्रिय वस्तुओं का त्याग कर दिया तो वासना कम होती जायेगी एवं भगवत्प्रीति बढ़ती जायेगी।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

पूज्य बापूजी का पावन संदेश

चेटीचंड पर्व पर

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

गृहस्थ में रहने की कला

जैसे बुलबुला पानी में है वैसे ही सब जीव-जगत ब्रह्म में ही है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

ऐसे दुर्लभ महापुरुष मुझे सद्गुरुरूप में मिल गये

(गतांक से आगे)

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

एक महान उद्देश्य ने खोल दिये कल्याण के अनेक मार्ग

अपने हृदय में धर्म के प्रति जितनी सच्चाई है उतनी ही अपनी उन्नति होती है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

उस एक को नहीं जाना तो सब जानकर भी क्या जाना ?

देवर्षि नारदजी जयंती : १७ मई

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

आयुर्वेद का अद्भुत प्राकट्य व एलोपैथी की शुरुआत

भविष्य में सुखी होने की चिंता न करें, वर्तमान में अपने चित्त को प्रसन्न रखें।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

आत्मसाक्षात्कार के ३ सरल उपाय

साधनाकाल में संसारी लोगों से अनावश्यक मिलना-जुलना बहुत ही अनर्थकारी होता है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2022

सुखी और प्रसन्न गृहस्थ-जीवन के लिए...

श्री सीता नवमी: १० मई

1 min read
Rishi Prasad Hindi
April 2022

निःस्वार्थ कर्म का बल

विद्यार्थी संस्कार

1 min read
Rishi Prasad Hindi
April 2022