महान-से-महान बना देता है सत्संग
Rishi Prasad Hindi|May 2021
सत्संग (सत्यस्वरूप परमात्मा का संग) एक बार हो जाय तो फिर उसका वियोग नहीं होता।
पूज्य बापूजी

५ साल का एक दासीपुत्र था। उसके पिता मर गये थे और विधवा माँ ऐसी थी कि जहाँ कहीं भी काम मिले बर्तन धोने, झाडू लगाने आदि का, कर लेती थी; पक्की नौकरी नहीं थी। गाँव में संत आये थे तो ब्राह्मणों ने उनकी सेवा के लिए उस दासी को भेज दिया। उसका पुत्र भी साथ आया। दासी तो अपनी रोजी-रोटी में लगे और बेटा सत्संग में बैठे । वही विधवा का अनाथ बालक आगे चलकर देवर्षि नारद बन गये । भगवान श्रीकृष्ण भी उठ के उनका सत्कार करते हैं, युधिष्ठिरजी उनको प्रणाम करते हैं और कभी किसी समस्या के समाधान में क्या करना चाहिए ऐसा श्रीकृष्ण सोचते हैं तो नारदजी प्रकट हो जाते हैं।

लो ! भगवान को सलाह देनेवाली अक्ल आयी... किसको ? दासीपुत्र को । क्यों ? कि ब्रह्मज्ञान का सत्संग मिला न !

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM RISHI PRASAD HINDIView All

महान-से-महान बना देता है सत्संग

सत्संग (सत्यस्वरूप परमात्मा का संग) एक बार हो जाय तो फिर उसका वियोग नहीं होता।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2021

गुरुकुल शिक्षा-पद्धति की आवश्यकता क्यों ?

सत्संग अपने-आप नहीं होता, करना पड़ता है । कुसंग अपने-आप हो जाता है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2021

केवल नारियों की निंदा का आरोप झूठा है

विकारी सुखों को जब तक भोगा नहीं तब तक आकर्षक लगते हैं और भोगो तो पछताना ही पड़ता है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2021

शास्त्रानुकूल आचरण का फल क्या ?

वैराग्यप्रधान व्यक्ति इसी जन्म में अपने आत्मा को जान लेता है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
May 2021

अपने जन्मदिन व महापुरुषों के अवतरण दिवस पर क्या करें ?

आत्मा-परमात्मा का साक्षात्कार सभी बड़प्पनों की पराकाष्ठा है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
April 2021

देश-विदेश में गूंजी आवाज 'निर्दोष बापूजी को रिहा करो!

आत्मबोध होने के लिए ब्रह्मवेत्ता सद्गुरु का सान्निध्य नितांत जरूरी है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
April 2021

बालक के चरित्र ने पिता को किया विस्मित

परमात्मा में विश्रांति पाने से मन-बुद्धि में विलक्षण लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
April 2021

ध्यान में उपयोगी महत्त्वपूर्ण १२ योग

परमात्म-ध्यान के पुण्य के सामने बाहर के तीर्थ का पुण्य नन्हा हो जाता है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
March 2021

गुरुकुल शिक्षा-पद्धति की आवश्यकता क्यों ?

गुरु की आज्ञा पालना यह बंधन नहीं है, सारे बंधनों से मुक्त करनेवाला उपहार है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
March 2021

ऐसे ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की महिमा वर्णनातीत है !

आत्मा-परमात्मा का साक्षात्कार सभी बड़प्पनों की पराकाष्ठा है।

1 min read
Rishi Prasad Hindi
March 2021
RELATED STORIES

HUGH: FAME Almost Killed Me

AFTER BECOMING A SUPERSTAR IN THE ’90S, HUGH GRANT WENT ON A HARD-PARTYING, SELF-DESTRUCTIVE SPIRAL THAT LASTED DECADES.

2 mins read
Star
December 21, 2020

THE BREWHOOD REVOLUTION'S FIRST TEST

The craft brewery explosion has reshaped urban neighborhoods. Can it survive this?

4 mins read
Charlotte Magazine
June 2020

Pilatus Delivers 1800th PC-12

After leading the turbine-powered business aircraft market in 2020, Pilatus passes another fleet milestone with the delivery of the 1800th example of the versatile single-engine turboprop. At 82 deliveries, according to the General Aviation Manufacturers Association’s 2020 Year-End Aircraft Shipment Report, the Pilatus PC-12 was the most popular model of all turbine-powered business aircraft.

2 mins read
Global Aviator
June 2021

A Star of the Bar & Bench

The former judge of the Supreme Court, who passed away on March 26, 2021, will be remembered for his politeness and persuasive delivery at the Bar and compassion and fairness on the Bench

3 mins read
India Legal
April 12, 2021

इस अंक के बालयोगी- ध्रुव

पूज्य गुरुदेव ने सन् २०२०, यह वर्ष 'बाल वर्ष' के रूप में घोषित किया है। इसी उपलक्ष्य में हम एक विशेष लेख शृंखला अपने बाल पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। आशा है, इस शृंखला के तहत प्रकाशित होने वाले बालयोगियों एवं बाल संतों के जीवन-चरित्र से बच्चों को निश्चित ही प्रेरणा मिलेगी।

1 min read
Madhuchaitanya Hindi
January - Fabruary 2021

दिव्य अनुभूतियाँ-अलौकिक संदेश!

तेरा मेरा मनुवां कैसे एक होइ रे... मैं कहता हौं आँखन देखी, तू कहता कागद की लेखी।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
January 2021

पूज्य नारायण साँईंजी का धरा पर दिव्य अवतरण

'संत न होते जगत में तो जल मरता संसार' ।

1 min read
vishvaguru ojaswi
January 2021

भगवद् गीता-दिव्य गान

ब्रह्मांड चेतना की एक शानदार अभिव्यक्ति है। यहां जो कुछ भी आप देख रहे हैं, वह और कुछ नहीं है, बल्कि चेतना की अपनी संपूर्ण कांति के साथ अभिव्यक्ति है। अपनेपन का बोध, जिस की अनुभूति हर वस्तु और हर जीव को होती है, कुछ और नहीं बल्कि उस ‘संपूर्ण' का एक भाग है। गीता इसी से शुरू होती है ...

1 min read
Rishimukh Hindi
October 2020

The Eyes See The World, The Heart Sees Reality

Our eyes are so precious. They are our interface to the world – with its panorama of images and colors and events.

4 mins read
Rishimukh
November 2020

गुरु से क्या और किस प्रकार पाएँ ?

साईं बाबा की बगिया... सबूरी से महक रही थी। शिरडी में भक्ति और ज्ञान के कमल लेकर बाबा बैठे थे। जो द्वारे आता, उसी की झोली में इन अलौकिक फूलों की सौगात डाल देते। इन्हीं दिनों नाना साहिब चंदोरकर का शिरडी में आना हुआ। नाना साहिब वेदांत के धुरंधरों में से एक माने जाते थे।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
November 2020