बालक के चरित्र ने पिता को किया विस्मित
Rishi Prasad Hindi|April 2021
परमात्मा में विश्रांति पाने से मन-बुद्धि में विलक्षण लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

(पिछले अंक में आपने पढ़ा कि भद्रशील ने अपने पिता गालव मुनि को बताया कि वह पूर्वजन्म में धर्मभ्रष्ट राजा धर्मकीर्ति था लेकिन उसके मरने के बाद यमपुरी में जब चित्रगुप्त के मुख से धर्मकीर्ति के अंत समय में उसके सत्संग व एकादशी व्रत करने के पुण्य-प्रभाव की बात यमराज ने सुनी तो उन्होंने धर्मकीर्ति को साष्टांग दंडवत् प्रणाम करते हुए उसकी पूजा की । अब आगे...)

यमदूत किसके पास नहीं आते ?

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