नारी का सम्मान व अपमान कब ?
Rishi Prasad Hindi|February 2021
बड़े-में-बड़ा पाप है शरीर को मैं मानना ।

('नारी और नर में एकत्व' गतांक से आगे)

प्रश्न : जब नारी के रूप में भी चेतन जीव ही है तब शास्त्रों में उसकी इतनी निंदा क्यों की गयी है ?

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