बलानां श्रेष्ठं बलं प्रज्ञाबलम्
Rishi Prasad Hindi|March 2020
बुद्धिमान मनुष्य को तो मोक्ष का पुरुषार्थ ही सार लगता है।
पूज्य बापूजी

महाभारत के उद्योग पर्व (३७.५५) में आता है :

यद् बलानां बलं श्रेष्ठं तत् प्रज्ञाबलमुच्यते॥

'जो सब बलों में श्रेष्ठ बल है वह प्रज्ञा* का बल कहलाता है।'

विश्व में सबसे बड़ा बल है बुद्धि का बल। आध्यात्मिक उन्नति के अथवा बुद्धिबल के विकास के कुछ लक्षण हैं :

पहला, संसार के ऐश-आराम, प्रलोभन होने के बाद भी मनुष्य उनमें आसक्त न हो तो समझना कि बुद्धि का बल विकसित हो रहा है।

दूसरा, भगवान के प्रति, सत्शास्त्रों और सत्पुरुषों के प्रति प्रीति का विकास हो तो समझो बुद्धि ठीक विकसित होने के रास्ते है।

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