वानर-साधकों की खोज-यात्रा!-(रामचरितमानस से व्यक्तित्व-निर्माण के सूत्र!)
Akhand Gyan - Hindi|January 2021
एक खिलाड़ी को दौड़ते हुए दो तरह के स्वर सुनाई देते हैं। एक स्वर नकारात्मक होता है, उसके आलोचकों का! दूसरा स्वर सकारात्मक होता है, उसके मार्गदर्शक का! किस स्वर को तूल देनी है, यह खिलाड़ी का निर्णय होता है।

एक पाश्चात्य शिक्षाविद् मार्वा कॉलिन्स ने लिखा है'Success doesn'tcome toyou;you gotoitसफलता तुम तक नहीं आती, तुम सफलता तक जाते हो।' सफलता एक लक्ष्य है, जिस तक पहुँचने के लिए आवश्यक यात्रा की जाती है। 'साधना' भी एक यात्रा है। 'साधक' यात्री है।

पर यह यात्रा किन्हीं बाहरी मार्गों पर नहीं होती, न ही कोई बाहरी प्रतीक इसकी मंज़िल है। यह यात्रा साधक के भीतर होती है। स्वयं साधक ही इसका साध्य है। यह स्वयं की पूर्णता की खोज-यात्रा है। जैसा कि मशहूर दार्शनिक बर्नार्ड शॉ ने कहा'Life is not about findingyourself. Life is about creating yourself.'जीवन केवल स्वयं को ढूँढ़ना नहीं है, जीवन स्वयं का निर्माण करना है। वैसे ही जितना-जितना एक साधक अपनी खोज-यात्रा में आगे बढ़ता है, वह स्वयं को बनाता जाता है। पड़ाव-दर-पड़ाव अपने भीतर गुण विकसित करता जाता है।

ऐसी ही एक यात्रा हजारों वर्ष पहले भगवान श्रीराम के साधक-वानरों ने की थी, जिसका वर्णन गोस्वामी तुलसीदास जी श्री रामचरितमानस के किष्किंधाकाण्ड में करते हैं। वानरों की इस यात्रा का उद्देश्य थामाँ सीता की खोज, जो एक साधक के पूर्ण भक्तिमय स्वरूप का प्रतीक है। अतः इस यात्रा का प्रत्येक पहलू एक साधक की खोज-यात्रा का ही प्रतिबिम्ब है। चलिए, हम भी वानरों के संग इस दुर्गम यात्रा पर चलते हैं... एक साधक की आंतरिक खोज या निर्माण यात्रा पर आगे बढ़ते हैं!

राजा सुग्रीव की सभा सुसज्जित थी। समस्त वानर सेना तैनात खड़ी थी। माँ सीता की खोज हेतु सुग्रीव इन सैनिकों की टुकड़ियाँ बना-बना कर चारों दिशाओं में भेज रहे थे। इसी क्रम में सुग्रीव ने जो अंतिम दल बनाया, उसमें अपने श्रेष्ठ और प्रधान योद्धाओं का आह्वान किया

सुनहु नील अंगद हनुमाना।

जामवंत मतिधीर सुजाना॥

सकल सुभट मिलि दच्छिन जाहू।

सीता सुधि पूँछेहु सब काहू।

अर्थात् हे धीरबुद्धि और चतुर नील, अंगद, जामवंत व हनुमान! तुम सभी श्रेष्ठ योद्धा मिलकर दक्षिण दिशा की ओर जाओ और माता सीता का पता लगाओ।

लक्ष्य = साधक (दिशा + दशा)

Target = Sadhak (Direction + State)

इस सूत्र में साधक की खोज-यात्रा की तीन आवश्यकताओं का वर्णन है। सबसे पहले'लक्ष्य' निश्चित होना चाहिए। 'Begin with the end in mind.' -Stephen Covey अर्थात् लक्ष्य को ध्यान में रखकर शुरुआत करो। वानरों का लक्ष्य निर्धारित थामाँ सीता। इसी प्रकार एक साधक का लक्ष्य हैअपने वास्तविक स्वरूप को पाना।

जब वह इस लक्ष्य को निश्चित कर लेगा, तो उसके बाद उसे दो विशेष बातों को ध्यान में रखना होगाअपनी 'दशा' और "दिशा' को! जैसे सुग्रीव जी ने अपने श्रेष्ठतम योद्धाओं का आह्वान किया, वैसे ही साधक को अपने श्रेष्ठ गुणों को पहचानना व संगठित करना होगा, जो इस खोज-यात्रा में उसकी सहायता कर सकें।

उसके बाद हैदिशा का निर्धारण! एन्टन चेखोव ने बड़े मार्के की बात कही'If you cry 'Forward', you must without fail make plan in what direction to go. He for 'आगे बढ़ो' कहने से पहले, बढ़ने की दिशा निश्चित करो।'

जैसे श्री राम की प्रेरणा से वानरों को 'दक्षिण दिशा मिली, वैसे ही साधकों को भी, सद्गुरु की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रेरणा द्वारा निर्धारित दिशा में ही आगे बढ़ना चाहिए।

आगे सुग्रीव मार्गदर्शन करते हुए इस श्रेष्ठ दल से बोले-

मन क्रम बचन सो जतन बिचारेहु।

रामचंद्र कर काजु सँवारेहु॥

अर्थात् मन, वचन और कर्म से श्री राम के काज को सँवारने का जतन करना।

सफलता = पूर्ण एकाग्रता (मन + वचन + कर्म)

( Success = Total focus (Mind + Speech + Action)

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM AKHAND GYAN - HINDIView All

एका बना वैष्णव वीर!

आपने पिछले प्रकाशित अंक (मार्च 2020) में पढ़ा था, एका शयन कक्ष में अपने गुरुदेव जनार्दन स्वामी की चरण-सेवा कर रहा था। सद्गुरु स्वामी योगनिद्रा में प्रवेश कर समाधिस्थ हो गए थे। इतने में, सेवारत एका को उस कक्ष के भीतर अलौकिक दृश्य दिखाई देने लगे। श्री कृष्ण की द्वापरकालीन अद्भुत लीलाएँ उसे अनुभूति रूप में प्रत्यक्ष होती गईं। इन दिव्यानुभूतियों के प्रभाव से एका को आभास हुआ जैसे कि एक महामानव उसकी देह में प्रवेश कर गया हो। तभी एक दरोगा कक्ष के द्वार पर आया और हाँफते-हाँफते उसने सूचना दी कि 'शत्रु सेना ने देवगढ़ पर चढ़ाई कर दी है। अतः हमारी सेना मुख्य फाटक पर जनार्दन स्वामी के नेतृत्व की प्रतीक्षा में है।' एका ने सद्गुरु स्वामी की समाधिस्थ स्थिति में विघ्न डालना उचित नहीं समझा और स्वयं उनकी युद्ध की पोशाक धारण करके मुख्य फाटक पर पहुँच गया। अब आगे...

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

'सुख' 'धन' से ज्यादा महंगा!

हेनरी फोर्ड हर पड़ाव पर सुख को तलाशते रहे। कभी अमीरी में, कभी गरीबी में, कभी भोजन में, कभी नींद में कभी मित्रता में! पर यह 'सुख' उनके जीवन से नदारद ही रहा।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

कैसा होगा तृतीय विश्व युद्ध?

विश्व इतिहास के पन्नों में दो ऐसे युद्ध दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके बारे में सोचकर आज भी मानवता काँप उठती है। पहला था, सन् 1914 में शुरु हुआ प्रथम विश्व युद्ध। कई मिलियन शवों पर खड़े होकर इस विश्व युद्ध ने पूरे संसार में भयंकर तबाही मचाई थी। चार वर्षों तक चले इस मौत के तांडव को आगामी सब युद्धों को खत्म कर देने वाला युद्ध माना गया था।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

अपने संग चला लो, हे प्रभु!

जलतरंग- शताब्दियों पूर्व भारत में ही विकसित हुआ था यह वाद्य यंत्र। संगीत जगत का अनुपम यंत्र! विश्व के प्राचीनतम वाद्य यंत्रों में से एक। भारतीय शास्त्रीय संगीत में आज भी इसका विशेष स्थान है। इतने आधुनिक और परिष्कृत यंत्र बनने के बावजूद भी जब कभी जलतरंग से मधुर व अनूठे सुर या राग छेड़े जाते हैं, तो गज़ब का समाँ बँध जाता है। सुनने वालों के हृदय तरंगमय हो उठते हैं।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

चित्रकला में भगवान नीले रंग के क्यों?

अपनी साधना को इतना प्रबल करें कि अत्यंत गहरे नील वर्ण के सहस्रार चक्र तक पहुँचकर ईश्वर को पूर्ण रूप से प्राप्त कर लें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
April 2021

ठक! ठक! ठक! क्या ईश्वर है?

यदि तुम नास्तिकों के सामने ईश्वर प्रत्यक्ष भी हो जाए, तुम्हें दिखाई भी दे, सुनाई मी, तुम उसे महसूस भी कर सको, अन्य लोग उसके होने की गवाही भी दें, तो भी तुम उसे नहीं मानोगे। एक भ्रम, छलावा, धोखा कहकर नकार दोगे। फिर तुमने ईश्वर को मानने का कौन-सा पैमाना तय किया है?

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

आइए, शपथ लें..!

एक शिष्य के जीवन में भी सबसे अधिक महत्त्व मात्र एक ही पहलू का हैवह हर साँस में गुरु की ओर उन्मुख हो। भूल से भी बागियों की ओर रुख करके गुरु से बेमुख न हो जाए। क्याकि गुरु से बेमुख होने का अर्थ है-शिष्यत्व का दागदार हो जाना! शिष्यत्व की हार हो जाना!

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

अंतिम इच्छा

भारत की धरा को समय-समय पर महापुरुषों, ऋषि-मुनियों व सद्गुरुओं के पावन चरणों की रज मिली है। आइए, आज उन्हीं में से एक महान तपस्वी महर्षि दधीची के त्यागमय, भक्तिमय और कल्याणकारी चरित्र को जानें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

भगवान महावीर की मानव-निर्माण कला!

मूर्तिकार ही अनगढ़ पत्थर को तराशकर उसमें से प्रतिमा को प्रकट कर सकता है। ठीक ऐसे ही, हर मनुष्य में प्रकाश स्वरूप परमात्मा विद्यमान है। पर उसे प्रकट करने के लिए परम कलाकार की आवश्यकता होती है। हर युग में इस कला को पूर्णता दी है, तत्समय के सद्गुरुओं ने!

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
March 2021

ठंडी बयार

सर्दियों में भले ही आप थोड़े सुस्त हो गए हों, परन्तु हम आपके लिए रेपिड फायर (जल्दी-जल्दी पूछे जाने वाले) प्रश्न लेकर आए हैं। तो तैयार हो जाइए, निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए। उत्तर 'हाँ' या 'न' में दें।

1 min read
Akhand Gyan - Hindi
February 2021
RELATED STORIES

What is Success?

Dr. Ichak Adizes shares what true success really means and what is needed to find success in everything we do.

3 mins read
Heartfulness eMagazine
May 2021

The Secret of Success

Madhusudan Reddy explores how success comes through discipline, and provides simple effective ways of cultivating that discipline in daily life.

3 mins read
Heartfulness eMagazine
April 2020

9 Tricks To Improve Your Life

9 tricks to improve your life*

2 mins read
Reader's Digest US
March 2020

Part 2 - Where History Intersects With Myth

Ashwin Sanghi is an Indian author in the intersecting genre of mythology, fiction and thriller. In this second part of his interview with Rudy Singh, he speaks about mythology, history, his approach to writing and his upcoming books. Ashwin continues the conversation from where he left off.

7 mins read
Heartfulness eMagazine
January 2020

Five Strategies For Franchise Growth

Every year, a few companies show massive gains in our Franchise 500 list by either leaping hundreds of spots or making a strong debut. How do they do it? We called them to ask.

9 mins read
Entrepreneur
January - February 2020

How To Succeed In 2020

We’re not just about to enter a new year. We’re heading into a whole new decade. That means plenty of fresh opportunities, new challenges, and the chance to build businesses that will create a better tomorrow. Thirteen entrepreneurs and experts talked us through the trends to come—and offered advice on how to navigate your way to a successful future.

10+ mins read
Entrepreneur
December 2019

100 Powerful Women

Women know how to fight the good fight—and they won’t back down until the job is done. Get to know 100 female-led businesses and brands that are creating change and redefining the rules of success.

10+ mins read
Entrepreneur
October - November 2019

How To Create Killer Buzz Around Your Biz

Nudging your customers to sing your praises is the best advertising you never bought. But be careful: There’s an art to this ask.

4 mins read
Inc.
October 2019

Top Scholars Road To Success Requires Setting The Bar Higher

The pathway to success in career and life starts with goals, motivation, and commitment. Setting the bar high academically is but one of many routes to success, as is pursuing professional experience through internships and seeking leadership opportunities.

4 mins read
Hispanic Engineer & Information Technology
Fall 2019 Volume 34 Issue 2

Understanding Etiquette Is Key To Success

Best practies in Business Etiquette.

3 mins read
USBE & Information Technology
August 2019