गोवा: पूछती है हर लहर, फिर कब आओगे...?
Uday India Hindi|November 07, 2021
गोवा का नाम आते ही पर्यटकों के मन में हरियाली से भरपूर एवं समुद्र तट से सुशोभित एक सुन्दर सी जगह की तस्वीर घूम जाती हैं। सरल प्रकृति के लोग, हरी-भरी धरती, लहरों से घिरे समुद्री किनारे, चहल-पहल, जीवन जीने की अलग ही अदा और हर ओर बिखरा सौन्दर्ययही हैं गोवा की पहचान।
डॉ. विभा खरे

बंबई से गोवा विमान द्वारा एक घंटे में पहुंचा जा सकता है। गोवा का हवाई अड्डा 'डाबोलिम' हैं जो मूल रूप से सेना के काम में आने वाला अड्डा हैं। गोवा की राजधानी 'पणजी' यहां से उन्नीस किलोमीटर दूर हैं। गोवा की रेल-परिवहन व्यवस्था को लें तो यहां का प्रमुख रेल्वे स्टेशन वास्कोडिगामा या मारगाओं हैं। सड़क परिवहन की दृष्टि से गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 4 ए 17 से जुड़ा हैं। मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा गोवा की दूरी 594 किलोमीटर हैं। गोवा में जल-परिवहन भी उपलब्ध हैं। दमानिया शिपिंग कंपनी द्वारा तेज चलने वाली नौका (कैटामेरीन) आरंभ की गई हैं, जो गोवा लगभग (बंबई से) सात घंटे में पहुंचा देती हैं।

पर्यटको का स्वर्ग हैं गोवा

गोवा पर लगभग 450 वर्षों तक पुर्तगालियों का शासन रहा। देश के आजाद होने के 16 वर्ष बाद तक यह पुर्तगाल का उपनिवेश रहा, इसीलिए यहां हर ओर पुर्तगाली राजधानी पुराने गोवा में हैं जो नई राजधानी 'पणजी' से 9 किलोमीटर पूर्व में हैं। 1961 में गोवा पुर्तगाली शासन से मुक्त हो अपने स्वतंत्र अस्तित्व में आया। इसके बाद कुछ ही दशक में गोवा ने पर्यटक के क्षेत्र में इतनी ख्याति अर्जित कर ली कि यह देश के पर्यटनमानचित्र में ऊंचा स्थान रखने लगा। । गोवा आए बिना पर्यटक अपनी यात्रा को अधूरी सी समझते हैं।

अनोखे सौंदर्य से भरपूर है गोवा

गोवा एक भरे-पूरे क्षेत्र का नाम है। यह 3600 वर्ग किलोमीटर में फैला हैं। इसमें पोंडा, मापुसा, वास्कोडिगामा, मारगाओ जैसे प्रमुख नगर हैं। इसके दो सिरे जहां महाराष्ट्र और कर्नाटक से घिरे हैं, वहीं गोवा का पश्चिमी सिरा अरब सागर को छूता हैं। उत्तर से दक्षिण तक इस विशाल सिरे की लंबाई 105 किलोमीटर है, इसीलिए सागर तट के अनोखे सौंदर्य से भरपूर गोवा में हरियाली भी बहुत अधिक हैं। यहां ताड़, काजू, आम, कटहल, नारियल आदि के पेड़ बहुतायत में हैं। इसके अलावा फूलों की खेती भी यहां खूब होती हैं। फसलों में धान का स्थान प्रमुख हैं।

पर्यटक खो जाता प्रकृति की गोद में

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM UDAY INDIA HINDIView All

पिछड़े अति पिछड़े भाजपा के साथ भगोड़े विधान भवन नहीं लौटेंगे

कुछ मंत्री, कुछ विधायक चुनाव घोषणा होते ही भाजपा को छोड़ कर गये। अब सपा का दागदार दामन थाम लिया। भाजपा के ये ये भगोड़े नेता हर चुनाव में मक्खन मलाई खाकर पार्टी बदल लेते हैं। इस बार उनका कहना है कि वे पिछड़ों के लिये पार्टी छोड़कर जा रहे हैं यानि पांच साल ये लोग पिछड़ों के अहित से जुड़े रहे। यह बात उनकी अपनी जाति बिरादरी के लोगों के गले ही नहीं उतर रही तो अन्य समाज के लोगों के गले कैसे उतरेगी।

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

तीसरी लहर का सामना करने के लिए देश तैयार

"बच्चों का टीकाकरण समय-समय पर केंद्र/राज्य सरकारों के नीति दिशानिर्देशों के अनुसार होना चाहिए। अस्पताल ने 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू कर दिया है। हालांकि, दिल्ली में किए गए पिछले सीरो सर्वेक्षण में 64 प्रतिशत बच्चों की आबादी में कोविड के प्रति एंटीबॉडी विकसित होने की सूचना है। यह दर्शाता है कि पिछले संक्रमणों के दौरान प्राकृतिक प्रतिरक्षा हासिल कर ली गई है। इसलिए, पहले से मौजूद एंटीबॉडी के कारण, बच्चों की आबादी का अच्छा प्रतिशत कोरोना संक्रमण के संपर्क में आने पर भी सुरक्षित रहना चाहिए," यह कहना है डॉ. दीपक शुक्ला, सीइओ, पुष्पावती सिंघानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट, का अशोक कुमार से हुई बातचीत में। बातचीत के प्रमुख अंश:

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक भौर नफरत की राजनीति प्रधानमंत्री के खिलाफ रचा गया मृत्युजाल!

पंजाब की यह घटना एक सुनियोजित साजिश है जिसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कड़ी कार्यवाही बनती है। नरेंद्र मोदी देश नागरिक नहीं अपितु वह देश के प्रधानमंत्री हैं और जिस राज्य में प्रधानमंत्री की सुरक्षा नहीं हो सकती वहां की आम जनता का क्या हाल हो रहा होगा यह समझा जा सकता है। प्रधानमंत्री के साथ घटित घटना के बाद यह साबित हो गया है कि पंजाब का पूरा प्रशासन तंत्र खालिस्तानी वामपंथियों के शिकंजे में आ चुका है और 5 जनवरी को किसान आंदोलन की आड़ में प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गयी थी और प्रधानमंत्री भगवान भोलेनाथ और मां गंगा की कृपा से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे हैं।

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

बज गया बिगुल

कोरोना की चुनौतियां, ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने 10 फरवरी से चुनाव की घोषणा की है। जिसमें यूपी में सात चरणों, मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे। इसके अलावा पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में एक एक चरण में चुनाव होंगे। चुनाव आयोग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस बार देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में 18.3 करोड़ मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे।

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

ओमीकॉन वायरस का सामना करने के लिए आज देश बेहतर तरीके से तैयार है

"सच में, हमारे अस्पतालों ने पहली और दूसरी लहर को संभाला। अब तीसरी लहर है। जब पहली लहर आई तो हम तैयार नहीं थे- हमारे पास पीपीई किट आदि नहीं थे। हमें नहीं पता था कि क्या करना है। अच्छी बात यह थी कि सरकार पूरी स्थिति को सीधे संभाल रही थी और निजी क्षेत्र को दूर रखा गया था। संयोग से, मामलों की संख्या भी कम थी। देश भर में लगाए गए प्रतिबंध बहुत अधिक थे। पहली लहर में होने वाली मौतें दूसरी लहर की तुलना में बहुत कम थीं। जब दूसरी लहर आई तो में हमारे पास सुरक्षात्मक किट थे, लेकिन हम लापरवाह हो गए थे राज्यों और केंद्र के बीच विवाद थे। राज्यों और केंद्र के बीच इस विवाद में व्यवस्थाओं का अभाव रहा," यह कहना है डॉ. विनय अग्रवाल, चेयरमैन, पुष्पांजलि क्रॉसले हॉस्पीटल, का अशोक कुमार से हुई बातचीत में। बातचीत के प्रमुख अंश:

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

डबल तड़का

फिल्म-जगत की खबरे

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

चौमुखी चुनौतियों के चक्रव्यूह में उत्तर प्रदेश के चुनाव

आवरण कथा

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

ओमीक्रोन संक्रमण की सुनामी के रूबरू सांस रोके खड़ा देश

टीकाकरण थामेगा बेहद तेजी से फैल रहे नए वैरियेंट की नकेल

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

उत्तर प्रदेश योगी ही एकमात्र मुद्दा

चुनाव के दौरान योगी का मुद्दा

1 min read
Uday India Hindi
January 23, 2022

संकट ही नहीं हर्ष भी देकर गया बीता साल

इक्कीसवीं सदी के इक्कीसवें वर्ष को अलविदा कहते हुए नए वर्ष का स्वागत हम इस सोच और संकल्प के साथ करें कि हमें कुछ नया करना है, नया बनना है, नये पदचिह्न स्थापित करने हैं। बीते वर्ष की कोरोना महामारी के अलावा मौसमी आपदाओं, आर्थिक असंतुलन, राजनीतिक उठापटक, बर्फीले तूफान, समुद्री चक्रवात, बाढ़ और जंगलों के राख होने एवं धरती के तापमान के बढ़ने की पीड़ाओं, दर्द एवं प्रकोप पर नजर रखते हुए उन पर नियंत्रण पाने का संकल्प लेना है। हमें यह संकल्प करना और शपथ लेनी है कि आने वाले वर्ष में हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जो हमारे उद्देश्यों, उम्मीदों, उमंगों और आदर्शों पर प्रश्नचिह्न लगा दे। कोरोना महामारी की तीसरी लहर यानी ओमीक्रोन की आहट के बीच हमें नये साल में अपनी जीवनशैली को नया रंग और आकार देना है।

1 min read
Uday India Hindi
January 09, 2022
RELATED STORIES

Buzkashi: Afghanistan's Traditional Sport

The history of Buzkashi dates back to ancient times, and the name of this sport means killing goats, which is taken from the hunting of mountain goats by horse heroes.

4 mins read
Lens Magazine
September 2021

The Rolling Stones: Goats Head Soup Super Deluxe Edition

Show of hands, please—how many of you rate August 1973’s Goats Head Soup as your favorite Rolling Stones album? Anyone? No? Can’t say I blame you.

3 mins read
Sound & Vision
February - March 2021

Yes, you *can* have everything you want

It’s time to manifest your biggest dreams. Because making (and not keeping) new year’s resolutions is so last year.

5 mins read
Girls' Life magazine
February/March 2021

Goa and Greenhouses

A well-to-do Russian tries to bring his green new ideal to life in a Russian village. Not all goes to plan.

6 mins read
Russian Life
November/December 2020

Reach Your Goals

Let’s talk about setting goals and achieving them. I’ll share some of my personal goals and the process I went through to achieve them.

4 mins read
FHM Australia
May 2020

Max Your Motivation

Setting goals is easy, meeting them is not. But there are foolproof ways to keep that fire burning...

5 mins read
Essentials
April 2020

Beat Any New Year Goal

According to a US News & World report, 80 percent of New Year’s resolutions fail by February. Setting intentions without having a plan is one of the reasons why. Whatever your goals, we have the advice you need to ensure you stick to your resolutions all year through. You’ll finish the year stronger than you started.

10+ mins read
Men's Health South Africa
February 2020

A Solid Foundation For Your Best Life

What can we do when our goals seem too lofty and float out of reach? Anita Chaudhuri asks the experts how to go back to basics and establish an effective new beginning through positive practical habits

9 mins read
Psychologies
February 2020

New Year's Revolution

Does a shiny list of goals excite you? Change it up, writes resolution fan Harriet Minter, who asks us to ponder how we want to feel instead

3 mins read
Psychologies
February 2020

A Fresh Space For Your Child With Special Needs

For the majority of Americans, the start of a new year means setting new goals and resolutions.

2 mins read
Charlotte Parent
January 2020