दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा का गहराता संकट
Uday India Hindi|August 08, 2021
हाल में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन ने 'द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2021' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें भोजन के सेवन और कुपोषण पर कोविड-19 महामारी से प्रेरित आय में हानि के प्रभाव का अध्ययन किया है।
अली खान

इसमें दर्शाया गया है कि खाद्य सुरक्षा पर कोविड-19 का प्रभाव विकासशील और अविकसित दुनिया पर अधिक पड़ा हैं। इसके अलावा उन देशों पर खाद्य सुरक्षा का संकट मंडराने लगा है, जिसने महामारी से निपटने में सफलता जरूर अर्जित की लेकिन अन्य जलवायु संबंधी आपदाओं और आर्थिक मंदी के दौर ने बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया की आधे से अधिक कुपोषित आबादी एशिया में पाई जाती है। जबकि एकतिहाई से अधिक कुपोषित आबादी अफ्रीका में निवास कर रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में अफ्रीका में करीबन 46 मिलियन से अधिक, एशिया में 57 मिलियन से अधिक और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन में करीब 14 मिलियन से अधिक लोग भूख से प्रभावित थे। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी वैश्विक खाद्य नीति रिपोर्ट-2021 से साफ जाहिर होता है कि बढ़ती गरीबी और घटती आजीविका का प्रभाव खाद्य असुरक्षा तथा आहार की गुणवत्ता पर पड़ा है।

बता दें कि वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन और भूखमरी की समस्या से निपटने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। जिसमें वैश्विक स्तर पर वर्ष 2030 तक सतत् विकास लक्ष्यों में गरीबी उन्मूलन एसडीजी-1 और भूख एसडीजी-2 को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा हालातों के मद्देनजर 2030 तक गरीबी उन्मूलन और भूखमरी से बड़ी आबादी को बाहर निकालने में कोई बड़ी सफलता हाथ लग जाएगी, ऐसा बिल्कुल भी प्रतीत नहीं होता। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों तक अपरिवर्तित रहने के बाद अल्पपोषण की व्यापकता में महज एक वर्ष के भीतर 1.5 फीसद का इजाफा हुआ है। वहीं 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में लगभग 11.8 करोड़ अधिक लोगों को भूख का सामना करना पड़ा, जो कि करीब 18 फीसद की वृद्धि को दर्शाता है। मौजूदा कोविड-19 संक्रमण के इस दौर में लोगों की आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आय में कमी के कारण भोजन जुटाने के लिए लोगों के सामय में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। दुनिया में लगभग तीन में से एक व्यक्ति के पास वर्ष 2020 में पर्याप्त भोजन नहीं था। जहां तक इस आबादी का सवाल है तो लगभग 3 बिलियन लोगों को भोजन मयस्सर नहीं हो रहा है। यदि हम इसके पीछे बड़े कारणों की बात करें तो खाद्य प्रणालियों को प्रभावित करने वाले बाहरी कारक और आंतरिक कारक पौष्टिक खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ा रहे हैं, जिसके चलते गरीब और मध्यम वर्ग की स्वच्छ भोजन तक पहुंच नहीं बन पा रही हैं। रिपोर्ट से यह तथ्य भी उभरकर सामने आया है कि पुरूषों और महिलाओं के बीच भोजन की पहुंच में काफी अंतर है। जहां वर्ष 2020 में खाद्य सुरक्षा के मामले में प्रत्येक 10 पुरूषों की अपेक्षा 11 महिलाएं असुरक्षित थीं, जबकि वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 10.6 से अधिक था।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM UDAY INDIA HINDIView All

मौनी की सगाई!

छोटे पर्दे पर 'नागिन' का किरदार निभाकर मशहूर हुईं अभिनेत्री मौनी रॉय काफी सुर्खियां बटोरती हैं। वैसे तो मौनी रॉय अपने बोल्ड और खूबसूरत फोटोज की वजह से चर्चा में बनी रहती हैं। लेकिन इस बार मौनी रॉय के चर्चा में बने रहने की वजह है उनकी शादी।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

नैरेटिव की लड़ाई से कांग्रेस को आगे बढ़ना होगा

जब भी चुनाव आते हैं, देश की सबसे पुरानी पार्टी के शुभचिंतक उसके उभार की भविष्यवाणियां करने लगते हैं। लंबे समय तक की सत्ता के दम पर कांग्रेस ने बौद्धिक और पत्रकारीय दुनिया में एक ऐसा समर्थक वर्ग जरूर बना रखा है, जो कांग्रेस के पहले परिवार के हर कदम पर मर मिटता है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

पूजा लक्ष्मी की ही क्यों, गृहलक्ष्मी की क्यों नहीं?

विचित्र विरोधाभास है स्त्री की स्थिति में इस देश में। एक ओर शास्त्रों में श्री, धी और शक्ति की प्रतीक लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में पूजित है, तो दूसरी ओर घर में ही नहीं समाज के लगभग हर क्षेत्र में शोषित और पीड़ित, दोयम दर्जे की नागरिक भी है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी- घबराएं नहीं,प्लान करें और स्ट्रिक्टली फॉलो करें

प्लानिंग को हर लक्ष्य प्राप्ति का आधारशीला माना जाता है। क्योंकि प्रायः ऐसा कहा जाता है कि यदि आप अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजना बनाने में असफल रहते हैं तो आप असफल होने की योजना बना रहे होते हैं। आशय यह है कि प्री-बोर्ड जैसे अहम परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक परफेक्ट प्लानिंग काफी जरुरी है। लेकिन प्लान रियलिस्टिक हों-आदर्श योजना समय, संसाधन और कठिन मेहनत की बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं होता है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

अजीब दास्तान है ये!

सन 1965 में एक फिल्म आयी थी, नाम था 'छोटी छोटी बातें।' उसे फिल्म की हेरोइन नादिरा पर फिल्माया गया एक गीत था, जिसके बोल थे 'कुछ और जमाना कहता है, कुछ और है जिद्द मेरे दिल की। मैं बात जमाने की मानूं, या बात सुनूं अपने दिल की।' इस गाने के यह बोल भारत की ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस पर एकदम फिट बैठती है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

अब कैप्टन ने लिया सिद्ध का विकेट

इतनी जटिल, और कठिन परिस्थितियों से निजात पाने का कोई स्थाई इलाज कांग्रेस के पास है या नहीं?

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

आर्यन के बहाने शाहरूख खान की जिम्मेदारी पर चर्चा

आर्यन खान की गिरफ्तारी को इस अर्थ में भी देखा जा सकता है कि जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए होता है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

अधिकार असीमित नहीं हो सकते

कहने को भारत एक ऐसा देश है जो संविधान से चलता है लेकिन जब देश के सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ता है कि वो जांच करेगा कि 'क्या विरोध करने का अधिकार एक पूर्ण अधिकार है' तो लगता है कि हम आज भी गुलाम हैं।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

हिन्दकुश हिमालय पर्वतमाला: दी धई पोल

नेपाल के काठमान्डु नगर में, 37 साल से भी अधिक पुराना, एक अन्तरराष्ट्रीय संगठन जिसका नाम 'इंटरनेशनल सेंटर फार इंटीग्रेटेड माउन्टेन डेव्लपमेंट' आईसीमोड' है, नेपाल के काठमान्डु नगर में स्थित है। इस संगठन ने वर्ष 2013 से 2017 के बीच हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला का सघन अध्ययन किया है। उनके अध्ययन से पता चलता है कि हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला के पठारी और तीखे तथा खड़े ढाल वाले पहाड़ी इलाकों के जंगलों की कटाई हुई है और टूरिज्म बढ़ा है।

1 min read
Uday India Hindi
October 17, 2021

राजा महेंद्र प्रताप के बहाने जाटलैंड मजबूत करने की कोशिश

राजा महेंद्र प्रताप और सुभाष चंद्र बोस में समानता रही कि दोनों ने निर्वासित रहते हुए विदेशों में सरकार बनाई। लेकिन दोनों को आजाद भारत में कोई भूमिका निभाने का मौका नहीं मिला। महेंद्र प्रताप आजाद भारत में लौट आए, लेकिन सुभाष चंद्र बोस को ऐसा अवसर नहीं मिला। महेंद्र प्रताप ने 1957 का चुनाव मथुरा से निर्दलीय लड़ा और करीब तीस हजार मतों से विजयी रहे। इस चुनाव में उन्होंने एक और जाट नेता चौधरी दिगंबर सिंह को हराया था। यहां से उस चुनाव में भारतीय जनसंघ के नेता अटल बिहारी वाजपेयी भी मैदान में थे। हालांकि उनकी जमानत जब्त हो गई। वाजपेयी उस चुनाव में चार जगहों से लड़ रहे थे। मथुरा समेत तीन जगहों पर उनकी हार हुई, जबकि लखनऊ के नजदीक बलरामपुर से वे जीत गए थे।

1 min read
Uday India Hindi
October 03, 2021
RELATED STORIES

MATT SHEAHAN

CAN A NEW 30FT ONE-DESIGN REPEAT THE INCREDIBLE SUCCESS OF THE CLASS 40 FLEET?

3 mins read
Yachting World
November 2021

Safe Travels

Enhanced protocols for aircraft cleanliness protect the health of customers and crews.

5 mins read
Global Traveler
Class Act 2021

What Have We Learned?

We will never forget 9/11. But a more interesting question at the 20th anniversary is, what should we remember—or more...

10+ mins read
Newsweek
September 17, 2021

The U.N.'s Own Humanitarian Crisis

Four years after promising to address its internal “scourge” of sexual assault and abuse, the massive, multinational, extralegal institution remains in conflict with itself.

10+ mins read
New York magazine
September 13 - 26, 2021

El ataque terrorista que cambió el mundo

Este mes se cumplen 20 años del mayor atentado terrorista en la historia de Estados Unidos, que sacudió por completo la idea de seguridad global.

6 mins read
Muy Interesante México
Septiembre 2021

Planning For The Worst

After 9/11, we had a chance to build the downtown that New York deserves. Two decades later, timidity and fear have us hemmed in at every turn.

10+ mins read
New York magazine
August 30 - September 12, 2021

Mistakes Were Made: 9/11 At 20

We should also acknowledge that a pervasive question after 9/11—“Why do they hate us?”—was the wrong question.

10+ mins read
New York magazine
August 30 - September 12, 2021

The Ultimate Surfer

SERIES PREMIERE Monday, Aug. 23, 10/9c, ABC

2 mins read
TV Guide Magazine
August 16-29, 2021 - Double Issue

The 9/11 Century

Twenty years on, how should we think about the worst terrorist attack in American history?

9 mins read
The Atlantic
September 2021

The Legacy of Flight 93

An Army officer remembers his cousin Rich Guadagno and the other 39 heroes who died in Shanksville, Pennsylvania, on September 11

5 mins read
Guideposts
August/September 2021