मौत के मुआवजे की घिनौनी प्रथा मौताणा
Sarita|October First 2021
'मौताणा' राजस्थान के आदिवासी समुदाय के बीच प्रचलित प्रथा है जो अब वसूली करने की कुप्रथा बन कर रह गई है. कुछ वर्षों से देखने में आया है कि यह प्रथा अब जबरन वसूली का तंत्र बन गई है.
देवेंद्रराज सुथार

पिछले दिनों राजस्थान के उदयपुर ' जिले के आदिवासीबहुल क्षेत्र कोटड़ा में शराब पीने से रोकने पर पत्नी की गोली मार कर की गई हत्या के मामले में पुलिस द्वारा कराए गए 10 लाख रुपए के मौताणा समझौते के बाद मृतका का अंतिम संस्कार हो पाया. डूंगरपुर जिले में युवक की हत्या के बाद उस का शव 20 घंटे तक मोर्चरी में पड़ा रहा.

पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा तो वे मोलभाव करने लगे. पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन वे नहीं माने. आखिरकार, 5 अगस्त की शाम को पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच 4 लाख रुपए में शव का निबटारा कर दिया गया. राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिन में बेवजह मौत का जिम्मेदार ठहरा कर मौत की रकम वसूल की जा रही है.

मंडवाल में वृद्ध रणछा 23 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे अपने घर पैदल जा रहा था. रास्ते में बदमाशों ने उसे रोक कर 20 साल पुराने मामले में मौताणे की मांग करते हुए मारपीट की. साथ ही, जबरन बाइक पर बैठा कर जान से मारने की धमकी देते हुए अपहरण कर लिया.

इधर, आबूरोड समीपवर्ती आवल गांव में डामरो की फली में धर्माराम पुत्र भूराराम गरासिया ने अपनी पत्नी काली गरासिया के साथ लाठियों से मारपीट की, जिस से उस की मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी पति फरार हो गया.

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM SARITAView All

रेटिनोपैथी है गंभीर समस्या

सामान्य व्यक्ति की तुलना में डायबिटीज पेशेंट में आंखों की रोशनी गंवाने की आशंका 20 फीसदी अधिक होती है, इस समस्या को रेटिनोपैथी कहते हैं. यहां जानें क्या है यह समस्या और इस से बचे रहने के लिए कैसे सावधानी बरतें.

1 min read
Sarita
December Second 2021

सिविल सोसाइटी को कुचलने की मंशा

देश को एकदलीय शासन की ओर धकेलने की मंशा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के उस वक्तव्य से और स्पष्ट हो जाती है जब वे सिविल सोसाइटी को युद्ध का नया मोरचा करार देते हुए प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को उस से सतर्क रहने व उस पर नजर रखने की नसीहत देते हैं.

1 min read
Sarita
December Second 2021

पुलिस का यातनागृह

आमतौर पर आम लोगों के मन में पुलिस के प्रति सकारात्मक भावना नहीं होती. धारणा बनी है कि 'पुलिस से न दोस्ती अच्छी, न दुश्मनी अच्छी.' यह इसलिए कि पुलिस से लोग सुरक्षित कम, डर ज्यादा महसूस करते हैं. कस्टोडियल डैथ और यातनाओं के आंकड़े डराते हैं.

1 min read
Sarita
December Second 2021

बराबरी

10 साल की सनाया को जब वाशरूम में यूरिन के साथ ब्लड आया तो यह देख वह घबरा गई. मां को बताया, वे समझ गईं कि इसे माहवारी हुई है. इसे ले कर मां सोनल के मन में एक नई तसवीर उभरी. क्या थी वह तसवीर?

1 min read
Sarita
December Second 2021

नजरिया

हर मातापिता का सपना होता है कि उन की बेटी ब्याह कर जहां भी जाए, सुख से रहे. पिता रामलाल ने अच्छा लड़का देख शादी तय कर दी, परंतु बेटी का नजरिया पिता से हट कर निकला. शादी से ठीक एक हफ्ता पहले वह अपने प्रेमी सुखविंदर के साथ रहने चली गई. क्या रामलाल बेटी को माफ कर पाया? क्या रामलाल का नजरिया बेटीदामाद को ले कर कभी बदल सका या...

1 min read
Sarita
December Second 2021

भारतीय जमीन चीनी गांव

पेंटागन की हालिया रिपोर्ट में भी चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 'कब्जाए क्षेत्र' पर 100 घरों के गांव बसाने की पुष्टि हुई है. यह बात काफी पहले से चल रही थी, जिस का रूलिंग पार्टी लगातार खंडन कर रही थी. सिर्फ गांव की बात नहीं, रिपोर्ट में सामने आए अन्य तथ्य भारत के लिए और अधिक चिंता खड़ी करते हैं.

1 min read
Sarita
December Second 2021

चुनौतियां 2021 की आशा 2022 की

2 वर्ष सामाजिक अवसाद और तनाव में गुजारने के बाद नए साल को ले कर लोगों के मन में अब आशंकाओं से ज्यादा संभावनाएं हैं, क्योंकि कोरोना वैक्सीन ने जिंदगी के प्रति आश्वस्त कर दिया है. कोरोनाकाल की उपलब्धियों से लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है लेकिन चुनौतियां अभी भी कम नहीं, जिन से निबटने के लिए व्यक्तिगत से ले कर वैश्विक स्तर तक एकजुटता और परस्पर सहयोग जरूरी है.

1 min read
Sarita
December Second 2021

बढ़ती उम्र में खुद को रखें आर्थिक रूप से मजबूत

बढ़ती उम्र में अपनी मजबूती के लिए रुपएपैसों के साथ ही हैल्थ का भी ध्यान रखें. हैल्थ भी एक तरह की वैल्य ही होती है. सो, खुद को ऐक्टिव रखें ताकि दूसरे पर कम से कम निर्भर हों.

1 min read
Sarita
December Second 2021

कभी कुछ काम न करना भी जरूरी

कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जो एक पल भी खाली नहीं बैठ सकतीं. अगर उन के पास काम नहीं तो उन्हें बेचैनी होने लगती है. आमतौर पर लोगों को यह सामान्य लगता है पर संभव है कि वे किसी अवसाद से ग्रस्त हों. कहीं आप की नजर में तो नहीं कोई ऐसी महिला?

1 min read
Sarita
December Second 2021

ऊंची जातियों की शराब कमजोर जातियों को करे खराब

शराब में ढेर बुराइयां हैं, फिर भी लोग इसे पीने के लिए बेताब रहते हैं, आखिर क्यों? शराब की कहानी ठेके के बाहर लाइन में लग कर खरीदने वाले लोगों की नहीं है, ये तो मोहरे हैं, असल कहानी उन की है जो इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड हैं, जिन का फायदा लोगों को नशे में डुबोए रखने से होता है.

1 min read
Sarita
December Second 2021