गांव से आए साहब
Outlook Hindi|September 07, 2020
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में बढ़ रहा ग्रामीण परिवेश से आए लोगों का दबदबा
भावना विज-अरोड़ा

महाराष्ट्र काडर के 1983 बैच के आइएएस अधिकारी उपमन्यु चटर्जी संभवतः 80 और 90 के दशक के सर्वोत्कृष्ट सिविल सेवा अधिकारी का प्रतिमान हैं। उन जैसे कई अधिकारी 21वीं सदी में भी देखने को मिले। उपमन्यु चटर्जी ने 'द कॉलेज' (दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज के एल्युमनी इसे इसी नाम से बुलाते हैं) में पढ़ाई की थी। इस कॉलेज के अनेक छात्रों ने सिविल सेवा में जगह बनाई और संस्थान को उत्कृष्ट दर्जा दिलाया। उपमन्यु चटर्जी ने अपने उपन्यास इंग्लिश, अगस्त में प्रचलित मानसिकता को दर्शाया है। उपन्यास का मुख्य पात्र अगस्त्य सेन है। आइएएस की परीक्षा पास करने के बाद उसकी पोस्टिंग छोटे शहर में हो जाती है। यह शहर 'देश के पिछड़े इलाके में एक छोटे से बिंदु' की तरह है। नायक खुद को इस शहर से नहीं जोड़ पाता। शहर की रीति-नीति भी उसे मुश्किल से समझ में आती है।

देश के पिछड़े इलाकों के इन्हीं छोटे बिंदुओं से अब न सिर्फ आइएएस अधिकारी निकल रहे हैं, बल्कि सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल कर रहे हैं। मराठवाड़ा क्षेत्र के जालना जिले का शेदगांव ऐसा ही एक छोटा सा बिंदु है, जहां से अब तक का सबसे कम उम्र का आइएएस अधिकारी शेख अंसार अहमद निकला है। अहमद के पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे और मां खेत में मजदूरी करती थीं। अहमद ने 2015 में सिर्फ 21 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास की थी।

अहमद अपने गृह शहर जैसी ही छोटी जगह, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा में सब डिविजनल अफसर (एसडीओ) पद पर तैनात हैं। वे बड़े आराम से स्थानीय लोगों के साथ बांग्ला में बातें करते हैं। उन्हें अक्सर इस इलाके में पैदल जाते और लोगों को मास्क पहनने का महत्व बताते हुए देखा जा सकता है। दिनहाटा से फोन पर उन्होंने आउटलुक से कहा, "बांग्ला सीखना मेरे लिए मुश्किल नहीं था। यह एक तरह से मराठी और हिंदी का मिश्रण है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे अपनी भाषा में ही मुझसे बात करें और मैं उनकी बातें ध्यान से सुनता हूं।"

अहमद अतीत और अब तक आई मुश्किलों का जिक्र करने और खुद को शोषित दिखाने से झिझकते हैं। सच तो यह है कि उनकी पृष्ठभूमि तीन तरह से कमजोर थी। उन्होंने कहा, "एक तो मैं मुसलमान हूं। दूसरे, महाराष्ट्र के एक गरीब जिले से आता हूं और तीसरी बात, मेरा परिवार आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा रहा है। आप जितनी तरह की परेशानियां सोच सकते हैं वह सब मैंने झेली हैं, लेकिन कभी भी सिविल सेवा में आने के लक्ष्य से डिगा नहीं।" अहमद दसवीं कक्षा में थे जब उन्होंने अफसर बनने का सपना देखा था। दरअसल उस समय उनके सबसे प्रिय शिक्षक ने राज्य की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और उनका नाम स्थानीय अखबार में छपा था। अहमद बताते हैं कि उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगता था क्योंकि अपने इर्द-गिर्द फैली नकारात्मकता से बचने का यही एकमात्र रास्ता उन्हें सूझता था।

अहमद के पिता ने सिर्फ पहली कक्षा तक पढ़ाई की थी, इसलिए जब अहमद ने चौथी कक्षा पास कर ली तो उनके पिता को लगा कि बहुत पढ़ाई कर ली। बेटे का नाम स्कूल से कटवाने वाले ही थे कि एक शिक्षक ने यह कहकर उन्हें मनाया की अहमद पढ़ने में काफी तेज है और इसका भविष्य उज्जवल हो सकता है। इसके बाद परिवार ने हमेशा अहमद का साथ दिया। आइएएस अफसरों का एक और हब माने जाने वाले पुणे के फर्गुसन कॉलेज में बेटे को पढ़ाने के लिए परिवार ने अपना छोटा सा घर भी बेच दिया। रोजाना आठ से नौ घंटे पढ़ाई करने वाले अहमद ने पहले प्रयास में ही आइएएस की परीक्षा पास कर ली थी।

इस वर्ष भी हरियाणा के सोनीपत जिले के छोटे से गांव तेवड़ी के किसान परिवार के प्रदीप सिंह मलिक ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के आठ लाख अभ्यर्थियों में पहला स्थान हासिल किया। तीसरा स्थान हासिल करने वाली प्रतिभा वर्मा के माता-पिता उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्कूल टीचर हैं। 71वां रैंक हासिल करने वाली यशस्विनी बी. कर्नाटक के चिकमगलूर के निकट बनूर गांव की रहने वाली हैं और उन्होंने सातवीं कक्षा तक कन्नड़ मीडियम स्कूल में ही पढ़ाई की थी। दरअसल, दिल खुश कर देने वाली ऐसी प्रतिभाओं की गूंज समूचे देश के पिछड़े इलाकों में सुनाई दे रही है।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM OUTLOOK HINDIView All

कोई भी संविधान नहीं बदल सकता

संसद की नई इमारत के प्रस्ताव से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला खासे उत्साहित हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर संसद का सत्र नए भवन में आयोजित होगा। उनका कहना है कि किसी भी संसदीय लोकतंत्र में संविधान उसकी आत्मा होती है और कोई भी सरकार उसकी मूल भावना में बदलाव नहीं कर सकती। उन्होंने आउटलुक के एडिटर-इन-चीफ रूबेन बनर्जी और पॉलिटिकल एडिटर भावना विजअरोड़ा से खास बातचीत की है। उसके मुख्य अंश:

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

बिजनेस छिनने का डर

छोटी कंपनियों को तिमाही रिटर्न फाइल करने की सुविधा, लेकिन टैक्स क्रेडिट में देरी के कारण बड़ी कंपनियां उनसे सामान नहीं खरीद रहीं

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

एमएसपी तो बाजार के भी हित में

इसके कारण देश के कृषि बाजारों में कीमतों में उतार-चढ़ाव 20 से 25 फीसदी तक कम, नेताओं ने इसका इस्तेमाल वोट जुटाने में भी किया

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

"मैं हिंदी सिनेमा की बदलती रवायत की प्रोडक्ट"

भूमि पेडनेकर दुर्गामति: द मिथ में शीर्षक भूमिका निभा रही हैं। यह अनुष्का शेट्टी की तमिल-तेलुगु फिल्म भागमति का हिंदी में रीमेक है, जो इसी हफ्ते अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। अपनी शुरुआती ही फिल्म दम लगा के हइशा में खूब तारीफ बटोर चुकी 31 साल की इस अभिनेत्री ने गिरिधर झा से अपने करिअर और बॉलीवुड में पांच साल बिताने के अनुभवों के बारे में बात की। पेश हैं अंश:

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

कितने तैयार हम

देश में जनवरी तक टीका लगना शुरू होने की उम्मीद, सीरम इंस्टीट्यूट-भारत बॉयोटेक ने आपात मंजूरी के लिए दी अर्जी, लेकिन असली सवाल कायम कि किसे, कब तक, और मुफ्त में या दाम देकर मिलेगी वैक्सीन

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

मजबूत किसान मोर्चेबंदी

नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की चौहद्दी और देश भर में मोर्चे पर डटे किसानों के पक्ष में बढ़ते जन समर्थन से क्या सरकार का कथित सुधार का एजेंडा दोराहे पर पहुंचा?

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

रजनी दांव से कौन होगा चित

रजनीकांत के आने से प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक की मुश्किलें बढ़ने के आसार

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

राज्य भी केंद्र को लोहे के चने चबवा सकते हैं

झारखंड के गठन के बीस साल हुए। इन वर्षों में झारखंड की दशा-दिशा क्या रही और चुनौतियां क्या हैं? इन सवालों के साथ एक साल पूरा कर रही झामुमो-कांग्रेस गठजोड़ सरकार के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोरोना के दौर में खाली खजाना और विपक्ष से भी मुकाबिल हैं। उन्होंने चुनौतियों और कामकाज पर आउटलुक के नवीन कुमार मिश्र से अपने अनुभव साझा किए। बातचीत के प्रमुख संपादित अंशः

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

सवाल कप्तानी का

फिलहाल तो विराट जमे हुए हैं मगर आने वाले कुछ महीनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020

सार्वजनिक स्वास्थ्य में निवेश बढ़ाने की जरूरत

2021 में हमारा फोकस संक्रामक रोगों पर होना चाहिए, टीबी को खत्म करना सामाजिक आंदोलन बने

1 min read
Outlook Hindi
December 28, 2020
RELATED STORIES

FCC AWARDS $25M TO EXPAND INTERNET IN RURAL NEW HAMPSHIRE

Internet providers in New Hampshire will receive more than $25 million in federal funding over 10 years to expand broadband access across in rural parts of the state, the Federal Communications Commission announced this week.

1 min read
AppleMagazine
AppleMagazine #477

in remission

FOR MUCH OF THE 20TH CENTURY, cancer was an unspeakable diagnosis.

2 mins read
Popular Science
Winter 2020

WALGREENS DIVES INTO PRIMARY CARE WITH CLINIC EXPANSION

Walgreens will squeeze primary care clinics into as many as 700 of its U.S. stores over the next few years in a major expansion of the care it offers customers.

2 mins read
AppleMagazine
AppleMagazine #454

Amy Wilson

Television's Female in Rodeo

8 mins read
COWGIRL
May - June 2020

Chronicle of a fire foretold

Vast swaths of Australia are in flames—and the country’s plight has put a global focus on climate change

7 mins read
Bloomberg Businessweek
January 13, 2020

Glamping outfit meets with Surry Planning Board

SURRY—Glamping, or glamorous camping, may come to Surry with Under Canvas, a company that offers “glamping adventure packages” near national state parks.

2 mins read
The Weekly Packet
11/28/2019

How Ipsy Is Reinventing The Cosmetics Industry

YouTube star and Ipsy founder Michelle Phan is at the forefront of the social reinvention of the $39 billion cosmetics industry.

6 mins read
Fast Company
February 2016

From Bedroom Blogger To Media Mogul

From bedroom blogger to media mogul, Michelle Phan is not only on fleek - girl is on fire. 

10+ mins read
NYLON
February 2016

Karuna Sagar Bags Bharat Gaurav Award

Karuna Sagar, a 1991 batch IPS officer of the TN cadre, has bagged the prestigious Bharat Gaurav Award for the year 2020 under the public service category.

1 min read
The New Indian Express Chennai
January 20, 2021

The Decline Of Rural Can Be Stopped

Our country is less rural now than it has ever been. Is that really the trajectory to take? How do we make the rural milieu more attractive?

4 mins read
The New Indian Express Chennai
January 19, 2021