क्रिप्टो करेंसी का जुनून
India Today Hindi|December 01, 2021
क्रिप्टो के उन्माद को हवा दे रहा है डिजिटल मुद्रा में युवा भारतीयों का 6 अरब डॉलर का निवेश. क्या यह बुलबुला है जो फूटने का इंतजार कर रहा है?
एम.जी. अरुण

एक दोस्त ने 2019 में मुंबई के विज्ञापन जगत के पेशेवर 42 वर्षीय शौविक सेन का तआरुफ क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया से करवाया. कौतूहल से भरे सेन ने एक क्रिप्टो एक्सचेंज में रजिस्टर कर लिया. केवाइसी (नो योर कस्टमर) नियमों की अनिवार्यताएं पूरी करने के बाद उन्होंने अपना बैंक खाता एक्सचेंज के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से लिंक कर दिया. फिर उन्होंने म्यूचुअल फंड की बचत का एक हिस्सा कुछ क्रिप्टोकरेसियों में निवेश कर दिया. करीबी दोस्तों ने डिजिटल जगत में इस तरह 'जुआ खेलने' के खिलाफ उन्हें आगाह किया लेकिन सेन इतने उत्सुक और उत्साहित थे कि उन्होंने किसी की एक न सुनी. उन्होंने सबसे बड़ा दांव एथेरियम पर लगाया, जो मूल्य के लिहाज से बिटकॉइन के बाद दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है. उन्होंने कुछ एथेरियम खरीदे, जिनमें से हरेक 15,000 रुपए का था, और इस साल की शुरुआत में जब उनमें हरेक का मूल्य 2.7 लाख रुपए पर पहुंच गया तो बेच दिए. वे कहते हैं, “अगर ज्यादा इंतजार करता तो मैं और ज्यादा पैसा बना सकता था, क्योंकि एथेरियम की कीमत फिलहाल 3.5 लाख रुपए है. मगर क्रिप्टो की दुनिया में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता.

सेन उन लाखों भारतीयों में हैं जो इन दिनों क्रिप्टो उन्माद की गिरफ्त में हैं. क्रिप्टोकरेंसी केंद्रीय बैंकिंग व्यवस्था के दायरे से बाहर काम करती है और अल साल्वाडोर तथा अब क्यूबा को छोड़कर यह कहीं भी वैध मुद्रा नहीं है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी ट्रेडिंग के हिसाब से इसका मूल्य तय होता है और इसीलिए कई लोग इसे महज क्रिप्टो कहना पसंद करते हैं. असल में, पहली क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ऑनलाइन गेमिंग में प्रोत्साहन लाभ देने वाले टोकन के तौर पर शुरू हुई थी. जब ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें लेन-देन करने लगे तो इसकी कीमत बढ़ने लगी. 15 नवंबर को ऑनलाइन व्यापार में एक बिटकॉइन की कीमत 65,734 डॉलर या लगभग 48.7 लाख रुपए थी.

यह ज्यादा जोखिम ज्यादा इनाम की इसकी खासियत ही है जिसने युवा भारतीयों को अपनी तरफ लुभाया है. कॉइनस्विच कुबेर क्रिप्टो एक्सचेंज के संस्थापक और सीईओ आशीष सिंघल के मुताबिक, डेढ़-दो करोड़ भारतीयों ने क्रिप्टोकरेंसियों में करीब 6 अरब डॉलर (44,400 करोड़ रु.) निवेश किए हैं. कुबेर में 80 क्रिप्टोकरेंसी खरीदी और बेची जा सकती हैं.

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